23 सितंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

चुनाव आयोग सत्ताधारी दल का साधन: सुखदेव भगत की तीखी प्रतिक्रिया

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
चुनाव आयोग सत्ताधारी दल का साधन: सुखदेव भगत की तीखी प्रतिक्रिया

सारांश

कांग्रेस सांसद सुखदेव भगत ने चुनाव आयोग की स्वतंत्रता पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि यह संस्था सत्ताधारी दल की कठपुतली बन गई है। क्या यह आरोप सही हैं? जानिए उनके ताजा बयान में क्या कुछ है खास।

मुख्य बातें

सुखदेव भगत ने चुनाव आयोग की स्वतंत्रता पर सवाल उठाया है।
प्रधानमंत्री का उद्घाटन और चुनाव तिथि की घोषणा में संबंध है।
कांग्रेस की नीति मुख्यधारा से दूर वर्गों को लाने की है।

नई दिल्ली, 16 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। कांग्रेस नेता नाना पटोले के चुनाव तिथियों पर उठाए गए सवालों के बाद, कांग्रेस सांसद सुखदेव भगत ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि संशय होना स्वाभाविक है और यदि आप पिछले परिणामों पर नजर डालें, तो जहाँ-जहाँ इनको गैप मिला है, वहाँ-वहाँ इनको फायदा मिला है। इसीलिए संदेह उठता है।

सुखदेव भगत ने कहा कि यह भी ध्यान देने योग्य है कि प्रधानमंत्री ने एक दिन पहले बंगाल में 16,800 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का उद्घाटन किया और उसके अगले दिन ही चुनाव आयोग ने तिथियों की घोषणा कर दी। उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव आयोग सत्ताधारी दल की कठपुतली की तरह कार्य कर रहा है।

राज्यसभा चुनाव पर, सुखदेव भगत ने कहा कि हरियाणा में स्थिति स्पष्ट है। बिहार में भी यूपीए के घटक के रूप में, हमें उम्मीद है कि वहाँ भी हमारे पक्ष में निर्णय होगा।

तमिलनाडु विधानसभा चुनावों से पहले, टीवीके के एनडीए में शामिल होने की चर्चा पर, सुखदेव भगत ने कहा कि जिस तरह से विजय एक राजनीतिक शक्ति के रूप में उभरे हैं, भाजपा के फूट डालो और खरीदो की नीति के खिलाफ जो धर्मनिरपेक्षता या संविधान में विश्वास रखता है, वह भाजपा के साथ नहीं जाएगा।

राहुल गांधी द्वारा कांशीराम को 'भारत रत्न' देने की मांग पर, सुखदेव भगत ने कहा कि राहुल गांधी ने जो कहा है, वह सही संदर्भ में है। कांग्रेस की नीति सदैव रही है कि मुख्यधारा से दूर जो वर्ग हैं, उन्हें मुख्यधारा में लाया जाए। हमारी योजनाएँ भी इसी सोच के साथ चलाई जाती रही हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो भारतीय लोकतंत्र की बुनियाद के लिए महत्वपूर्ण है। इस विषय पर हमें तटस्थ दृष्टिकोण से विचार करना चाहिए।
RashtraPress
23 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सुखदेव भगत ने चुनाव आयोग के बारे में क्या कहा?
सुखदेव भगत ने चुनाव आयोग को सत्ताधारी दल की कठपुतली बताया है, यह आरोप लगाते हुए कि आयोग की स्वतंत्रता खत्म हो गई है।
क्या चुनाव आयोग की तिथियों की घोषणा में राजनीतिक हस्तक्षेप है?
सुखदेव भगत के अनुसार, चुनाव आयोग की तिथियों की घोषणा में राजनीतिक हस्तक्षेप है, जो संदेह पैदा करता है।
कांग्रेस सांसद ने कौन सा मुद्दा उठाया?
उन्होंने यह मुद्दा उठाया कि चुनाव आयोग के फैसले में पहले के चुनाव परिणामों को देखते हुए संदेह होना स्वाभाविक है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 6 महीने पहले
  2. 10 महीने पहले
  3. 12 महीने पहले
  4. 1 साल पहले
  5. 1 साल पहले
  6. 1 साल पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले