दिशा सालियान के पिता का आदित्य ठाकरे पर पलटवार: 'कर्मों का फल मिलेगा'
सारांश
मुख्य बातें
दिशा सालियान के पिता सतीश सालियान ने 16 सितंबर 2026 को आदित्य ठाकरे के उस प्रेस बयान को 'साफ झूठ और गुमराह करने वाला' करार दिया, जिसमें ठाकरे ने कहा था कि वे दिशा को नहीं जानते थे और उन पर लगे आरोप राजनीतिक मकसद से प्रेरित हैं। सतीश सालियान के अनुसार, आदित्य ठाकरे कथित गैंगरेप-मर्डर और मामले को दबाने की कोशिश के मुख्य आरोपी हैं।
मुख्य आरोप और अदालती पृष्ठभूमि
सतीश सालियान ने बताया कि आदित्य ठाकरे ने उनकी याचिका पर अपने हलफनामे में भी एफआईआर दर्ज करने और सीबीआई जांच का विरोध किया था। हालांकि, हाई कोर्ट ने 2 सितंबर 2026 के अपने आदेश से यह आपत्ति खारिज कर दी।
सालियान के अनुसार, आदित्य ठाकरे ने हाई कोर्ट के समक्ष शपथ पर यह झूठा दावा किया कि दिशा का मामला पहले ही सर्वोच्च न्यायालय तक पहुँच चुका था और सीबीआई जांच कर चुकी थी, इसलिए हाई कोर्ट सुनवाई नहीं कर सकता। जब हाई कोर्ट ने सीबीआई से इसकी पुष्टि की, तो यह दावा झूठा निकला और आदित्य ठाकरे के वकील को अदालत के सामने माफी माँगनी पड़ी।
रिया चक्रवर्ती और एनसीबी चैट्स का संदर्भ
सतीश सालियान ने यह भी कहा कि आदित्य ठाकरे ने पहले दावा किया था कि वे रिया चक्रवर्ती को नहीं जानते, लेकिन क्राइम नंबर 15/2020 की जांच के दौरान एनसीबी, मुंबई को मिली चैट्स ने उस दावे को भी झूठा साबित कर दिया।
सालियान के अनुसार, उनके पास ऐसे ठोस सबूत हैं जो आदित्य ठाकरे की आपराधिक गतिविधियों से जुड़े हैं। इनमें अपराध स्थल पर उनके मोबाइल-टावर लोकेशन के रिकॉर्ड और नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो की रिपोर्ट शामिल हैं, जिसमें कथित तौर पर ड्रग्स तस्करी और हाइड्रोपोनिक वीड के सेवन का उल्लेख है।
मृत्यु की तारीख और झूठे अनुपस्थिति दावे
सतीश सालियान ने कहा कि आदित्य ठाकरे ने पहले यह भी दावा किया था कि 8 जून 2020 — जिस दिन दिशा सालियान की मौत हुई — को वे मुंबई से बाहर थे क्योंकि उनके दादाजी पाटणकर का निधन हो गया था। लेकिन यह दावा झूठा निकला, क्योंकि पाटणकर 14 जून 2020 तक जीवित थे।
उन्होंने यह भी कहा कि 21 अक्टूबर 2023 को एडवोकेट चैतन्य रावटे द्वारा — सर्वोच्च न्यायालय और हाई कोर्ट लिटिगेंट्स एसोसिएशन के चेयरमैन राशिद खान पठान की ओर से — भेजे गए मानहानि नोटिस का आदित्य ठाकरे ने आज तक कोई जवाब नहीं दिया।
मीडिया की भूमिका और सार्वजनिक दबाव
सतीश सालियान ने कहा कि यह मामला केवल मीडिया के सक्रिय हस्तक्षेप के कारण ही दोबारा खोला जा सका, इसलिए मीडिया बहस पर आपत्ति जताना दुर्भावनापूर्ण है। उनके अनुसार, जनता की नजर निष्पक्ष जांच में बाधा नहीं बनती, बल्कि जांच को पटरी से उतारने की किसी भी कोशिश को मुश्किल बना देती है।
उन्होंने कहा कि शायद आदित्य ठाकरे की असली चिंता 'मीडिया का दखल' नहीं, बल्कि यह है कि इस बार हर घटनाक्रम पर नजर रखी जा रही है और उसे सार्वजनिक रूप से दर्ज किया जा रहा है। सतीश सालियान ने अपने बयान का समापन 'सत्यमेव जयते' से करते हुए कहा — 'आपके कर्मों का फल आपको मिलेगा।'