चुनाव प्रक्रिया पर संदेह से सरकार की वैधता पर उठेंगे प्रश्न: सुखदेव भगत
सारांश
Key Takeaways
- सुखदेव भगत ने चुनाव आयोग से निष्पक्ष चुनाव की मांग की है।
- सरकार की वैधता पर सवाल उठाने का मुद्दा उठाया गया।
- मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध की गंभीरता को बताया गया।
- कांग्रेस पार्टी का दृष्टिकोण समानता और निष्पक्षता पर है।
नई दिल्ली, 15 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों के संदर्भ में राजनीतिक दलों के नेताओं के बयान लगातार सामने आ रहे हैं। कांग्रेस सांसद सुखदेव भगत ने कहा कि चुनाव आयोग को निष्पक्षता से चुनाव कराना आवश्यक है, क्योंकि यदि चुनाव प्रक्रिया में संदेह उत्पन्न होता है तो इससे सरकार की वैधता पर प्रश्नचिह्न लगते हैं।
राष्ट्र प्रेस के साथ बातचीत करते हुए, सुखदेव भगत ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा और कहा कि जब पीएम मोदी ने कई योजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन कर दिया है, तो आयोग चुनाव की घोषणा करने की तैयारी में है। उन्होंने कहा कि हम पहले से ही यह कह रहे हैं कि मैच पहले से ही तय है। हमारे नेता राहुल गांधी लगातार आरोप लगाते रहे हैं। चुनाव आयोग का यह कर्तव्य है कि वह निष्पक्ष चुनाव कराए, क्योंकि यदि चुनाव प्रक्रिया पर संदेह है, तो सरकार की वैधता पर सवाल उठेंगे। आयोग को अपने कार्य में निष्पक्षता बनाए रखनी चाहिए।
सुखदेव भगत ने पीएम मोदी के कई राज्यों के दौरे पर भी टिप्पणी की, यह कहते हुए कि मिडिल ईस्ट में युद्ध चल रहा है और हमारे पीएम सदन में उपस्थित नहीं होते हैं। उन्हें सदन में आकर देश को युद्ध की स्थिति के बारे में जानकारी देनी चाहिए।
बसपा प्रमुख मायावती के बयान पर उन्होंने कहा कि मेरा मानना है कि कांग्रेस ही एकमात्र पार्टी है, जो जाति-आधारित राजनीति से दूर रहती है। कांग्रेस पार्टी सभी के लिए समानता और निष्पक्षता की बात करती है और कमजोर वर्गों के साथ खड़ी है। राहुल गांधी स्पष्ट दिल के व्यक्ति हैं, जिन्होंने भारत जोड़ो यात्रा के दौरान संविधान की चर्चा की।
उन्होंने कहा कि जब सत्ता पक्ष राहुल गांधी के सवालों से परेशान होता है, तो वह अतीत में झांकने लगता है। इसीलिए निशिकांत दुबे बयानबाजी करते हैं।
मिडिल ईस्ट युद्ध पर उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि जहाज आने में देरी क्यों हुई।
ज्ञात हो कि पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव 3 से 4 चरणों में कराए जा सकते हैं, इसकी पूरी जानकारी आयोग की प्रेस कॉन्फ्रेंस से स्पष्ट हो जाएगी।