एकनाथ शिंदे का निर्देश: ठाणे के 900 बेड अस्पताल का बिजली कनेक्शन तय समय में पूरा करें
सारांश
मुख्य बातें
उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने मंगलवार को मंत्रालय में आयोजित एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में ठाणे के 900 बेड वाले जिला सामान्य अस्पताल परिसर का बिजली कनेक्शन कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने के कड़े निर्देश दिए। अस्पताल भवन निर्माण पूर्ण होने के बावजूद बिजली कनेक्शन न मिलने के कारण सेवाएँ शुरू न हो पाने का मुद्दा बैठक में प्रमुखता से उठा, जिसके बाद शिंदे ने प्रशासनिक स्तर पर किसी भी देरी को अस्वीकार्य बताया।
बैठक में क्या हुआ
उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के कमेटी रूम में हुई इस समीक्षा बैठक में ठाणे सिविल अस्पताल की वर्तमान स्थिति और अब तक की प्रगति का विस्तृत मूल्यांकन किया गया। बैठक में स्वास्थ्य मंत्री प्रकाश आबिटकर, मंत्री दादाजी भुसे, गुलाबराव पाटिल, उदय सामंत, शंभूराज देसाई, संजय शिरसाट, संजय राठौड़ और प्रताप सरनाईक उपस्थित रहे। वरिष्ठ अधिकारियों में उपमुख्यमंत्री के अतिरिक्त मुख्य सचिव असीम गुप्ता, प्रधान सचिव नवीन सोना, स्वास्थ्य विभाग के सचिव ई. रवींद्रन, जिला कलेक्टर श्रीकृष्ण पांचाल, ठाणे नगर निगम के अतिरिक्त आयुक्त संदीप मालवी और जिला शल्य चिकित्सक डॉ. कैलाश पवार भी मौजूद थे।
मुख्य निर्देश और प्राथमिकताएँ
शिंदे ने संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों को स्पष्ट किया कि परियोजना के प्रत्येक चरण में कार्य की गति बढ़ाई जाए और प्रशासनिक विलंब किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने विशेष रूप से निर्देश दिया कि अस्पताल के लिए आवश्यक सभी बिजली कनेक्शन का कार्य 'फास्ट ट्रैक' आधार पर पूरा किया जाए।
इसके अतिरिक्त, उपमुख्यमंत्री ने अस्पताल भवन की नियमित एवं उच्च-गुणवत्ता सफाई सुनिश्चित करने, नवीनतम चिकित्सा उपकरणों की तत्काल खरीद करने और सरकार द्वारा हाल ही में स्वीकृत 1,078 नए पदों को भरने की प्रक्रिया में तेज़ी लाने के निर्देश भी दिए।
अस्पताल परिसर की विशेषताएँ
यह महत्वाकांक्षी परिसर एक ही छत के नीचे तीन इकाइयाँ समेटेगा — 500 बेड का मुख्य जिला अस्पताल, 200 बेड का स्वतंत्र महिला एवं बाल अस्पताल, और 200 बेड का रेफरल सेवा अस्पताल। कार्डियोलॉजी, न्यूरोलॉजी, नेफ्रोलॉजी और ऑन्कोलॉजी जैसी गंभीर बीमारियों के उपचार हेतु सुपरस्पेशलिटी विभाग भी उपलब्ध होंगे।
विशेष रूप से, आपातकालीन और गंभीर रोगियों की त्वरित देखभाल के लिए अस्पताल की छत पर एक हेलीपैड का विशेष डिज़ाइन तैयार किया गया है, जिससे एयर एंबुलेंस की सुविधा सुलभ होगी। परिसर में कुल 16 आधुनिक सर्जिकल थिएटर भी संचालित होंगे।
आम जनता पर असर
उपमुख्यमंत्री शिंदे ने विश्वास व्यक्त किया कि इस परियोजना के पूर्ण होने के बाद ठाणे और पालघर जिलों के लाखों नागरिकों को उपचार के लिए अन्यत्र नहीं जाना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि नागरिक अपने ही जिले में आधुनिक और संपूर्ण चिकित्सा सेवाएँ निःशुल्क प्राप्त कर सकेंगे।
यह ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब ठाणे और पालघर जैसे तेज़ी से बढ़ते शहरी-अर्ध-शहरी क्षेत्रों में सार्वजनिक स्वास्थ्य अवसंरचना की माँग लगातार बढ़ रही है। इस परियोजना के पूर्ण होने से इन जिलों में स्वास्थ्य सेवाओं का स्तर उल्लेखनीय रूप से सुधरने की उम्मीद है।