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राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने लगाया सफेद चंदन का पौधा, 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान को बताया जनआंदोलन

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राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने लगाया सफेद चंदन का पौधा, 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान को बताया जनआंदोलन

सारांश

उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने लखनऊ के जन भवन में सफेद चंदन का पौधा रोपकर 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान को जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया। परिसर में कुल 29 चंदन के पौधे लगाए गए और राज्य के 35 करोड़ पौधरोपण लक्ष्य को पर्यावरण संरक्षण की दिशा में अहम कदम बताया गया।

मुख्य बातें

राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने लखनऊ के जन भवन की नक्षत्र वाटिका में सफेद चंदन का पौधा रोपा।
वृक्षारोपण महाअभियान के तहत जन भवन परिसर में कुल 29 चंदन के पौधे रोपे गए।
राजकीय बालगृह (बालिका), सिंधीखेड़ा की बच्चियों ने भी पौधरोपण में भागीदारी की।
राज्यपाल ने उत्तर प्रदेश में 35 करोड़ पौधरोपण के लक्ष्य को पर्यावरण संरक्षण का महत्वपूर्ण कदम बताया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान से अधिक से अधिक नागरिकों को जुड़ने की अपील की गई।
विश्वविद्यालय छात्रावासों में मिलावटी खाद्य सामग्री न लाने के निर्देश दिए गए हैं।

उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने 13 जुलाई 2025 को लखनऊ स्थित जन भवन परिसर में वृक्षारोपण महाअभियान के अंतर्गत सफेद चंदन का पौधा रोपा और प्रकृति संरक्षण को भावी पीढ़ियों के प्रति सामूहिक दायित्व बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रदूषित पर्यावरण और अस्वस्थ जीवनशैली आज की सबसे गंभीर चुनौतियाँ हैं, और इनसे निपटने के लिए प्रकृति संरक्षण को एक व्यापक जनआंदोलन का रूप देना अनिवार्य है।

मुख्य घटनाक्रम

राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने जन भवन की नक्षत्र वाटिका में सफेद चंदन का पौधा रोपा। इस अवसर पर जन भवन परिसर में कुल 29 चंदन के पौधे रोपे गए। पौधरोपण कार्यक्रम में जन भवन के अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ-साथ राजकीय बालगृह (बालिका), सिंधीखेड़ा की बच्चियों ने भी उत्साहपूर्वक भागीदारी की। कार्यक्रम के उपरांत राज्यपाल ने रोपे गए पौधों का अवलोकन किया और जन भवन के उद्यान में विकसित फल, सब्जी एवं शाकभाजी की क्यारियों का निरीक्षण कर उनके बारे में जानकारी प्राप्त की।

राज्यपाल का संदेश

राज्यपाल ने कहा कि दूषित जल, प्रदूषित वातावरण और अस्वस्थ जीवनशैली समाज के लिए गंभीर संकट बन चुके हैं। उन्होंने प्रत्येक नागरिक से प्रकृति संरक्षण और स्वस्थ जीवन-पद्धति अपनाने का संकल्प लेने की अपील की। गृहिणियों को उन्होंने विशेष रूप से बाजार के मिलावटी खाद्य पदार्थों के बजाय घर का शुद्ध और पौष्टिक भोजन अपनाने तथा बच्चों में स्वस्थ खान-पान की आदत विकसित करने के लिए प्रेरित किया।

उन्होंने यह भी बताया कि विश्वविद्यालयों के छात्रावासों में मिलावटी और अस्वास्थ्यकर खाद्य सामग्री न लाने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि विद्यार्थियों का स्वास्थ्य सुरक्षित रह सके। यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में खाद्य मिलावट को लेकर चिंताएँ बढ़ रही हैं।

विकास और किसानों की चिंता

राज्यपाल ने किसानों के खेतों से गुजरने वाली विद्युत लाइनों का उल्लेख करते हुए कहा कि विकास कार्यों की योजना इस प्रकार बनाई जानी चाहिए कि किसानों को अनावश्यक कठिनाइयों का सामना न करना पड़े। उन्होंने विश्वविद्यालयों में हो रहे निर्माण कार्यों में वैज्ञानिक योजना, बेहतर डिजाइन और संसाधनों के प्रभावी उपयोग पर जोर देते हुए स्पष्ट किया कि केवल धन व्यय करना लक्ष्य नहीं होना चाहिए — गुणवत्तापूर्ण, टिकाऊ और उपयोगी निर्माण को प्राथमिकता मिलनी चाहिए।

'एक पेड़ मां के नाम' अभियान और 35 करोड़ का लक्ष्य

राज्यपाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किए गए 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान की सराहना की और अधिक से अधिक नागरिकों से इस जनअभियान से जुड़ने की अपील की। उन्होंने उत्तर प्रदेश में 35 करोड़ पौधरोपण के लक्ष्य को पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। गौरतलब है कि यह अभियान राज्य में हर वर्ष मानसून के दौरान बड़े पैमाने पर चलाया जाता है, और इस वर्ष का लक्ष्य पिछले वर्षों की तुलना में अधिक महत्वाकांक्षी है।

आगे की राह

राज्यपाल के इस संदेश ने पर्यावरण, स्वास्थ्य और सामाजिक जिम्मेदारी को एक साझे सूत्र में पिरोया है। विशेषज्ञों का मानना है कि सरकारी स्तर पर इस तरह की सहभागिता तभी सार्थक होती है जब रोपे गए पौधों की दीर्घकालिक देखरेख और जीवित रहने की दर सुनिश्चित की जाए। आने वाले महीनों में राज्य सरकार द्वारा पौधरोपण की प्रगति की समीक्षा अपेक्षित है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि रोपे गए करोड़ों पौधों में से कितने वर्षों बाद जीवित रहते हैं — एक आँकड़ा जो सरकारी रिपोर्टों में प्रायः अनुपस्थित रहता है। 35 करोड़ का लक्ष्य महत्वाकांक्षी है, किंतु पिछले वर्षों में पौधों की जीवित रहने की दर को लेकर पर्यावरण विशेषज्ञ सवाल उठाते रहे हैं। मिलावटी खाद्य पदार्थों और किसानों की बिजली लाइन समस्या जैसे मुद्दों को एक ही मंच पर उठाना राज्यपाल की व्यापक सामाजिक दृष्टि दर्शाता है, लेकिन इन पर ठोस नीतिगत कार्रवाई की निगरानी आवश्यक है।
RashtraPress
12 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'एक पेड़ मां के नाम' अभियान क्या है?
यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किया गया राष्ट्रव्यापी वृक्षारोपण अभियान है, जिसमें नागरिकों से अपनी माँ के नाम पर एक पेड़ लगाने की अपील की जाती है। इसका उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण को भावनात्मक और सामाजिक जिम्मेदारी से जोड़ना है।
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने जन भवन में कौन-सा पौधा लगाया?
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने लखनऊ के जन भवन की नक्षत्र वाटिका में सफेद चंदन का पौधा लगाया। इस अवसर पर परिसर में कुल 29 चंदन के पौधे रोपे गए।
उत्तर प्रदेश में इस वर्ष पौधरोपण का लक्ष्य क्या है?
उत्तर प्रदेश सरकार ने इस वर्ष 35 करोड़ पौधे रोपने का लक्ष्य रखा है। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने इस लक्ष्य को पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है।
राज्यपाल ने विश्वविद्यालय छात्रावासों के बारे में क्या निर्देश दिए?
राज्यपाल ने विश्वविद्यालयों के छात्रावासों में मिलावटी और अस्वास्थ्यकर खाद्य सामग्री न लाने के निर्देश दिए हैं, ताकि विद्यार्थियों का स्वास्थ्य सुरक्षित रहे। उन्होंने गृहिणियों से भी बाजार के मिलावटी खाद्य पदार्थों की जगह घर का शुद्ध और पौष्टिक भोजन अपनाने की अपील की।
पौधरोपण कार्यक्रम में किन-किन लोगों ने भाग लिया?
कार्यक्रम में जन भवन के अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ-साथ राजकीय बालगृह (बालिका), सिंधीखेड़ा की बच्चियों ने भी भागीदारी की। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने स्वयं सफेद चंदन का पौधा रोपकर कार्यक्रम का नेतृत्व किया।
राष्ट्र प्रेस
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