28 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

एकनाथ शिंदे का निर्देश: ठाणे के 900 बेड अस्पताल का बिजली कनेक्शन तय समय में पूरा करें

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
एकनाथ शिंदे का निर्देश: ठाणे के 900 बेड अस्पताल का बिजली कनेक्शन तय समय में पूरा करें

सारांश

ठाणे के 900 बेड अस्पताल का भवन तैयार है, पर बिजली कनेक्शन के अभाव में सेवाएँ शुरू नहीं हो पाईं। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने इसे फास्ट ट्रैक पर पूरा करने, 1,078 पद भरने और उपकरण खरीद में तेज़ी लाने के कड़े निर्देश दिए हैं।

मुख्य बातें

उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने मंगलवार को मंत्रालय में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की।
ठाणे के 900 बेड अस्पताल परिसर का बिजली कनेक्शन कार्य 'फास्ट ट्रैक' पर पूरा करने के निर्देश दिए गए।
परिसर में 500 बेड का जिला अस्पताल, 200 बेड का महिला-बाल अस्पताल और 200 बेड का रेफरल अस्पताल शामिल हैं।
सरकार द्वारा हाल ही में स्वीकृत 1,078 नए पदों को भरने की प्रक्रिया में तेज़ी लाने के आदेश।
अस्पताल में 16 आधुनिक सर्जिकल थिएटर और छत पर हेलीपैड की सुविधा होगी।
ठाणे और पालघर जिलों के नागरिकों को निःशुल्क सुपरस्पेशलिटी चिकित्सा सेवाएँ मिलेंगी।

उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने मंगलवार को मंत्रालय में आयोजित एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में ठाणे के 900 बेड वाले जिला सामान्य अस्पताल परिसर का बिजली कनेक्शन कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने के कड़े निर्देश दिए। अस्पताल भवन निर्माण पूर्ण होने के बावजूद बिजली कनेक्शन न मिलने के कारण सेवाएँ शुरू न हो पाने का मुद्दा बैठक में प्रमुखता से उठा, जिसके बाद शिंदे ने प्रशासनिक स्तर पर किसी भी देरी को अस्वीकार्य बताया।

बैठक में क्या हुआ

उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के कमेटी रूम में हुई इस समीक्षा बैठक में ठाणे सिविल अस्पताल की वर्तमान स्थिति और अब तक की प्रगति का विस्तृत मूल्यांकन किया गया। बैठक में स्वास्थ्य मंत्री प्रकाश आबिटकर, मंत्री दादाजी भुसे, गुलाबराव पाटिल, उदय सामंत, शंभूराज देसाई, संजय शिरसाट, संजय राठौड़ और प्रताप सरनाईक उपस्थित रहे। वरिष्ठ अधिकारियों में उपमुख्यमंत्री के अतिरिक्त मुख्य सचिव असीम गुप्ता, प्रधान सचिव नवीन सोना, स्वास्थ्य विभाग के सचिव ई. रवींद्रन, जिला कलेक्टर श्रीकृष्ण पांचाल, ठाणे नगर निगम के अतिरिक्त आयुक्त संदीप मालवी और जिला शल्य चिकित्सक डॉ. कैलाश पवार भी मौजूद थे।

मुख्य निर्देश और प्राथमिकताएँ

शिंदे ने संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों को स्पष्ट किया कि परियोजना के प्रत्येक चरण में कार्य की गति बढ़ाई जाए और प्रशासनिक विलंब किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने विशेष रूप से निर्देश दिया कि अस्पताल के लिए आवश्यक सभी बिजली कनेक्शन का कार्य 'फास्ट ट्रैक' आधार पर पूरा किया जाए।

इसके अतिरिक्त, उपमुख्यमंत्री ने अस्पताल भवन की नियमित एवं उच्च-गुणवत्ता सफाई सुनिश्चित करने, नवीनतम चिकित्सा उपकरणों की तत्काल खरीद करने और सरकार द्वारा हाल ही में स्वीकृत 1,078 नए पदों को भरने की प्रक्रिया में तेज़ी लाने के निर्देश भी दिए।

अस्पताल परिसर की विशेषताएँ

यह महत्वाकांक्षी परिसर एक ही छत के नीचे तीन इकाइयाँ समेटेगा — 500 बेड का मुख्य जिला अस्पताल, 200 बेड का स्वतंत्र महिला एवं बाल अस्पताल, और 200 बेड का रेफरल सेवा अस्पताल। कार्डियोलॉजी, न्यूरोलॉजी, नेफ्रोलॉजी और ऑन्कोलॉजी जैसी गंभीर बीमारियों के उपचार हेतु सुपरस्पेशलिटी विभाग भी उपलब्ध होंगे।

विशेष रूप से, आपातकालीन और गंभीर रोगियों की त्वरित देखभाल के लिए अस्पताल की छत पर एक हेलीपैड का विशेष डिज़ाइन तैयार किया गया है, जिससे एयर एंबुलेंस की सुविधा सुलभ होगी। परिसर में कुल 16 आधुनिक सर्जिकल थिएटर भी संचालित होंगे।

आम जनता पर असर

उपमुख्यमंत्री शिंदे ने विश्वास व्यक्त किया कि इस परियोजना के पूर्ण होने के बाद ठाणे और पालघर जिलों के लाखों नागरिकों को उपचार के लिए अन्यत्र नहीं जाना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि नागरिक अपने ही जिले में आधुनिक और संपूर्ण चिकित्सा सेवाएँ निःशुल्क प्राप्त कर सकेंगे।

यह ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब ठाणे और पालघर जैसे तेज़ी से बढ़ते शहरी-अर्ध-शहरी क्षेत्रों में सार्वजनिक स्वास्थ्य अवसंरचना की माँग लगातार बढ़ रही है। इस परियोजना के पूर्ण होने से इन जिलों में स्वास्थ्य सेवाओं का स्तर उल्लेखनीय रूप से सुधरने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

पर बिजली कनेक्शन जैसी बुनियादी आवश्यकता के अभाव में अस्पताल चालू नहीं हो पाया। यह सवाल उठता है कि निर्माण और उपयोगिता अनुमोदन के बीच समन्वय की जिम्मेदारी किसकी है, और यह चूक क्यों हुई। 1,078 पदों की स्वीकृति सकारात्मक कदम है, लेकिन महाराष्ट्र में सरकारी अस्पतालों में रिक्त पदों की भर्ती प्रक्रिया ऐतिहासिक रूप से धीमी रही है। असली परीक्षा यह है कि इस बार 'फास्ट ट्रैक' का वादा कागज़ों से निकलकर वास्तविक सेवा-प्रारंभ तक कितनी जल्दी पहुँचता है।
RashtraPress
28 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ठाणे का 900 बेड अस्पताल अभी तक शुरू क्यों नहीं हुआ?
अस्पताल भवन का निर्माण पूर्ण हो चुका है, लेकिन आवश्यक बिजली कनेक्शन न मिलने के कारण सेवाएँ शुरू नहीं हो पाई हैं। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने समीक्षा बैठक में इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया और इसे फास्ट ट्रैक पर हल करने के निर्देश दिए।
ठाणे के इस अस्पताल परिसर में क्या-क्या सुविधाएँ होंगी?
इस 900 बेड परिसर में 500 बेड का मुख्य जिला अस्पताल, 200 बेड का महिला एवं बाल अस्पताल और 200 बेड का रेफरल अस्पताल शामिल हैं। इसके अलावा कार्डियोलॉजी, न्यूरोलॉजी, नेफ्रोलॉजी और ऑन्कोलॉजी की सुपरस्पेशलिटी सेवाएँ, 16 आधुनिक सर्जिकल थिएटर और छत पर हेलीपैड की सुविधा भी होगी।
एकनाथ शिंदे ने समीक्षा बैठक में कौन-से मुख्य निर्देश दिए?
शिंदे ने तीन प्रमुख निर्देश दिए — बिजली कनेक्शन कार्य तय समय में पूरा करना, सरकार द्वारा स्वीकृत 1,078 नए पदों की भर्ती प्रक्रिया में तेज़ी लाना, और नवीनतम चिकित्सा उपकरणों की तत्काल खरीद सुनिश्चित करना। उन्होंने प्रशासनिक स्तर पर किसी भी देरी को अस्वीकार्य बताया।
इस अस्पताल से ठाणे और पालघर के नागरिकों को क्या फायदा होगा?
परियोजना पूर्ण होने पर ठाणे और पालघर जिलों के नागरिकों को उपचार के लिए अन्य जिलों में नहीं जाना पड़ेगा। उपमुख्यमंत्री शिंदे के अनुसार, नागरिक अपने जिले में ही आधुनिक सुपरस्पेशलिटी चिकित्सा सेवाएँ निःशुल्क प्राप्त कर सकेंगे।
समीक्षा बैठक में कौन-कौन से अधिकारी और मंत्री उपस्थित थे?
बैठक में स्वास्थ्य मंत्री प्रकाश आबिटकर सहित मंत्री दादाजी भुसे, गुलाबराव पाटिल, उदय सामंत, शंभूराज देसाई, संजय शिरसाट, संजय राठौड़ और प्रताप सरनाईक उपस्थित थे। वरिष्ठ अधिकारियों में अतिरिक्त मुख्य सचिव असीम गुप्ता, जिला कलेक्टर श्रीकृष्ण पांचाल और जिला शल्य चिकित्सक डॉ. कैलाश पवार भी शामिल थे।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 14 मिनट पहले
  2. 3 सप्ताह पहले
  3. 3 सप्ताह पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 5 महीने पहले
  6. 10 महीने पहले
  7. 10 महीने पहले
  8. 11 महीने पहले