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ब्राह्मण समाज मोदी-योगी के साथ खड़ा है, SP की बैठक पर संजय निषाद का पलटवार

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ब्राह्मण समाज मोदी-योगी के साथ खड़ा है, SP की बैठक पर संजय निषाद का पलटवार

सारांश

2027 यूपी चुनाव से पहले ब्राह्मण मतदाताओं को लेकर सियासी जंग शुरू हो गई है। SP की ब्राह्मण बैठक के जवाब में संजय निषाद का दावा — ब्राह्मण समाज मोदी-योगी के साथ है। यह जातीय आउटरीच की वही पुरानी बिसात है, जो हर चुनाव से पहले बिछती है।

मुख्य बातें

निषाद पार्टी अध्यक्ष और योगी सरकार के मंत्री संजय निषाद ने कहा कि ब्राह्मण समाज राजनीतिक रूप से PM मोदी और CM योगी के साथ है।
समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने लखनऊ में ब्राह्मण नेताओं की बैठक बुलाई, जिसे 2027 चुनाव की रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है।
संजय निषाद ने दावा किया कि ब्राह्मण समाज BJP की विचारधारा को पसंद करता है और उसे तोड़ा नहीं जा सकता।
शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत के ₹15-15 करोड़ ऑफर वाले आरोपों को निषाद ने खारिज किया — कहा, 'आरोप लगाना आसान, साबित करना मुश्किल।' यूपी में ब्राह्मण मतदाता कुल मतदाताओं का लगभग 10-12% हैं और चुनावी समीकरणों में निर्णायक भूमिका निभाते हैं।

उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव की सरगर्मियों के बीच ब्राह्मण समाज की राजनीतिक दिशा एक बार फिर केंद्र में आ गई है। निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और योगी आदित्यनाथ सरकार के मंत्री संजय निषाद ने मंगलवार को स्पष्ट किया कि ब्राह्मण समुदाय राजनीतिक रूप से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ है और आगे भी रहेगा। उनकी यह प्रतिक्रिया समाजवादी पार्टी (SP) अध्यक्ष अखिलेश यादव द्वारा लखनऊ में ब्राह्मण नेताओं की बैठक आयोजित किए जाने के बाद आई है।

संजय निषाद का बयान

संजय निषाद ने कहा, 'ब्राह्मण समुदाय सभी को स्नेह देता है। जहां उसे बुलाया जाता है, वह वहां चला जाता है, लेकिन राजनीतिक रूप से ब्राह्मण समाज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ खड़ा है और आगे भी रहेगा।' उन्होंने यह भी दावा किया कि ब्राह्मण समाज भारतीय जनता पार्टी (BJP) की विचारधारा को पसंद करता है और उन ताकतों के साथ नहीं जाएगा जिन्होंने भारतीय संस्कृति को नुकसान पहुंचाया है।

SP की ब्राह्मण बैठक की पृष्ठभूमि

समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने लखनऊ में ब्राह्मण समाज के नेताओं की एक बैठक बुलाई है। राजनीतिक विश्लेषक इस कदम को 2027 विधानसभा चुनाव से पहले ब्राह्मण मतदाताओं को साधने की रणनीति के रूप में देख रहे हैं। गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में ब्राह्मण मतदाताओं की संख्या लगभग 10-12% मानी जाती है और ये वर्ग परंपरागत रूप से चुनावी समीकरणों में निर्णायक भूमिका निभाता रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब विपक्षी दल उच्च जाति के मतदाताओं तक पहुंच बनाने की कोशिश में जुटे हैं।

संजय राउत के आरोपों पर पलटवार

शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने BJP पर आरोप लगाया था कि उसने उनकी पार्टी के नेताओं को तोड़ने के लिए ₹15-15 करोड़ का ऑफर दिया। इस पर संजय निषाद ने कहा, 'लोग पैसे के आधार पर नहीं, बल्कि विचारधारा के आधार पर राजनीति करते हैं। जिसकी विचारधारा लोगों को पसंद आती है, लोग उसके साथ रहते हैं। आरोप लगाना बहुत आसान है, लेकिन उन्हें साबित करना बेहद कठिन होता है।'

राजनीतिक संदर्भ

उत्तर प्रदेश में 2022 विधानसभा चुनाव में BJP ने ब्राह्मण मतदाताओं का बड़ा हिस्सा अपने साथ रखा था। 2027 के चुनाव से पहले SP का ब्राह्मण आउटरीच इस समीकरण को बदलने का प्रयास है। आलोचकों का कहना है कि जाति-केंद्रित बैठकें चुनावी मौसम की परंपरागत कवायद हैं, जिनका ज़मीनी असर सीमित होता है। संजय निषाद की प्रतिक्रिया यह संकेत देती है कि सत्ताधारी गठबंधन इस आउटरीच को गंभीरता से ले रहा है।

आगे क्या

2027 विधानसभा चुनाव की औपचारिक घोषणा में अभी डेढ़ साल से अधिक का समय है, लेकिन उत्तर प्रदेश में जातीय समीकरणों की बिसात अभी से बिछने लगी है। BJP और SP दोनों के लिए ब्राह्मण मतदाताओं का समर्थन प्रदेश की 403 विधानसभा सीटों पर निर्णायक साबित हो सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

या यह एकजुटता का दावा महज़ चुनावी बयानबाज़ी है — क्योंकि 2024 लोकसभा चुनाव में भी ऐसे दावे हुए थे, पर नतीजे मिले-जुले रहे।
RashtraPress
2 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

संजय निषाद ने ब्राह्मण समाज को लेकर क्या कहा?
संजय निषाद ने कहा कि ब्राह्मण समाज राजनीतिक रूप से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ खड़ा है और आगे भी रहेगा। उन्होंने यह भी दावा किया कि ब्राह्मण समाज BJP की विचारधारा को पसंद करता है।
अखिलेश यादव ने लखनऊ में ब्राह्मण बैठक क्यों बुलाई?
समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने लखनऊ में ब्राह्मण नेताओं की बैठक आयोजित की। राजनीतिक विश्लेषक इसे 2027 उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले ब्राह्मण मतदाताओं को साधने की रणनीति मान रहे हैं।
संजय राउत के ₹15 करोड़ वाले आरोप पर निषाद ने क्या कहा?
शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने BJP पर पार्टी नेताओं को ₹15-15 करोड़ का ऑफर देकर तोड़ने का आरोप लगाया था। संजय निषाद ने इसे खारिज करते हुए कहा कि लोग विचारधारा के आधार पर राजनीति करते हैं और आरोप लगाना आसान है, साबित करना मुश्किल।
उत्तर प्रदेश में ब्राह्मण मतदाताओं की राजनीतिक अहमियत क्या है?
उत्तर प्रदेश में ब्राह्मण मतदाता कुल मतदाताओं का लगभग 10-12% हैं। ये वर्ग ऐतिहासिक रूप से चुनावी समीकरणों में निर्णायक भूमिका निभाता रहा है और 403 विधानसभा सीटों पर इनका प्रभाव महत्वपूर्ण माना जाता है।
2027 यूपी चुनाव में ब्राह्मण वोट किस पार्टी के साथ जाएंगे?
अभी तक कोई निश्चित संकेत नहीं है। BJP गठबंधन के नेता दावा कर रहे हैं कि ब्राह्मण समाज उनके साथ है, जबकि SP की ब्राह्मण बैठक यह संकेत देती है कि विपक्ष इस वर्ग में सेंध लगाने की कोशिश में है। 2027 चुनाव की आधिकारिक घोषणा में अभी डेढ़ साल से अधिक का समय बाकी है।
राष्ट्र प्रेस
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