4 सितंबर 2026
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देवेश कुमार ने बिहार राज्य योजना बोर्ड के उपाध्यक्ष का पदभार संभाला, बोर्ड को 'नीति आयोग जैसा थिंक टैंक' बनाने का संकल्प

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देवेश कुमार ने बिहार राज्य योजना बोर्ड के उपाध्यक्ष का पदभार संभाला, बोर्ड को 'नीति आयोग जैसा थिंक टैंक' बनाने का संकल्प

सारांश

देवेश कुमार ने बिहार राज्य योजना बोर्ड के उपाध्यक्ष का पदभार संभाल लिया है। पत्रकार से राजनेता बने और स्वतंत्रता सेनानी के पोते देवेश कुमार ने बोर्ड को नीति आयोग की तर्ज पर राज्य का प्रमुख थिंक टैंक बनाने का संकल्प जताया।

मुख्य बातें

देवेश कुमार ने 4 सितंबर को बिहार राज्य योजना बोर्ड के उपाध्यक्ष का पदभार ग्रहण किया।
योजना और विकास विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव एन.
विजयलक्ष्मी ने गुलदस्ता देकर स्वागत किया।
देवेश कुमार ने बोर्ड को नीति आयोग की तर्ज पर बिहार का प्रमुख थिंक टैंक बनाने का लक्ष्य रखा।
2021 में राज्यपाल कोटे से बिहार विधान परिषद के लिए नामित हुए थे; बाद में मंत्री दीपक प्रकाश के लिए सीट रिक्त करने हेतु इस्तीफा दिया।
वे स्वतंत्रता सेनानी यमुना कार्यी के पोते हैं और वर्तमान में मिजोरम के लिए BJP राज्य प्रभारी भी हैं।

देवेश कुमार ने शुक्रवार, 4 सितंबर को बिहार राज्य योजना बोर्ड के नवनियुक्त उपाध्यक्ष के रूप में औपचारिक रूप से पदभार ग्रहण किया। पटना स्थित सूचना भवन की पाँचवीं मंजिल पर आयोजित इस कार्यक्रम में योजना एवं विकास विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता, परिजन और बड़ी संख्या में शुभचिंतक उपस्थित रहे।

पदभार ग्रहण समारोह

देवेश कुमार अपनी पत्नी वीरा शर्मा के साथ वाइस-चेयरमैन कार्यालय पहुँचे, जहाँ योजना और विकास विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव एन. विजयलक्ष्मी ने गुलदस्ता भेंट कर उनका स्वागत किया। कार्यक्रम में अतिरिक्त सचिव श्याम बिहारी मीणा, निदेशक सुभाष दास राम और विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी व कर्मचारी भी मौजूद थे।

BJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. अजय आलोक, BJP ओबीसी मोर्चा के राष्ट्रीय महासचिव डॉ. निखिल आनंद, डॉ. आलोक अभिजीत, उदय चंद्र, संजीव क्षत्रिय, रंजन कुमार गौतम और कुणाल कुमार भी इस अवसर पर उपस्थित रहे।

पहली बैठक और भविष्य की रूपरेखा

पदभार ग्रहण के तुरंत बाद देवेश कुमार ने विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ एक परिचय बैठक की। इसके बाद उन्होंने अतिरिक्त मुख्य सचिव एन. विजयलक्ष्मी और अतिरिक्त सचिव श्याम बिहारी मीणा के साथ लगभग एक घंटे तक योजना बोर्ड के पिछले कार्यों, वर्तमान कामकाज और भविष्य की रणनीति पर विस्तृत चर्चा की।

उपाध्यक्ष का विज़न

मीडिया से बातचीत में देवेश कुमार ने कहा, 'बिहार में योजना बनाने, उसे लागू करने और भविष्य के विजन को लेकर काम करने की बहुत गुंजाइश है। इस संदर्भ में, योजना बोर्ड का बहुत महत्व है। योजना बोर्ड खुद को बिहार राज्य के लिए एक प्रमुख थिंक टैंक के तौर पर स्थापित कर सकता है, ठीक वैसे ही जैसे राष्ट्रीय स्तर पर नीति आयोग है।'

उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी प्राथमिकता बिहार के दीर्घकालिक विकास के लिए योजना बोर्ड को एक महत्वपूर्ण और प्रासंगिक संस्थान के रूप में स्थापित करना होगी।

देवेश कुमार का राजनीतिक सफर

देवेश कुमार स्वतंत्रता सेनानी यमुना कार्यी के पोते हैं। सक्रिय राजनीति में आने से पहले उन्होंने कई संगठनों के साथ पत्रकार के रूप में कार्य किया। BJP में शामिल होने के बाद उन्होंने पार्टी में संगठनात्मक जिम्मेदारियाँ सँभालीं और वे वर्तमान में मिजोरम के लिए BJP के राज्य प्रभारी के रूप में कार्यरत हैं।

2021 में उन्हें राज्यपाल कोटे से बिहार विधान परिषद के लिए नामित किया गया था। बाद में उन्होंने पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश के विधानमंडल में प्रवेश का मार्ग प्रशस्त करने के लिए परिषद से इस्तीफा दे दिया। दीपक प्रकाश के मंत्री बनने के समय वे किसी भी सदन के सदस्य नहीं थे, इसलिए देवेश कुमार के इस्तीफे से रिक्त हुई सीट पर उन्हें राज्यपाल कोटे से नामित किया गया।

अब योजना बोर्ड के उपाध्यक्ष के रूप में देवेश कुमार के सामने बिहार की विकास योजनाओं को नई दिशा देने की चुनौती है, और उनके कार्यकाल पर राज्य की नज़रें टिकी रहेंगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

और उसे 'नीति आयोग जैसा थिंक टैंक' बनाने का विज़न महत्वाकांक्षी है — लेकिन इसके लिए संस्थागत क्षमता, स्वायत्तता और बजटीय समर्थन की ज़रूरत होगी, जिसका अभी कोई स्पष्ट खाका सामने नहीं आया। देवेश कुमार का पत्रकारिता और संगठन कार्य का अनुभव संचार में सहायक हो सकता है, परंतु नीति-निर्माण की तकनीकी जटिलताओं में उनकी परीक्षा आगे होगी।
RashtraPress
4 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

देवेश कुमार कौन हैं और उन्हें बिहार योजना बोर्ड का उपाध्यक्ष क्यों बनाया गया?
देवेश कुमार BJP नेता, पूर्व पत्रकार और स्वतंत्रता सेनानी यमुना कार्यी के पोते हैं, जिन्हें बिहार राज्य योजना बोर्ड का उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। वे मिजोरम के लिए BJP के राज्य प्रभारी भी हैं और 2021 में राज्यपाल कोटे से बिहार विधान परिषद के लिए नामित हो चुके हैं।
बिहार राज्य योजना बोर्ड क्या करता है?
बिहार राज्य योजना बोर्ड राज्य की विकास योजनाओं की रूपरेखा तैयार करने और उनके क्रियान्वयन की निगरानी में सहायक भूमिका निभाता है। नए उपाध्यक्ष देवेश कुमार ने इसे राष्ट्रीय नीति आयोग की तर्ज पर राज्य का प्रमुख थिंक टैंक बनाने का संकल्प जताया है।
देवेश कुमार ने बिहार विधान परिषद से इस्तीफा क्यों दिया था?
देवेश कुमार ने पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश के लिए विधान परिषद में सीट रिक्त करने हेतु इस्तीफा दिया था। दीपक प्रकाश मंत्री बनने के समय किसी भी सदन के सदस्य नहीं थे, इसलिए संवैधानिक आवश्यकता के तहत उन्हें सदन की सदस्यता लेनी थी।
पदभार ग्रहण के बाद देवेश कुमार ने क्या किया?
पदभार ग्रहण के बाद देवेश कुमार ने विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ परिचय बैठक की। इसके बाद उन्होंने अतिरिक्त मुख्य सचिव एन. विजयलक्ष्मी और अतिरिक्त सचिव श्याम बिहारी मीणा के साथ लगभग एक घंटे तक योजना बोर्ड के पिछले कार्यों और भविष्य की रणनीति पर चर्चा की।
देवेश कुमार का बिहार के विकास के लिए क्या विज़न है?
देवेश कुमार का लक्ष्य बिहार योजना बोर्ड को नीति आयोग की तर्ज पर राज्य का प्रमुख थिंक टैंक बनाना है। उनके अनुसार बिहार में योजना निर्माण, क्रियान्वयन और दीर्घकालिक विकास के क्षेत्रों में काम करने की व्यापक संभावनाएँ हैं।
राष्ट्र प्रेस
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