ईसीआई की नई पहल: 85 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए घर बैठे मतदान की सुविधा

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ईसीआई की नई पहल: 85 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए घर बैठे मतदान की सुविधा

सारांश

भारत निर्वाचन आयोग ने 85 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए घर बैठे पोस्टल बैलेट से मतदान करने की सुविधा की घोषणा की है। यह निर्णय आगामी विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखकर लिया गया है।

Key Takeaways

  • 85 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों के लिए मतदान सुविधा
  • दिव्यांग मतदाताओं के लिए विशेष प्रावधान
  • सेवा मतदाताओं के लिए भी पोस्टल बैलेट विकल्प
  • गोपनीयता के साथ वोटिंग प्रक्रिया
  • आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 5 दिन

नई दिल्ली, 19 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने आगामी विधानसभा चुनावों में 85 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों, दिव्यांगों (पीडब्ल्यूडी), सेवा मतदाताओं और चुनाव ड्यूटी पर तैनात मतदाताओं के लिए पोस्टल बैलेट के माध्यम से मतदान करने की विशेष सुविधा की घोषणा की है। यह निर्णय बुधवार को एक प्रेस नोट के माध्यम से जारी किया गया था।

इससे पहले, 15 मार्च को ईसीआई ने असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल की विधानसभाओं के आम चुनावों की तिथियों की घोषणा की थी। इनमें असम, केरल और पुडुचेरी में मतदान एक चरण में 9 अप्रैल को होगा, जबकि तमिलनाडु में 23 अप्रैल को और पश्चिम बंगाल में दो चरणों में 23 और 29 अप्रैल को मतदान किया जाएगा। सभी चुनावों के परिणाम 4 मई को घोषित किए जाएंगे। इन चुनावों में कुल 824 विधानसभा क्षेत्रों में लगभग 17.4 करोड़ मतदाता भाग लेंगे और 2.19 लाख मतदान केंद्र स्थापित किए जाएंगे।

लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 60(सी) के तहत आयोग ने अधिसूचित किया है कि 85 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिक और मतदाता सूची में चिह्नित दिव्यांग (पीडब्ल्यूडी) व्यक्ति घर बैठे पोस्टल बैलेट से वोट डाल सकते हैं। ऐसे मतदाता फॉर्म 12डी भरकर चुनाव अधिसूचना जारी होने के 5 दिनों के अंदर अपने बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) के माध्यम से रिटर्निंग ऑफिसर (आरओ) को आवेदन जमा कर सकते हैं। बीएलओ या मतदान दल घर जाकर वोट एकत्र करेगा, जिसमें गोपनीयता पूरी तरह सुनिश्चित रहेगी।

सेवा मतदाताओं (जैसे आवश्यक सेवाओं में तैनात कर्मचारी) के लिए भी यह सुविधा उपलब्ध है। इसमें अग्निशामक, स्वास्थ्य, बिजली, यातायात, एम्बुलेंस, विमानन और सरकारी सड़क परिवहन जैसी सेवाएं शामिल हैं। ये मतदाता अपने विभाग के नामित नोडल अधिकारी के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। चुनाव ड्यूटी पर तैनात मतदाता और अधिकृत मीडिया कर्मी भी अनुपस्थित मतदाताओं की श्रेणी में आते हैं और पोस्टल बैलेट का लाभ उठा सकते हैं।

चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों की सूची अंतिम होने के बाद इलेक्ट्रॉनिकली ट्रांसमिटेड पोस्टल बैलेट सिस्टम (ईटीपीबीएस) के जरिए सेवा मतदाताओं को इलेक्ट्रॉनिक रूप से बैलेट भेजा जाएगा। इसमें डाक खर्च की कोई आवश्यकता नहीं होगी। मतदाता वोट दर्ज कर सुविधा केंद्र पर जमा करेगा, जहां गोपनीयता बरकरार रहेगी।

डाले गए सभी पोस्टल बैलेट 4 मई 2026 को सुबह 8 बजे तक संबंधित आरओ के पास पहुंचने चाहिए। आयोग ने आरओ और जिला निर्वाचन अधिकारियों (डीईओ) को निर्देश दिए हैं कि वे राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों को इन प्रावधानों की जानकारी दें, ताकि अधिक से अधिक पात्र मतदाता इसका लाभ उठा सकें।

Point of View

जो बुजुर्ग और दिव्यांग मतदाताओं के लिए मतदान प्रक्रिया को सरल बनाती है। यह कदम उन लोगों के लिए एक बड़ी राहत है, जो मतदान केंद्रों तक पहुँचने में असमर्थ हैं।
NationPress
19/03/2026

Frequently Asked Questions

क्या सभी बुजुर्ग और दिव्यांग पोस्टल बैलेट से वोट डाल सकते हैं?
हां, 85 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्ग और दिव्यांग मतदाता घर बैठे पोस्टल बैलेट से वोट डाल सकते हैं।
सेवा मतदाताओं के लिए क्या सुविधाएँ हैं?
सेवा मतदाता भी पोस्टल बैलेट का लाभ उठा सकते हैं, जिनमें अग्निशामक, स्वास्थ्य सेवा कर्मचारी और अन्य आवश्यक सेवाएं शामिल हैं।
मतदाता कैसे आवेदन करेंगे?
मतदाता फॉर्म 12डी भरकर अपने बूथ लेवल ऑफिसर के माध्यम से रिटर्निंग ऑफिसर को आवेदन जमा कर सकते हैं।
मतदान की अंतिम तिथि क्या है?
डाले गए सभी पोस्टल बैलेट 4 मई 2026 को सुबह 8 बजे तक संबंधित आरओ के पास पहुंचने चाहिए।
क्या यह सुविधा सभी चुनावों में लागू होगी?
यह सुविधा आगामी विधानसभा चुनावों में लागू होगी, और आयोग ने इसके बारे में सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं।
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