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उदय सामंत का संजय राउत पर पलटवार: 'पहले अपनी पार्टी संभालें, फिर दूसरों को सलाह दें'

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उदय सामंत का संजय राउत पर पलटवार: 'पहले अपनी पार्टी संभालें, फिर दूसरों को सलाह दें'

सारांश

महाराष्ट्र के मंत्री उदय सामंत ने संजय राउत की TMC-कांग्रेस वाली सलाह पर तीखा पलटवार किया — 'इंडिया गठबंधन की बैठक में खुद नहीं गए, अब दूसरों को पढ़ा रहे हैं।' शिवसेना (यूबीटी) की विश्वसनीयता पर भी सवाल उठाए।

मुख्य बातें

मंत्री उदय सामंत ने 10 जून 2026 को संजय राउत के TMC-कांग्रेस बयान पर पलटवार किया।
राउत ने कहा था कि TMC की खींचतान खत्म करने के लिए कांग्रेस को मजबूत करना जरूरी है।
सामंत ने कहा — राउत इंडिया गठबंधन की बैठक में खुद शामिल नहीं हुए, फिर भी दूसरों को हिदायत दे रहे हैं।
सामंत ने शिवसेना (यूबीटी) की विश्वसनीयता को 'पूरी तरह समाप्त' बताया।
महाराष्ट्र की एक कंपनी द्वारा केवल गुजराती और मारवाड़ी लोगों को नौकरी देने की शर्त की सरकार जाँच कर रही है।

महाराष्ट्र सरकार के मंत्री उदय सामंत ने 10 जून 2026 को शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत पर तीखा पलटवार किया, जब राउत ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) में जारी अंतर्कलह को लेकर कांग्रेस को मजबूत करने की सलाह दी थी। सामंत ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि राउत को दूसरों को हिदायत देने से पहले खुद अपनी पार्टी की स्थिति पर ध्यान देना चाहिए।

राउत के बयान की पृष्ठभूमि

शिवसेना (यूबीटी) के वरिष्ठ नेता संजय राउत ने कहा था कि तृणमूल कांग्रेस (TMC) में चल रही खींचतान को दूर करने के लिए सबसे पहले कांग्रेस को मजबूत करना होगा। उनके अनुसार, बिना कांग्रेस को सुदृढ़ किए TMC में स्थिति सामान्य नहीं हो सकती। यह बयान ऐसे समय में आया जब इंडिया गठबंधन के भीतर आपसी समन्वय को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

सामंत का पलटवार

मंत्री उदय सामंत ने राउत के बयान पर तंज कसते हुए कहा, 'अगर उन्हें TMC की इतनी चिंता है, तो वे इंडिया गठबंधन की बैठकों में क्यों नहीं शामिल होते? जब गठबंधन की ओर से बैठक बुलाई गई, तब उन्होंने शिरकत करने की जहमत नहीं उठाई और अब दूसरों को पढ़ा रहे हैं।' उन्होंने आगे कहा कि यदि राउत हिदायतें दे रहे हैं, तो उन्हें पहले खुद उन्हें ज़मीन पर उतारना चाहिए।

शिवसेना (यूबीटी) की विश्वसनीयता पर सवाल

सामंत ने शिवसेना (यूबीटी) पर भी सीधा निशाना साधा। उन्होंने कहा कि इस पार्टी की विश्वसनीयता पूरी तरह समाप्त हो चुकी है और जनता का इस पर कोई भरोसा नहीं रहा। उनके अनुसार, पार्टी के पास कोई ठोस एजेंडा नहीं बचा और उसके नेता केवल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आलोचना में व्यस्त रहते हैं, जिससे उन्हें कोई राजनीतिक लाभ नहीं मिलने वाला।

नौकरी में भेदभाव का मामला

इसी प्रेस वार्ता में महाराष्ट्र की एक कंपनी द्वारा अपने आवेदन में केवल गुजराती और मारवाड़ी समुदाय के लोगों को नौकरी देने की शर्त रखे जाने का मुद्दा भी उठा। मंत्री सामंत ने स्पष्ट किया कि यह किसी एक कंपनी का मामला है और सरकार इसकी पूरी जाँच कर रही है। उन्होंने कहा कि यह पता लगाया जा रहा है कि उस कंपनी ने ऐसी शर्त क्यों रखी।

आगे की राजनीतिक तस्वीर

गौरतलब है कि महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन और विपक्षी महाविकास अघाड़ी के बीच बयानबाजी का यह सिलसिला नया नहीं है। इंडिया गठबंधन के भीतर समन्वय की कमी और TMC-कांग्रेस तनाव को लेकर सत्तारूढ़ दल लगातार विपक्ष को घेरने की कोशिश करता रहा है। सामंत का यह बयान उसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। आने वाले दिनों में राउत की प्रतिक्रिया और इंडिया गठबंधन की एकजुटता पर सबकी नज़रें टिकी रहेंगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

पर जब खुद की पार्टी विधानसभा चुनाव में बड़ी हार झेल चुकी हो, तो उनकी आवाज़ का वज़न कम हो जाता है। महायुति इसी अंतर्विरोध को भुनाने में माहिर है।
RashtraPress
28 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

उदय सामंत ने संजय राउत पर क्या टिप्पणी की?
मंत्री उदय सामंत ने कहा कि संजय राउत को पहले अपनी पार्टी शिवसेना (यूबीटी) की स्थिति मजबूत करनी चाहिए, उसके बाद TMC या कांग्रेस को सलाह देनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि राउत खुद इंडिया गठबंधन की बैठक में शामिल नहीं हुए, इसलिए उनकी हिदायतें खोखली हैं।
संजय राउत ने TMC और कांग्रेस के बारे में क्या कहा था?
संजय राउत ने कहा था कि TMC में चल रही अंतर्कलह को खत्म करने के लिए सबसे पहले कांग्रेस को मजबूत करना होगा। उनके अनुसार बिना कांग्रेस को सुदृढ़ किए TMC में स्थिति सामान्य नहीं हो सकती।
महाराष्ट्र की किस कंपनी ने नौकरी में भेदभाव किया?
महाराष्ट्र की एक कंपनी ने अपने जॉब आवेदन में केवल गुजराती और मारवाड़ी समुदाय के लोगों को नौकरी देने की शर्त रखी। मंत्री उदय सामंत ने स्पष्ट किया कि यह एक ही कंपनी का मामला है और सरकार पूरी जाँच कर रही है।
शिवसेना (यूबीटी) की वर्तमान राजनीतिक स्थिति कैसी है?
मंत्री सामंत के अनुसार शिवसेना (यूबीटी) की विश्वसनीयता पूरी तरह समाप्त हो चुकी है और जनता का भरोसा उस पर नहीं रहा। पार्टी महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में बड़ी हार झेल चुकी है और विपक्ष में सीमित प्रभाव के साथ काम कर रही है।
इंडिया गठबंधन की बैठक में संजय राउत की अनुपस्थिति क्यों चर्चा में है?
उदय सामंत ने आरोप लगाया कि जब इंडिया गठबंधन की बैठक बुलाई गई तब संजय राउत उसमें शामिल नहीं हुए। यह टिप्पणी इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि राउत खुद गठबंधन की एकजुटता की बात करते हैं, जबकि उनकी अनुपस्थिति उनकी प्रतिबद्धता पर सवाल खड़े करती है।
राष्ट्र प्रेस
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