शिवसेना-यूबीटी की टूट पर भोसले का पलटवार: 'दोष मढ़ने से नहीं, आत्म-मंथन से सुधरेंगे हालात'
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र सरकार में लोक निर्माण मंत्री शिवेंद्रसिंहराजे भोसले ने गुरुवार, 18 जून 2026 को सतारा में उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) — जिसे शिवसेना-यूबीटी भी कहा जाता है — में जारी आंतरिक टूट पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि दूसरों पर दोष मढ़ने के बजाय पार्टी नेतृत्व को आत्म-मंथन करना चाहिए। यह बयान उस समय आया जब सतारा में स्थानीय प्राधिकरण निर्वाचन क्षेत्र की विधान परिषद चुनाव की मतदान प्रक्रिया जारी थी।
मुख्य घटनाक्रम
मंत्री शिवेंद्रसिंहराजे भोसले सतारा के सब-डिविजनल ऑफिसर के कार्यालय में विधान परिषद चुनाव की वोटिंग प्रक्रिया के सिलसिले में उपस्थित थे। इसी दौरान मीडिया ने उनसे शिवसेना-यूबीटी की अंदरूनी उठापटक पर सवाल किए। उन्होंने इसे पार्टी का 'अंदरूनी मामला' बताते हुए कहा कि पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे या स्वयं पार्टी को इस विषय पर अपना रुख सार्वजनिक करना चाहिए।
भोसले की सीधी चुनौती
भोसले ने कहा, 'भाजपा ने हमारे बारे में अपना रुख साफ कर दिया है। सिर्फ भाजपा की आलोचना करने या हर बार दूसरों पर दोष मढ़ने से समस्याएं हल नहीं होतीं।' उन्होंने आगे जोड़ा, 'अगर पार्टी के अपने लोगों का ही पार्टी से भरोसा उठ गया है, तो इसके लिए किसी दूसरी पार्टी या नेतृत्व को कैसे जिम्मेदार ठहराया जा सकता है?' यह टिप्पणी सीधे तौर पर शिवसेना-यूबीटी के उस रुख पर निशाना थी, जिसमें पार्टी की मुश्किलों के लिए भारतीय जनता पार्टी (BJP) को जिम्मेदार ठहराया जाता रहा है।
महायुति की एकता पर जताया भरोसा
भोसले ने 22 जून को होने वाली मतगणना से पहले महायुति गठबंधन — जिसमें शिवसेना (शिंदे गुट), राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (अजित पवार गुट) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) शामिल हैं — की मज़बूती का दावा किया। उन्होंने कहा, 'महायुति के उम्मीदवार हमारी मौजूदा गिनती से कहीं अधिक वोट हासिल करके जीतेंगे। हम जो आंकड़ा बता रहे हैं, वह 22 जून को वोटों की गिनती में पूरी तरह से दिखेगा।'
सतारा के नेताओं की एकजुटता
भोसले ने बताया कि सतारा जिले के वरिष्ठ नेता — जिनमें शंभुराज देसाई, मकरंद पाटिल, उदयनराजे भोसले, जयकुमार गोरे और संजीवराजे नाइक-निंबालकर शामिल हैं — मिलकर चुनाव प्रक्रिया को आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि महायुति के भीतर कोई मतभेद या आंतरिक विवाद नहीं है। गौरतलब है कि यह बयान ऐसे समय में आया है जब विपक्षी खेमे में दरारें उभर रही हैं और महायुति अपनी एकजुटता को चुनावी ताकत के रूप में पेश करने में जुटी है।
आगे क्या
सतारा स्थानीय प्राधिकरण निर्वाचन क्षेत्र की विधान परिषद सीट के लिए मतगणना 22 जून को होनी है। भोसले ने दोहराया कि महायुति उम्मीद से अधिक अंतर से जीत दर्ज करेगी। शिवसेना-यूबीटी की आंतरिक स्थिति और उद्धव ठाकरे की प्रतिक्रिया पर सभी की निगाहें टिकी हैं।