राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने लगाया सफेद चंदन का पौधा, 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान को बताया जनआंदोलन
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने 13 जुलाई 2025 को लखनऊ स्थित जन भवन परिसर में वृक्षारोपण महाअभियान के अंतर्गत सफेद चंदन का पौधा रोपा और प्रकृति संरक्षण को भावी पीढ़ियों के प्रति सामूहिक दायित्व बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रदूषित पर्यावरण और अस्वस्थ जीवनशैली आज की सबसे गंभीर चुनौतियाँ हैं, और इनसे निपटने के लिए प्रकृति संरक्षण को एक व्यापक जनआंदोलन का रूप देना अनिवार्य है।
मुख्य घटनाक्रम
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने जन भवन की नक्षत्र वाटिका में सफेद चंदन का पौधा रोपा। इस अवसर पर जन भवन परिसर में कुल 29 चंदन के पौधे रोपे गए। पौधरोपण कार्यक्रम में जन भवन के अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ-साथ राजकीय बालगृह (बालिका), सिंधीखेड़ा की बच्चियों ने भी उत्साहपूर्वक भागीदारी की। कार्यक्रम के उपरांत राज्यपाल ने रोपे गए पौधों का अवलोकन किया और जन भवन के उद्यान में विकसित फल, सब्जी एवं शाकभाजी की क्यारियों का निरीक्षण कर उनके बारे में जानकारी प्राप्त की।
राज्यपाल का संदेश
राज्यपाल ने कहा कि दूषित जल, प्रदूषित वातावरण और अस्वस्थ जीवनशैली समाज के लिए गंभीर संकट बन चुके हैं। उन्होंने प्रत्येक नागरिक से प्रकृति संरक्षण और स्वस्थ जीवन-पद्धति अपनाने का संकल्प लेने की अपील की। गृहिणियों को उन्होंने विशेष रूप से बाजार के मिलावटी खाद्य पदार्थों के बजाय घर का शुद्ध और पौष्टिक भोजन अपनाने तथा बच्चों में स्वस्थ खान-पान की आदत विकसित करने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने यह भी बताया कि विश्वविद्यालयों के छात्रावासों में मिलावटी और अस्वास्थ्यकर खाद्य सामग्री न लाने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि विद्यार्थियों का स्वास्थ्य सुरक्षित रह सके। यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में खाद्य मिलावट को लेकर चिंताएँ बढ़ रही हैं।
विकास और किसानों की चिंता
राज्यपाल ने किसानों के खेतों से गुजरने वाली विद्युत लाइनों का उल्लेख करते हुए कहा कि विकास कार्यों की योजना इस प्रकार बनाई जानी चाहिए कि किसानों को अनावश्यक कठिनाइयों का सामना न करना पड़े। उन्होंने विश्वविद्यालयों में हो रहे निर्माण कार्यों में वैज्ञानिक योजना, बेहतर डिजाइन और संसाधनों के प्रभावी उपयोग पर जोर देते हुए स्पष्ट किया कि केवल धन व्यय करना लक्ष्य नहीं होना चाहिए — गुणवत्तापूर्ण, टिकाऊ और उपयोगी निर्माण को प्राथमिकता मिलनी चाहिए।
'एक पेड़ मां के नाम' अभियान और 35 करोड़ का लक्ष्य
राज्यपाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किए गए 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान की सराहना की और अधिक से अधिक नागरिकों से इस जनअभियान से जुड़ने की अपील की। उन्होंने उत्तर प्रदेश में 35 करोड़ पौधरोपण के लक्ष्य को पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। गौरतलब है कि यह अभियान राज्य में हर वर्ष मानसून के दौरान बड़े पैमाने पर चलाया जाता है, और इस वर्ष का लक्ष्य पिछले वर्षों की तुलना में अधिक महत्वाकांक्षी है।
आगे की राह
राज्यपाल के इस संदेश ने पर्यावरण, स्वास्थ्य और सामाजिक जिम्मेदारी को एक साझे सूत्र में पिरोया है। विशेषज्ञों का मानना है कि सरकारी स्तर पर इस तरह की सहभागिता तभी सार्थक होती है जब रोपे गए पौधों की दीर्घकालिक देखरेख और जीवित रहने की दर सुनिश्चित की जाए। आने वाले महीनों में राज्य सरकार द्वारा पौधरोपण की प्रगति की समीक्षा अपेक्षित है।