2 सितंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

NHAI टोल फर्जीवाड़े में ED की बड़ी कार्रवाई: 7 राज्यों के 14 ठिकानों पर छापेमारी

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
NHAI टोल फर्जीवाड़े में ED की बड़ी कार्रवाई: 7 राज्यों के 14 ठिकानों पर छापेमारी

सारांश

NHAI के टोल प्लाजा पर अनधिकृत सॉफ्टवेयर से फर्जी रसीदें बनाकर सरकारी खाते से पैसा डायवर्ट करने के मामले में ED ने 7 राज्यों में एक साथ 14 ठिकानों पर दबिश दी। एक ही दिन में तीन अलग-अलग मनी लॉन्ड्रिंग मामलों में ED की यह समानांतर कार्रवाई एजेंसी की बढ़ती सक्रियता का संकेत है।

मुख्य बातें

ED के लखनऊ जोनल ऑफिस ने 2 सितंबर को PMLA की धारा 17 के तहत 14 ठिकानों पर एक साथ तलाशी ली।
छापेमारी उत्तर प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, जम्मू, मध्य प्रदेश, NCR और कोलकाता में की गई।
जांच में पता चला कि अनधिकृत सॉफ्टवेयर से फर्जी टोल रसीदें बनाकर धन सरकारी लेखा प्रणाली से बाहर डायवर्ट किया जाता था।
यह जांच 22 जनवरी 2025 को दर्ज FIR पर आधारित है; NHAI के फॉरेंसिक रिकॉर्ड से भी पुष्टि।
अक्षता मिनरल्स मामले में ₹3.31 करोड़ की चल संपत्ति और HDFC फंड की 62,914.316 यूनिट्स कुर्क।
पूर्व CM भूपेश बघेल के पूर्व निजी सहायक केके चंद्रवंशी के दुर्ग स्थित घर पर CGPSC मामले में भी छापा।

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बुधवार, 2 सितंबर को नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) के टोल प्लाजा पर कथित फर्जी वसूली से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में 14 ठिकानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया। लखनऊ जोनल ऑफिस की टीम ने यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) 2002 की धारा 17 के तहत की।

छापेमारी का दायरा और राज्य

यह तलाशी अभियान उत्तर प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, जम्मू, मध्य प्रदेश, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) और कोलकाता — कुल सात राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में एक साथ संचालित किया गया। ED के अनुसार, यह जांच 22 जनवरी 2025 को दर्ज प्राथमिकी (FIR) के आधार पर शुरू की गई थी।

गौरतलब है कि यह मामला केवल एक राज्य तक सीमित नहीं है — इसकी व्यापक भौगोलिक पहुँच यह दर्शाती है कि कथित धोखाधड़ी राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क के बड़े हिस्से को प्रभावित कर सकती है।

फर्जीवाड़े का तरीका

ED की जांच में कथित तौर पर सामने आया है कि टोल प्लाजा पर अनधिकृत सॉफ्टवेयर एप्लिकेशन का उपयोग करके फर्जी टोल रसीदें तैयार की जा रही थीं। इस प्रक्रिया में वसूली गई राशि को सरकारी लेखा प्रणाली से बाहर डायवर्ट किया जाता था।

NHAI से प्राप्त रिकॉर्ड और फॉरेंसिक जांच में भी ऐसे अनधिकृत सॉफ्टवेयर के उपयोग की पुष्टि हुई है, जो इस मामले को तकनीकी रूप से जटिल बनाता है। एजेंसी ने कहा है कि तलाशी का उद्देश्य डिजिटल और दस्तावेजी साक्ष्य जुटाना, संलिप्त व्यक्तियों की पहचान करना और अपराध से अर्जित धन का पता लगाना है।

अक्षता मिनरल्स मामले में संपत्ति कुर्क

एक अलग मामले में, ED के बेंगलुरु जोनल ऑफिस ने 1 सितंबर को PMLA की धारा 5(1) के तहत अक्षता मिनरल्स प्राइवेट लिमिटेड और अन्य से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग प्रकरण में लगभग ₹3.31 करोड़ की चल संपत्ति अनंतिम रूप से कुर्क की। इसमें HDFC बैलेंस्ड एडवांटेज फंड की 62,914.316 यूनिट्स शामिल हैं।

यह जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की एंटी करप्शन ब्यूरो, बेंगलुरु द्वारा दर्ज FIR पर आधारित है, जिसमें अक्षता मिनरल्स, उसके निदेशकों और अन्य पर धोखाधड़ी, आपराधिक षड्यंत्र और जाली दस्तावेजों के इस्तेमाल के आरोप हैं।

छत्तीसगढ़ CGPSC मामले में भी छापा

मंगलवार को ही ED ने छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पूर्व निजी सहायक केके चंद्रवंशी उर्फ केके चंद्राकर के आवास पर भी तलाशी ली। यह कार्रवाई छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) में कथित अनियमितताओं से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में की गई।

सूत्रों के अनुसार, ED के 5 से 8 अधिकारियों की एक टीम सुबह करीब 6 बजे दो वाहनों में दुर्ग जिले के पुराने भिलाई इलाके में स्थित चंद्रवंशी के घर पहुँची। अधिकारियों ने दस्तावेजों की जांच की, जबकि आवास के बाहर सुरक्षा बल तैनात रहे।

आगे क्या

ED ने स्पष्ट किया है कि NHAI टोल फर्जीवाड़े सहित सभी मामलों में जांच जारी है। विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल साक्ष्य और फॉरेंसिक डेटा के आधार पर आने वाले दिनों में गिरफ्तारियाँ या संपत्ति कुर्की की और कार्रवाई हो सकती है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

NHAI टोल प्लाजा फर्जीवाड़े में ED की छापेमारी क्यों हुई?
ED ने पाया कि टोल प्लाजा पर अनधिकृत सॉफ्टवेयर एप्लिकेशन से फर्जी रसीदें बनाकर वसूली गई राशि सरकारी लेखा प्रणाली से बाहर डायवर्ट की जा रही थी। यह जांच 22 जनवरी 2025 को दर्ज FIR और NHAI के फॉरेंसिक रिकॉर्ड पर आधारित है।
ED की यह छापेमारी किन-किन राज्यों में हुई?
तलाशी अभियान उत्तर प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, जम्मू, मध्य प्रदेश, NCR और कोलकाता — कुल 7 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में 14 ठिकानों पर एक साथ चलाया गया।
अक्षता मिनरल्स मामले में ED ने क्या कार्रवाई की?
ED के बेंगलुरु जोनल ऑफिस ने 1 सितंबर को PMLA की धारा 5(1) के तहत अक्षता मिनरल्स प्राइवेट लिमिटेड से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में लगभग ₹3.31 करोड़ की चल संपत्ति अनंतिम रूप से कुर्क की, जिसमें HDFC बैलेंस्ड एडवांटेज फंड की 62,914.316 यूनिट्स शामिल हैं।
केके चंद्रवंशी के घर छापा किस मामले में पड़ा?
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पूर्व निजी सहायक केके चंद्रवंशी के दुर्ग जिले स्थित घर पर छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) में कथित अनियमितताओं से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में तलाशी ली गई। ED की 5 से 8 अधिकारियों की टीम सुबह करीब 6 बजे वहाँ पहुँची थी।
NHAI टोल फर्जीवाड़े की जांच में आगे क्या होगा?
ED ने कहा है कि सभी मामलों में जांच जारी है। डिजिटल और दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर संलिप्त व्यक्तियों की पहचान और अपराध से अर्जित संपत्ति का पता लगाने की प्रक्रिया चल रही है, जिससे आने वाले दिनों में और कार्रवाई संभव है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 सप्ताह पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 2 महीने पहले
  6. 3 महीने पहले
  7. 7 महीने पहले
  8. 7 महीने पहले