इक्वाडोर के पूर्व राष्ट्रपति लेनिन मोरेनो को ₹630 करोड़ की रिश्वत मामले में 5 साल की सजा
सारांश
मुख्य बातें
इक्वाडोर की एक अदालत ने 29 अगस्त 2026 को पूर्व राष्ट्रपति लेनिन मोरेनो को देश के सबसे बड़े हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट से जुड़े भ्रष्टाचार मामले में दोषी ठहराते हुए पाँच साल की सज़ा सुनाई। अदालत ने उन्हें भविष्य में किसी भी सार्वजनिक पद के लिए स्थायी रूप से अयोग्य भी घोषित किया।
मुख्य घटनाक्रम
73 वर्षीय मोरेनो पर आरोप था कि उन्होंने चीन की सरकारी कंपनी सिनोहाइड्रो से रिश्वत लेकर 'कोका कोडो सिनक्लेयर हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्लांट' के ठेके में भ्रष्टाचार नेटवर्क में प्रत्यक्ष भूमिका निभाई। यह प्लांट करीब 2 अरब डॉलर की लागत से बना था और इक्वाडोर की सबसे बड़ी जलविद्युत परियोजना है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, 2009 से 2018 के बीच फर्जी कंसल्टेंसी अनुबंधों के माध्यम से करीब 7.61 करोड़ डॉलर की रिश्वत का लेन-देन हुआ। जाँच में आरोप लगाया गया कि यह राशि विदेशी खातों और शेल कंपनियों के ज़रिए पहुँचाई गई।
परिवार और सहयोगियों को भी सज़ा
मोरेनो के साथ उनकी पत्नी, बेटी, दो भाइयों और परिवार के अन्य सदस्यों को भी दोषी ठहराया गया। उनकी पत्नी और बेटी को ढाई-ढाई साल की सज़ा सुनाई गई। चीन के पूर्व राजदूत कै रुनगुओ को भी पाँच साल की सज़ा मिली है।
गौरतलब है कि यह मामला उस दौर से जुड़ा है जब मोरेनो 2007 से 2013 के बीच उपराष्ट्रपति थे। वे बाद में 2017 से 2021 तक इक्वाडोर के राष्ट्रपति रहे।
मोरेनो की प्रतिक्रिया
मोरेनो ने पूरे मामले में अपनी संलिप्तता से इनकार किया है। उनका कहना है कि 'जाँच में उन्हें निशाना बनाया गया।' उनकी शारीरिक स्थिति को देखते हुए अदालत ने उन्हें जेल के बजाय हाउस अरेस्ट में सज़ा काटने की अनुमति दी।
अदालत का फरमान
अदालत ने सभी दोषियों को कथित तौर पर अवैध रूप से हासिल की गई रकम की तीन गुना राशि 90 दिनों के भीतर वापस करने का आदेश दिया है। इस फैसले के साथ मोरेनो इक्वाडोर के उन पूर्व राष्ट्रपतियों की सूची में शामिल हो गए हैं जिन्हें भ्रष्टाचार के मामलों में सज़ा मिली है।
क्या होगा आगे
यह फैसला लैटिन अमेरिका में राजनीतिक भ्रष्टाचार के खिलाफ बढ़ती न्यायिक सक्रियता की एक महत्त्वपूर्ण कड़ी है। यह ऐसे समय में आया है जब कई लैटिन अमेरिकी देशों में चीनी बुनियादी ढाँचा निवेश की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं। मोरेनो के वकीलों द्वारा इस फैसले के खिलाफ अपील की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।