उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन बोले — नैतिकता के बिना आर्थिक विकास समाज की सेवा नहीं, CA हैं 'विश्वास के राजदूत'
सारांश
मुख्य बातें
उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने 1 जुलाई 2025 को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (ICAI) के 78वें चार्टर्ड अकाउंटेंट्स डे समारोह को संबोधित करते हुए चार्टर्ड अकाउंटेंट पेशे को देश की आर्थिक व्यवस्था की आधारशिला करार दिया और सीए समुदाय को 'विश्वास के राजदूत' की संज्ञा दी। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि 'नैतिकता के बिना आर्थिक विकास कभी भी समाज की सच्ची सेवा नहीं कर सकता।' राधाकृष्णन ने इस अवसर पर ICAI पीयर रिव्यू बोर्ड (PRB) वेब पोर्टल और ICAI जन उत्सव पोर्टल का भी शुभारंभ किया।
आर्थिक प्रगति और नैतिकता का संतुलन
उपराष्ट्रपति ने कहा कि देश की आर्थिक प्रगति को केवल आँकड़ों के आधार पर नहीं मापा जा सकता। उन्होंने प्रसिद्ध तमिल संत-कवि तिरुवल्लुवर का संदर्भ देते हुए कहा कि ईमानदारी और नैतिक तरीके से अर्जित धन ही स्थायी सुख और समृद्धि का आधार बनता है। राधाकृष्णन ने सीए समुदाय से आग्रह किया कि वे ईमानदार कारोबारियों की रक्षा करें, निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा दें और अनैतिक गतिविधियों के विरुद्ध दृढ़ता से खड़े रहें।
परीक्षा मानकों से कोई समझौता नहीं
उपराष्ट्रपति ने ICAI की कठोर परीक्षा प्रणाली की सराहना करते हुए कहा कि संस्थान को अपने परीक्षा मानकों से कभी समझौता नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि 'आप केवल परीक्षा नहीं लेते, बल्कि पूरे सिस्टम की सुरक्षा कर रहे हैं।' उनके अनुसार, पारदर्शी और कठोर परीक्षा प्रणाली ही योग्य पेशेवर तैयार करती है, जिससे समूचे वित्तीय तंत्र की विश्वसनीयता बनी रहती है।
विकसित भारत 2047 में CA की भूमिका
राधाकृष्णन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा परिकल्पित 'विकसित भारत 2047' का लक्ष्य केवल आर्थिक वृद्धि तक सीमित नहीं है — इसका आधार पारदर्शी शासन, भरोसेमंद संस्थाएँ, समान अवसर और प्रत्येक नागरिक की समृद्धि है। उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक में भारत दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है और जल्द ही तीसरे स्थान पर पहुँचने की दिशा में अग्रसर है। गौरतलब है कि इस लक्ष्य की प्राप्ति में पारदर्शी वित्तीय प्रशासन की भूमिका निर्णायक होगी, और इसी में सीए समुदाय की केंद्रीय भागीदारी है।
बड़े आर्थिक सुधारों में CA का योगदान
उपराष्ट्रपति ने वस्तु एवं सेवा कर (GST), दिवाला एवं शोधन अक्षमता संहिता (IBC), प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) और कर सुधारों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन नीतिगत बदलावों को ज़मीन पर उतारने में सीए समुदाय की विशेषज्ञता का अहम योगदान रहा है। उन्होंने कहा कि इन प्रयासों से पारदर्शिता बढ़ी है, अनुपालन मज़बूत हुआ है और निवेशकों का विश्वास भी सुदृढ़ हुआ है। यह ऐसे समय में आया है जब भारत वैश्विक निवेश गंतव्य के रूप में अपनी पहचान और मज़बूत कर रहा है।
स्थानीय उद्यमों को सहयोग और नए पोर्टल का शुभारंभ
राधाकृष्णन ने सीए से 'वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ODOP)' योजना के तहत स्थानीय उद्यमों को सहयोग देने की अपील की। उन्होंने सुझाव दिया कि ICAI की जिला स्तरीय इकाइयाँ अपने क्षेत्र के प्रमुख उत्पादों की गहरी समझ विकसित करें, ताकि वे स्थानीय उद्यमियों को लागत नियंत्रण, गुणवत्ता प्रबंधन और प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने में मार्गदर्शन दे सकें। समारोह में उन्होंने ICAI PRB वेब पोर्टल और भारत सरकार के MyGov के सहयोग से विकसित ICAI जन उत्सव पोर्टल का लोकार्पण किया, जिसका उद्देश्य 78वें CA दिवस समारोह में व्यापक जन-भागीदारी सुनिश्चित करना है। आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि ICAI इन डिजिटल पहलों को ज़मीनी स्तर पर किस प्रकार क्रियान्वित करता है।