संजय निषाद का विपक्ष पर निशाना: 'दोहरा मापदंड प्रदेश की जनता नहीं स्वीकारेगी'
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री संजय निषाद ने 19 जून को कानपुर देहात में मोदी सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों से बातचीत में विपक्ष पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने राजनीतिक लाभ के लिए दोहरा मापदंड अपनाने वाले नेताओं को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश की जनता ऐसी राजनीति को किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं करेगी।
दोहरे मापदंड पर कड़ा प्रहार
निषाद ने कहा कि कुछ नेता सत्ता में रहते हुए भगवान को भूल जाते हैं और सत्ता से बाहर होते ही धर्म की शरण लेने लगते हैं। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, 'यह एक तरह का दोहरा मापदंड है, जिसे प्रदेश की जनता भलीभांति समझ रही है।' उनका सुझाव था कि ऐसे लोग बेईमानों का साथ छोड़ें और संविधान को अपने जीवन में अपनाएँ, तभी उन्हें आने वाले दिनों में राजनीतिक लाभ मिल सकता है।
ब्राह्मण सम्मेलन पर प्रतिक्रिया
हाल ही में हुए ब्राह्मण सम्मेलन पर टिप्पणी करते हुए निषाद ने कहा कि इस तरह के आयोजनों से अब कोई राजनीतिक लाभ मिलने वाला नहीं है। उनके अनुसार, ब्राह्मण समुदाय शिक्षित और जागरूक है तथा समाज को मार्गदर्शन देने में सक्षम है। उन्होंने यह भी कहा कि ब्राह्मण समुदाय ने खुद एनडीए के साथ अपनी पहचान बनाई है और वोट देने के समय वह एनडीए के साथ ही खड़ा होता है, भले ही कभी-कभी वह अन्य दलों के करीब दिखे।
तृणमूल कांग्रेस पर निशाना
तृणमूल कांग्रेस (TMC) में मची कथित भगदड़ पर निषाद ने कहा कि भारत में शासन करते हुए 'औरंगजेब वाली मानसिकता' नहीं चलेगी। उन्होंने दावा किया कि TMC के कई नेता उनके संपर्क में हैं और आने वाले दिनों में पूरी तस्वीर स्पष्ट हो जाएगी। गौरतलब है कि यह बयान ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनावों को लेकर राजनीतिक सरगर्मियाँ तेज हो रही हैं।
आगे की राजनीतिक तस्वीर
निषाद के इन बयानों को भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए की व्यापक रणनीति के संदर्भ में देखा जा रहा है, जिसमें जातीय समीकरणों को साधने और विपक्षी दलों से असंतुष्ट नेताओं को अपने पाले में लाने की कोशिश की जा रही है। आने वाले हफ्तों में इन दावों की सच्चाई राजनीतिक घटनाक्रम से स्पष्ट होगी।