सरदार सरोवर बांध 96% भरा, गुजरात के 30 जलाशय शत-प्रतिशत क्षमता पर; 85,456 लोग सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाए
सारांश
मुख्य बातें
गुजरात में सरदार सरोवर नर्मदा बांध अपनी कुल भंडारण क्षमता का 96 प्रतिशत भर चुका है, जबकि राज्य के 206 जलाशयों में सामूहिक रूप से 70.49 प्रतिशत जल भंडारण दर्ज किया गया है। 19 सितंबर 2026 को जारी मानसून के ताज़ा सरकारी आकलन में यह जानकारी सामने आई है।
जलाशयों की स्थिति
राज्य के 30 जलाशय पूरी तरह यानी 100 प्रतिशत क्षमता पर पहुँच चुके हैं। इसके अलावा 38 जलाशयों में जल भंडारण का स्तर 70 से 100 प्रतिशत के बीच है।
25 जलाशयों में 50 से 70 प्रतिशत, 40 जलाशयों में 25 से 50 प्रतिशत और 73 जलाशयों में 25 प्रतिशत से कम पानी है। बढ़ते जल स्तर को देखते हुए 45 बांधों को हाई अलर्ट, 13 को अलर्ट और 10 को चेतावनी श्रेणी में रखा गया है।
मानसून वर्षा का क्षेत्रवार आकलन
19 सितंबर की सुबह 6 बजे तक गुजरात में मानसून सीज़न की कुल 31 इंच बारिश दर्ज की गई, जो राज्य की मौसमी औसत का लगभग 88 प्रतिशत है। क्षेत्रवार आँकड़ों के अनुसार, दक्षिण गुजरात में सबसे अधिक 113.52 प्रतिशत वर्षा हुई, जो मौसमी औसत से भी अधिक है।
इसके बाद पूर्व-मध्य गुजरात में 88.57 प्रतिशत, उत्तर गुजरात में 70.33 प्रतिशत, सौराष्ट्र में 67.86 प्रतिशत और कच्छ में 57.16 प्रतिशत बारिश दर्ज की गई। पिछले 24 घंटों में राज्य के 31 जिलों के 224 तालुकाओं में बारिश हुई और औसतन 17.20 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई।
सबसे अधिक वर्षा अरावली के मेघरज और गिर सोमनाथ के गिर गढ़ड़ा में तीन-तीन इंच दर्ज की गई। अहमदाबाद शहर में 2.87 इंच, साबरकांठा के तलोद में 2.52 इंच और नर्मदा के डेडियापाड़ा में 2.40 इंच बारिश रही।
राहत और बचाव अभियान
मानसून के दौरान बाढ़ प्रभावित इलाकों में लगातार राहत-बचाव अभियान चलाए जा रहे हैं। आँकड़ों के अनुसार, 1 जून से 18 सितंबर के बीच गुजरात में कुल 85,456 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया गया, जबकि 9,822 लोगों को बचाव दलों ने रेस्क्यू किया।
जिलेवार आँकड़ों में नवसारी सबसे आगे रहा, जहाँ 29,198 लोगों को निकाला गया। इसके बाद वलसाड में 22,214 और सूरत में 17,992 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया गया।
राहत बलों की तैनाती
आपदा प्रबंधन के लिए गुजरात के विभिन्न इलाकों में NDRF की 10 टीमें और SDRF की 28 प्लाटून तैनात की गई हैं। इसके अतिरिक्त NDRF की 4 और SDRF की 5 टीमों को रिज़र्व में रखा गया है। यह ऐसे समय में आया है जब दक्षिण गुजरात में मौसमी औसत से अधिक वर्षा पहले ही बड़े पैमाने पर विस्थापन का कारण बन चुकी है।
गौरतलब है कि सरदार सरोवर बांध का जल स्तर इस समय महत्वपूर्ण स्तर पर है और आगे और वर्षा की स्थिति में प्रशासन की निगरानी और कड़ी हो सकती है।