वासना बैराज सुरक्षा सुदृढ़ीकरण: रिकॉर्ड 35 दिनों में 19 नए गेट, ₹10.15 करोड़ की लागत से मानसून से पहले जीर्णोद्धार
सारांश
मुख्य बातें
अहमदाबाद की जीवनरेखा साबरमती नदी पर स्थित वासना बैराज का मानसून-पूर्व व्यापक नवीनीकरण रिकॉर्ड 35 दिनों में पूरा कर लिया गया है। गुजरात जल संसाधन विभाग ने ₹10.15 करोड़ की लागत से 19 नए द्वार स्थापित किए और 10 मौजूदा द्वारों की मरम्मत की — यह काम उस समयसीमा से कहीं कम में पूरा हुआ जो आमतौर पर ऐसी परियोजनाओं में चार से पाँच महीने लगती है। काम पूरा होते ही बैराज में जल संग्रहण फिर से शुरू हो गया है।
मुख्य घटनाक्रम
बांध सुरक्षा अधिनियम के तहत 2025 में मानसून-पूर्व निरीक्षण के दौरान विभाग के यांत्रिक प्रभाग के अभियंताओं ने बैराज फाटकों के नवीनीकरण और मरम्मत की तत्काल सिफारिश की। इन सिफारिशों पर त्वरित कार्रवाई करते हुए अधिकारियों ने 17 अप्रैल को बैराज को पूरी तरह खाली कर दिया और युद्धस्तर पर कार्य आरंभ किया।
विभिन्न फाटक घटकों का निर्माण पहले ही 4 महीने की अवधि में तैयार कर लिया गया था, जिससे जलाशय खाली होते ही स्थापना कार्य बिना देरी के शुरू हो सका। पाँच भारी-भरकम मोबाइल क्रेनों की मदद से 29 द्वारों का काम — 19 नए और 10 मरम्मत किए गए — मात्र 35 दिनों में संपन्न हुआ।
परियोजना का तकनीकी विवरण
इस जीर्णोद्धार परियोजना में कुल 460 मीट्रिक टन संरचनात्मक इस्पात का उपयोग किया गया। सिविल इंजीनियरिंग दलों ने समानांतर रूप से बैराज के मौजूदा संरचनात्मक घटकों को भी मज़बूत किया, जिससे दीर्घकालिक सुरक्षा और परिचालन विश्वसनीयता सुनिश्चित हो सके।
गौरतलब है कि 1976 में निर्मित यह बैराज अहमदाबाद से गुज़रने वाले जल प्रवाह को नियंत्रित करने और मानसून के दौरान बाढ़ प्रबंधन में केंद्रीय भूमिका निभाता है। लगभग पाँच दशक पुराने इस ढाँचे का यह नवीनीकरण शहर की बाढ़ सुरक्षा के लिहाज़ से अत्यंत महत्त्वपूर्ण माना जा रहा है।
समय का महत्त्व
यह ऐसे समय में आया है जब देश के कई हिस्सों में मानसून दस्तक दे चुका है और गुजरात में भी वर्षा ऋतु की शुरुआत निकट है। अधिकारियों के अनुसार, यदि काम समय पर पूरा न होता तो मानसून के दौरान बैराज की परिचालन क्षमता प्रभावित हो सकती थी, जिससे अहमदाबाद में बाढ़ नियंत्रण पर असर पड़ता।
विभाग ने स्पष्ट किया कि इस तरह की संरचना को खाली करने के बाद सामान्यतः चार से पाँच महीने का समय लगता है, लेकिन पूर्व-निर्मित घटकों और एक साथ कई दलों की तैनाती से यह कार्य रिकॉर्ड समय में संपन्न हुआ।
आम जनता पर असर
वासना बैराज अहमदाबाद के लाखों नागरिकों के लिए जल आपूर्ति और बाढ़ सुरक्षा का प्रमुख स्तंभ है। नवीनीकृत गेट प्रणाली से मानसून के दौरान जल प्रवाह के बेहतर नियंत्रण की उम्मीद है, जो शहरी इलाकों में जलभराव और बाढ़ के जोखिम को कम करेगी। काम पूरा होने के बाद जल संग्रहण की पुनः शुरुआत से पेयजल आपूर्ति भी सुनिश्चित हो सकेगी।
क्या होगा आगे
बैराज में जल संग्रहण फिर से शुरू होने के साथ अधिकारी अब मानसून सीज़न के लिए पूरी तरह तैयार हैं। बांध सुरक्षा अधिनियम के तहत नियमित निरीक्षण की प्रक्रिया जारी रहेगी, और इस परियोजना की सफलता भविष्य में ऐसे त्वरित नवीनीकरण कार्यों के लिए एक मॉडल के रूप में देखी जा सकती है।