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धरोई पर्यटन प्रोजेक्ट का 95% काम पूरा, 3-4 महीने में खुलेगा रिवर फ्रंट

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धरोई पर्यटन प्रोजेक्ट का 95% काम पूरा, 3-4 महीने में खुलेगा रिवर फ्रंट

सारांश

गुजरात के मेहसाणा में ₹1,100 करोड़ का धरोई पर्यटन प्रोजेक्ट 95% पूरा हो चुका है। रिवर फ्रंट 3-4 महीने में खुलने वाला है। वॉटर स्पोर्ट्स एरिना, टेंट सिटी और एडवेंचर फेस्ट के साथ यह परियोजना उत्तर गुजरात को नए पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने की तैयारी में है।

मुख्य बातें

धरोई पर्यटन प्रोजेक्ट का 95 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है।
कार्यकारी इंजीनियर एसएस पटेल के अनुसार रिवर फ्रंट आगामी 3-4 महीनों में पूरा होगा।
प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत लगभग ₹1,100 करोड़ ; तीन चरणों में होगा पूर्ण।
सुविधाओं में वॉटर स्पोर्ट्स एरिना , टेंट सिटी , होटल, रिसॉर्ट, पंचतत्व पार्क और एम्फीथिएटर शामिल।
पर्यटन प्रचार के लिए धरोई एडवेंचर फेस्ट का आयोजन प्रस्तावित।
यह परियोजना वडनगर , अंबाजी , तरंगा और रानी की वाव को जोड़ने वाले उत्तर गुजरात पर्यटन सर्किट का केंद्र बनेगी।

गुजरात के मेहसाणा जिले में स्थित धरोई पर्यटन प्रोजेक्ट का 95 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है और शेष रिवर फ्रंट का काम आगामी 3-4 महीनों में सम्पन्न हो जाएगा। धरोई हेडवर्क्स डिवीजन नंबर-1 के प्रभारी कार्यकारी इंजीनियर एसएस पटेल ने 29 अक्टूबर 2026 को यह जानकारी देते हुए बताया कि मास्टरप्लान के तहत बुनियादी ढाँचे का विकास अब अंतिम पड़ाव पर है।

मुख्य निर्माण कार्य: क्या हुआ पूरा

कार्यकारी इंजीनियर एसएस पटेल के अनुसार, फेज-1 के तहत सड़क नेटवर्क, बिल्डिंग्स, कैफे, रेस्तरां, गार्डन, प्लाजा, वॉटर सप्लाई, बिजली, लैंडस्केपिंग और हार्डस्केपिंग का काम लगभग पूरा हो चुका है। इसके अतिरिक्त, वॉटर स्पोर्ट्स एरिना का विकास भी सम्पन्न हो गया है।

उन्होंने कहा, 'धरोई प्रवासन प्रोजेक्ट के अंतर्गत जो भी मास्टरप्लान है, उसके तहत बेसिक इंफ्रास्ट्रक्चर, सड़क, बिजली, नाला का कार्य पूरा हो चुका है। वॉटर स्पोर्ट एरिना का विकास हो चुका है। रिवर फ्रंट का काम अपने अंतिम चरण में है और आने वाले 3-4 महीने में इसे पूरा कर लिया जाएगा।'

फेज-2 में रिवर फ्रंट और सार्वजनिक सैरगाह

दूसरे चरण में रिवर फ्रंट, थिएटर, लोअर प्रोमिनाड और अपर प्रोमिनाड (तट पथ एवं सार्वजनिक सैरगाह) से जुड़े कार्यों पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। यह खंड ही अभी पूर्णता की प्रतीक्षा में है और इसे जनता के लिए अगले कुछ महीनों में खोलने का लक्ष्य है।

गौरतलब है कि साबरमती नदी पर बने धरोई डैम को सरकार एक वैश्विक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित कर रही है। अहमदाबाद से लगभग 75 किलोमीटर की दूरी पर स्थित यह डैम, उत्तर गुजरात के नए पर्यटन सर्किट का केंद्रबिंदु बनेगा — जो वडनगर, तरंगा, अंबाजी और रानी की वाव जैसे ऐतिहासिक व धार्मिक स्थलों को जोड़ेगा।

₹1,100 करोड़ का प्रोजेक्ट: क्या-क्या बनेगा

लगभग ₹1,100 करोड़ की अनुमानित लागत वाला यह प्रोजेक्ट तीन चरणों में पूरा किया जा रहा है। यहाँ एडवेंचर वॉटर स्पोर्ट्स एरिना, एम्फीथिएटर युक्त रिवर फ्रंट, पंचतत्व पार्क, नाद ब्रह्म उपवन और वॉटर एक्सपीरियंस पार्क विकसित किए जा रहे हैं।

पर्यटकों की सुविधा के लिए टेंट सिटी, होटल और रिसॉर्ट की व्यवस्था भी की जा रही है। पटेल ने बताया कि निजी निवेशकों को यहाँ आमंत्रित किया जा रहा है और उनके निवेश के अनुरूप सुविधाओं का विस्तार होगा।

धरोई एडवेंचर फेस्ट से बढ़ेगी पर्यटकों की भागीदारी

इस परियोजना को जन-जन तक पहुँचाने और पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से धरोई एडवेंचर फेस्ट का आयोजन भी प्रस्तावित है। यह आयोजन स्थानीय और बाहरी पर्यटकों को यहाँ आकर्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

यह ऐसे समय में आया है जब गुजरात सरकार पर्यटन क्षेत्र में बड़े निवेश के ज़रिए राज्य की अर्थव्यवस्था को नई गति देने की कोशिश कर रही है। रिवर फ्रंट के पूरा होने के साथ ही यह परियोजना उत्तर गुजरात के पर्यटन मानचित्र को पूरी तरह बदल सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

100 करोड़ की यह परियोजना गुजरात सरकार की उस बड़ी रणनीति का हिस्सा है, जिसमें हेरिटेज, नेचर और एडवेंचर टूरिज्म को एकसाथ साधने की कोशिश है — लेकिन असली कसौटी यह है कि क्या निजी निवेश वास्तव में उस स्तर पर आएगा जिसकी अपेक्षा की जा रही है। टेंट सिटी और रिसॉर्ट के लिए निजी निवेशकों पर निर्भरता तब तक जोखिम बनी रहती है, जब तक कनेक्टिविटी और फुटफॉल के ठोस आँकड़े सामने न आएं। अहमदाबाद से महज 75 किलोमीटर की दूरी और वडनगर-अंबाजी सर्किट से जुड़ाव इस परियोजना को संभावनाओं से भरपूर बनाता है, मगर क्रियान्वयन की गुणवत्ता और रखरखाव की दीर्घकालिक व्यवस्था ही यह तय करेगी कि यह महज एक और सरकारी परियोजना बनती है या सच में एक जीवंत पर्यटन केंद्र।
RashtraPress
29 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

धरोई पर्यटन प्रोजेक्ट क्या है और यह कहाँ स्थित है?
धरोई पर्यटन प्रोजेक्ट गुजरात के मेहसाणा जिले में साबरमती नदी पर बने धरोई डैम के आसपास विकसित किया जा रहा एक वैश्विक पर्यटन केंद्र है। अहमदाबाद से लगभग 75 किलोमीटर दूर स्थित यह प्रोजेक्ट लगभग ₹1,100 करोड़ की लागत से तीन चरणों में बनाया जा रहा है।
धरोई रिवर फ्रंट कब तक खुलेगा?
कार्यकारी इंजीनियर एसएस पटेल के अनुसार रिवर फ्रंट का काम अंतिम चरण में है और आगामी 3-4 महीनों में इसे पूर्ण कर लिया जाएगा। फेज-1 का 95 प्रतिशत निर्माण पहले ही पूरा हो चुका है।
धरोई पर्यटन प्रोजेक्ट में कौन-कौन सी सुविधाएँ होंगी?
इस परियोजना में एडवेंचर वॉटर स्पोर्ट्स एरिना, एम्फीथिएटर युक्त रिवर फ्रंट, अपर और लोअर प्रोमिनाड, पंचतत्व पार्क, नाद ब्रह्म उपवन, वॉटर एक्सपीरियंस पार्क, टेंट सिटी, होटल और रिसॉर्ट शामिल हैं। पर्यटन प्रचार के लिए धरोई एडवेंचर फेस्ट का आयोजन भी प्रस्तावित है।
धरोई टूरिज्म प्रोजेक्ट किन अन्य पर्यटन स्थलों से जुड़ेगा?
यह परियोजना उत्तर गुजरात के नए पर्यटन सर्किट का केंद्र बनेगी और वडनगर, तरंगा, अंबाजी तथा रानी की वाव जैसे ऐतिहासिक एवं धार्मिक स्थलों को जोड़ेगी। इससे पूरे उत्तर गुजरात क्षेत्र में पर्यटकों की आवाजाही बढ़ने की उम्मीद है।
धरोई प्रोजेक्ट में निजी निवेश की क्या भूमिका होगी?
सरकार टेंट सिटी, होटल और रिसॉर्ट जैसी आतिथ्य सुविधाओं के लिए निजी निवेशकों को आमंत्रित कर रही है। पटेल ने बताया कि निजी निवेशकों के निवेश के अनुरूप आयोजन और सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा।
राष्ट्र प्रेस
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