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ई-मुद्रा PKI सुरक्षा घटना: MeitY ने विशेष जांच टीम बनाई, CERT-In ने एडवाइजरी जारी की

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ई-मुद्रा PKI सुरक्षा घटना: MeitY ने विशेष जांच टीम बनाई, CERT-In ने एडवाइजरी जारी की

सारांश

ई-मुद्रा की PKI अवसंरचना में सुरक्षा खामी सामने आने के बाद MeitY ने तत्काल विशेष जांच टीम गठित की और CERT-In ने एडवाइजरी जारी की। मंत्रालय का कहना है कि भारतीय वेबसाइटों पर असर सीमित और अल्पकालिक रहा, जबकि सोशल मीडिया पर फैल रही आशंकाएं भ्रामक हैं।

मुख्य बातें

इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने 21 अक्टूबर 2026 को ई-मुद्रा PKI सुरक्षा घटना की जांच के लिए विशेष टीम गठित की।
घटना ई-मुद्रा के अंतरराष्ट्रीय ट्रस्ट फ्रेमवर्क वाले कार्यक्षेत्र से संबंधित है, जिसकी ऑडिटिंग BDO International Limited के WebTrust ऑडिट सहित स्वतंत्र रूप से होती है।
मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि भारतीय वेबसाइटों और एप्लिकेशनों पर प्रभाव बेहद सीमित और अल्पकालिक रहा।
CERT-In ने जोखिम कम करने के लिए तकनीकी उपायों वाली एडवाइजरी जारी की है।
जांच पूरी होने के बाद मामले की विस्तृत जानकारी सार्वजनिक की जाएगी।

इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने 21 अक्टूबर 2026 को ई-मुद्रा की पब्लिक की इंफ्रास्ट्रक्चर (PKI) से जुड़ी एक सुरक्षा घटना को गंभीरता से लेते हुए मामले की जांच के लिए एक विशेष टीम गठित की है। मंत्रालय ने साथ ही स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया पर इस घटना को लेकर फैलाई जा रही अनेक आशंकाएं भ्रामक हैं और वास्तविक प्रभाव को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जा रहा है।

ई-मुद्रा के दो कार्यक्षेत्र

मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी आधिकारिक बयान में बताया कि ई-मुद्रा दो अलग-अलग क्षेत्रों में काम करती है। पहला क्षेत्र डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट और ई-हस्ताक्षर सेवाएं जारी करने से संबंधित है, जिसे मंत्रालय के अधीन नियंत्रक प्रमाणन प्राधिकरण (CCA) नियंत्रित करता है। दूसरा क्षेत्र ऐसे डिजिटल प्रमाणपत्र जारी करने का है, जिन पर प्रमुख वेब ब्राउज़र और ऑपरेटिंग सिस्टम भरोसा करते हैं — इनका उपयोग वेबसाइटों, सॉफ्टवेयर और ऑनलाइन संचार को सुरक्षित बनाने के लिए होता है।

घटना का स्वरूप और दायरा

मंत्रालय के अनुसार, यह सुरक्षा घटना ई-मुद्रा के दूसरे कार्यक्षेत्र से संबंधित है, जो अंतरराष्ट्रीय स्तर के ट्रस्ट फ्रेमवर्क के तहत संचालित होता है। यह व्यवस्था अंतरराष्ट्रीय मानकों के अधीन है और इसकी स्वतंत्र ऑडिटिंग की जाती है, जिसमें BDO International Limited द्वारा किए जाने वाले WebTrust ऑडिट भी शामिल हैं। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि इस विशेष क्षेत्र की ऑडिट प्रक्रिया में MeitY की कोई प्रत्यक्ष भूमिका नहीं होती।

मंत्रालय ने यह भी बताया कि इस घटना का भारतीय वेबसाइटों और एप्लिकेशनों पर प्रभाव बेहद सीमित रहा और वह भी बहुत कम अवधि के लिए। गौरतलब है कि PKI से जुड़ी कोई भी खामी, यदि समय पर नहीं संभाली जाए, तो डिजिटल प्रमाणपत्रों की विश्वसनीयता पर व्यापक असर डाल सकती है।

CERT-In की एडवाइजरी

भारतीय कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पांस टीम (CERT-In) ने भी इस मामले में एक विस्तृत एडवाइजरी जारी की है, जिसमें जोखिम कम करने के लिए आवश्यक तकनीकी उपायों की जानकारी दी गई है। मंत्रालय ने कहा कि वह सभी संबंधित पक्षों के साथ लगातार संपर्क में है, ताकि स्थिति का शीघ्र समाधान सुनिश्चित किया जा सके।

आम जनता पर असर और सरकार की अपील

मंत्रालय ने आम नागरिकों से आग्रह किया है कि वे सोशल मीडिया पर चल रही अफवाहों और भ्रामक दावों पर ध्यान न दें तथा केवल आधिकारिक स्रोतों से मिली जानकारी पर भरोसा करें। यह ऐसे समय में आया है जब डिजिटल सुरक्षा को लेकर जन-जागरूकता तेजी से बढ़ रही है और किसी भी सरकारी डिजिटल अवसंरचना में कमज़ोरी की खबर सोशल मीडिया पर तुरंत वायरल हो जाती है।

आगे क्या होगा

मंत्रालय ने घोषणा की है कि जांच पूर्ण होने के बाद इस मामले से संबंधित विस्तृत जानकारी सार्वजनिक की जाएगी। विशेष जांच टीम की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी और यह भी स्पष्ट होगा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या संस्थागत बदलाव किए जाएंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक रिक्तता को रेखांकित करता है। जब तक जांच रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं होती, 'सीमित प्रभाव' का दावा स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं हो सकता — और यही पारदर्शिता की कमी सोशल मीडिया पर अटकलों को हवा देती है।
RashtraPress
22 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ई-मुद्रा PKI सुरक्षा घटना क्या है?
ई-मुद्रा की पब्लिक की इंफ्रास्ट्रक्चर (PKI) के अंतरराष्ट्रीय ट्रस्ट फ्रेमवर्क वाले कार्यक्षेत्र में एक सुरक्षा खामी सामने आई है, जिसकी जांच के लिए MeitY ने विशेष टीम गठित की है। मंत्रालय के अनुसार भारतीय वेबसाइटों पर इसका असर बेहद सीमित और अल्पकालिक रहा।
MeitY ने इस घटना पर क्या कदम उठाए हैं?
MeitY ने मामले की जांच के लिए एक विशेष टीम बनाई है और सभी संबंधित पक्षों से सतत संपर्क बनाए हुए है। CERT-In ने भी जोखिम कम करने के उपायों वाली एडवाइजरी जारी की है।
क्या आम भारतीय उपयोगकर्ताओं की वेबसाइट या डेटा प्रभावित हुए हैं?
मंत्रालय के अनुसार इस घटना का भारतीय वेबसाइटों और एप्लिकेशनों पर प्रभाव बेहद सीमित रहा और वह भी बहुत कम समय के लिए था। हालांकि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही पूरी तस्वीर स्पष्ट होगी।
ई-मुद्रा के दो कार्यक्षेत्र कौन-से हैं?
पहला क्षेत्र डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट और ई-हस्ताक्षर सेवाएं जारी करना है, जो CCA द्वारा विनियमित हैं। दूसरा क्षेत्र ऐसे डिजिटल प्रमाणपत्र जारी करना है जिन पर प्रमुख ब्राउज़र और ऑपरेटिंग सिस्टम भरोसा करते हैं — यह घटना इसी दूसरे क्षेत्र से संबंधित है।
सोशल मीडिया पर चल रही अफवाहों के बारे में सरकार का क्या कहना है?
MeitY ने स्पष्ट किया है कि सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही आशंकाएं भ्रामक हैं और घटना के वास्तविक प्रभाव को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जा रहा है। नागरिकों से आग्रह किया गया है कि वे केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें।
राष्ट्र प्रेस
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