27 अगस्त 2026
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दिग्विजय सिंह का अल्टीमेटम: 5 सितंबर तक नियुक्ति नहीं तो 24 घंटे की भूख हड़ताल, MP में 5,820 शिक्षक पद लंबित

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दिग्विजय सिंह का अल्टीमेटम: 5 सितंबर तक नियुक्ति नहीं तो 24 घंटे की भूख हड़ताल, MP में 5,820 शिक्षक पद लंबित

सारांश

दिग्विजय सिंह ने शिक्षक दिवस को अपनी चेतावनी की समय-सीमा बनाया — 2023 की भर्ती परीक्षा में चयनित 5,820 अभ्यर्थी तीन साल बाद भी नियुक्ति के इंतज़ार में हैं। अब उन्होंने CM मोहन यादव को अल्टीमेटम दिया है: 5 सितंबर तक नियुक्ति नहीं तो 24 घंटे की भूख हड़ताल।

मुख्य बातें

पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने 27 अगस्त 2026 को CM मोहन यादव को पत्र लिखकर 5 सितंबर 2026 तक नियुक्ति न होने पर 24 घंटे की भूख हड़ताल की चेतावनी दी।
उच्च माध्यमिक शिक्षक भर्ती (वर्ग-1) के लिए 2023 में परीक्षा हुई थी; कुल 8,721 पद विज्ञापित थे।
अब तक केवल 2,901 पदों पर नियुक्तियाँ दी गई हैं; 5,820 पद अभी भी लंबित हैं।
चयनित अभ्यर्थी भर्ती प्रक्रिया के लगभग तीन वर्ष बाद भी नियुक्ति की प्रतीक्षा में हैं।
अभ्यर्थी नियुक्तियों के साथ-साथ रोस्टर में पदवृद्धि की माँग भी कर रहे हैं।

मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने 27 अगस्त 2026 को मुख्यमंत्री मोहन यादव को पत्र लिखकर चेतावनी दी है कि यदि उच्च माध्यमिक शिक्षक भर्ती (वर्ग-1) के चयनित अभ्यर्थियों को 5 सितंबर 2026 से पहले नियुक्ति नहीं मिली, तो वे 24 घंटे की भूख हड़ताल पर बैठेंगे। 8,721 विज्ञापित पदों में से अब तक केवल 2,901 पर ही नियुक्तियाँ दी गई हैं, जबकि 5,820 पद अभी भी रिक्त हैं।

मुख्य घटनाक्रम

उच्च माध्यमिक शिक्षक भर्ती (वर्ग-1) के लिए वर्ष 2023 में चयन परीक्षा आयोजित की गई थी। पात्र अभ्यर्थियों के लिए मुख्य चयन परीक्षा भी आयोजित हुई और दोनों परीक्षाओं में सफल होने के बावजूद सरकार ने अब तक केवल 2,901 पदों पर ही नियुक्तियाँ दी हैं। शेष 5,820 पदों पर नियुक्ति की प्रतीक्षा कर रहे अभ्यर्थी लगभग तीन वर्षों से अपने हक के लिए संघर्ष कर रहे हैं।

दिग्विजय सिंह ने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में कहा कि चयनित अभ्यर्थियों ने उनके समक्ष अपनी माँगों से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किया है। उन्होंने यह भी बताया कि अभ्यर्थी नियुक्तियों के साथ-साथ रोस्टर में पदवृद्धि की माँग भी कर रहे हैं।

सरकार की व्यवस्था पर सवाल

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि एक ओर प्रदेश के विद्यालयों में शिक्षकों की आवश्यकता बनी हुई है, वहीं दूसरी ओर चयनित और योग्य अभ्यर्थी नियुक्ति के लिए संघर्ष करने को मजबूर हैं। उनके अनुसार, पहले पद विज्ञापित करना, फिर चयन परीक्षाएँ आयोजित करना और उसके बाद सभी चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति न देना प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

गौरतलब है कि भर्ती प्रक्रिया के लगभग तीन वर्ष बीत जाने के बाद भी विज्ञापित पदों पर चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति न दिया जाना इस मामले को और अधिक गंभीर बनाता है। परीक्षा उत्तीर्ण करने और चयन प्रक्रिया पूरी करने के बाद वर्षों तक नियुक्ति की प्रतीक्षा करवाना, दिग्विजय सिंह के अनुसार, युवाओं के भविष्य के साथ अन्याय है।

आम अभ्यर्थियों पर असर

सैकड़ों चयनित अभ्यर्थी अपनी माँगों को लेकर आंदोलनरत हैं। ये वे युवा हैं जिन्होंने दो-दो परीक्षाएँ उत्तीर्ण कीं, फिर भी नियुक्ति की प्रतीक्षा में वर्ष गुज़ारते रहे। नियुक्ति में देरी के कारण उनके करियर और आजीविका पर सीधा प्रतिकूल असर पड़ रहा है।

यह ऐसे समय में आया है जब मध्य प्रदेश के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी एक जानी-मानी समस्या रही है। चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्ति न होना इस कमी को और गहरा करता है।

भूख हड़ताल की चेतावनी

दिग्विजय सिंह ने मुख्यमंत्री मोहन यादव से स्पष्ट कहा है कि यदि शिक्षक दिवस (5 सितंबर 2026) से पहले सरकार इन चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति प्रदान नहीं करती, तो वे 5 सितंबर 2026 से 24 घंटे की भूख हड़ताल पर बैठने के लिए विवश होंगे। यह चेतावनी शिक्षक दिवस के प्रतीकात्मक महत्व को देखते हुए राजनीतिक रूप से भी उल्लेखनीय है।

अब सभी की निगाहें मुख्यमंत्री मोहन यादव की प्रतिक्रिया और सरकार के अगले कदम पर टिकी हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

परीक्षा लो, चयन करो, और फिर नियुक्ति को अनिश्चितकाल के लिए लटका दो। तीन वर्षों में 5,820 पदों पर नियुक्ति न होना महज़ प्रशासनिक विलंब नहीं, बल्कि उन युवाओं के साथ संस्थागत विश्वासघात है जिन्होंने राज्य की शर्तों पर परीक्षा दी। दिग्विजय सिंह की भूख हड़ताल की चेतावनी राजनीतिक रूप से सुविधाजनक हो सकती है, लेकिन इससे मूल प्रश्न नहीं बदलता: सरकार ने अपने ही विज्ञापित पदों पर नियुक्ति क्यों नहीं दी? जब तक इसका ठोस जवाब नहीं मिलता, यह मामला MP की शिक्षा व्यवस्था और सरकारी जवाबदेही दोनों पर सवालिया निशान बना रहेगा।
RashtraPress
27 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिग्विजय सिंह किस मुद्दे पर भूख हड़ताल की चेतावनी दे रहे हैं?
दिग्विजय सिंह उच्च माध्यमिक शिक्षक भर्ती (वर्ग-1) के उन 5,820 चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्ति न होने पर भूख हड़ताल की चेतावनी दे रहे हैं जिन्होंने 2023 में परीक्षा उत्तीर्ण की थी। उन्होंने CM मोहन यादव को पत्र लिखकर 5 सितंबर 2026 तक नियुक्ति की माँग की है।
MP उच्च माध्यमिक शिक्षक भर्ती वर्ग-1 में कितने पद विज्ञापित थे और कितनों पर नियुक्ति हुई?
भर्ती के लिए कुल 8,721 पद विज्ञापित किए गए थे। इनमें से अब तक केवल 2,901 पदों पर नियुक्तियाँ दी गई हैं, जबकि 5,820 पद अभी भी लंबित हैं।
दिग्विजय सिंह की भूख हड़ताल कब होगी?
यदि सरकार शिक्षक दिवस (5 सितंबर 2026) से पहले चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति नहीं देती, तो दिग्विजय सिंह 5 सितंबर 2026 से 24 घंटे की भूख हड़ताल पर बैठेंगे।
चयनित अभ्यर्थी नियुक्ति के अलावा और क्या माँग कर रहे हैं?
चयनित अभ्यर्थी नियुक्तियों के साथ-साथ रोस्टर में पदवृद्धि की माँग भी कर रहे हैं। सैकड़ों अभ्यर्थी इन माँगों को लेकर आंदोलनरत हैं।
यह भर्ती परीक्षा कब आयोजित हुई थी और कितना समय बीत चुका है?
उच्च माध्यमिक शिक्षक भर्ती (वर्ग-1) की चयन परीक्षा वर्ष 2023 में आयोजित की गई थी। भर्ती प्रक्रिया को लगभग तीन वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन हज़ारों चयनित अभ्यर्थियों को अब तक नियुक्ति नहीं मिली है।
राष्ट्र प्रेस
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