डीएमके यूथ विंग के 47 साल पूरे, उदयनिधि स्टालिन ने एक्स पर कार्यकर्ताओं से की नई पारी की अपील
सारांश
मुख्य बातें
द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) की यूथ विंग ने 20 जुलाई 2026 को अपनी स्थापना के 47 वर्ष पूरे किए। यूथ विंग के राज्य सचिव और तमिलनाडु के उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन ने इस अवसर पर एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक संदेश साझा कर कार्यकर्ताओं से संगठन की 'नई पारी' शुरू करने का आह्वान किया। यह संगठन DMK की सबसे सक्रिय और प्रभावशाली इकाइयों में गिना जाता है।
स्थापना और ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
DMK यूथ विंग को आधिकारिक रूप से 20 जुलाई 1980 को मदुरै में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान पार्टी की संबद्ध इकाई के रूप में मान्यता दी गई थी। उस समय पार्टी एक कठिन दौर से गुजर रही थी और 'मीसा बैच' के नेतृत्व में इस संगठन की नींव रखी गई। एम.के. स्टालिन को यूथ विंग का पहला राज्य संयोजक नियुक्त किया गया और उन्होंने 1980 से 2017 तक लगभग 37 वर्षों तक इसका नेतृत्व किया।
उदयनिधि स्टालिन का संदेश
उदयनिधि स्टालिन ने अपनी एक्स पोस्ट में कहा, 'पार्टी के मुश्किल दौर में एम.के. स्टालिन के नेतृत्व में मीसा बैच ने डीएमके के यूथ विंग की शुरुआत की थी। आज यह संगठन अपने 47वें साल में प्रवेश कर रहा है। आइए, समय की जरूरतों के मुताबिक जनहित और विचारधारा से जुड़ी गतिविधियों को आगे बढ़ाते हुए यूथ विंग की नई पारी की शुरुआत करें।' उन्होंने इस पोस्ट के साथ एक यादगार वीडियो भी साझा किया, जिसमें यूथ विंग के गठन से लेकर दशकों की उपलब्धियों को दर्शाया गया है।
उदयनिधि के नेतृत्व में संगठन की उपलब्धियाँ
4 जुलाई 2019 को उदयनिधि स्टालिन ने यूथ विंग के राज्य सचिव का कार्यभार संभाला। उनके नेतृत्व में संगठन ने बड़े पैमाने पर सदस्यता अभियान, जलाशयों की सफाई, पर्यावरण संरक्षण और सामुदायिक सेवा कार्यक्रम चलाए। स्थानीय स्तर पर युवा समितियाँ बनाई गईं और घर-घर जाकर जनसंपर्क अभियान के ज़रिए पूरे तमिलनाडु में पार्टी के जमीनी संगठन को मज़बूत किया गया।
पार्टी नेताओं का नज़रिया
पार्टी नेताओं के अनुसार इन पहलों का उद्देश्य DMK के संगठनात्मक ढाँचे को और सुदृढ़ करना है, साथ ही पार्टी की नीतियों, योजनाओं और कल्याणकारी कार्यक्रमों को राज्य के हर कोने तक पहुँचाना है। यह ऐसे समय में आया है जब तमिलनाडु में 2026 के विधानसभा चुनावों की तैयारियाँ ज़ोर पकड़ रही हैं और युवा मतदाताओं तक पहुँच राजनीतिक दलों की प्राथमिकता बन चुकी है।
आगे की राह
यूथ विंग के 47वें स्थापना वर्ष में प्रवेश के साथ संगठन पर नई पीढ़ी के युवाओं को जोड़ने और डिजिटल माध्यमों के ज़रिए पार्टी की विचारधारा को फैलाने की ज़िम्मेदारी है। उदयनिधि के नेतृत्व में यूथ विंग का अगला चरण पार्टी के लिए चुनावी और संगठनात्मक दोनों दृष्टियों से अहम माना जा रहा है।