25 अगस्त 2026
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कोलकाता बाजारों में महंगाई पर छापेमारी: चीनी ₹65/किलो पार, ईबी की 10 टीमें सक्रिय

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कोलकाता बाजारों में महंगाई पर छापेमारी: चीनी ₹65/किलो पार, ईबी की 10 टीमें सक्रिय

सारांश

कोलकाता में चीनी ₹65/किलो पार और खाद्य तेल-प्याज के दाम बढ़ने के बीच मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के निर्देश पर ईबी की 10 टीमों ने मंगलवार सुबह पाँच प्रमुख बाजारों में छापेमारी की — जमाखोरी और ओवरप्राइसिंग पर सरकार की सीधी कार्रवाई।

मुख्य बातें

कोलकाता पुलिस की एनफोर्समेंट ब्रांच (ईबी) की 10 टीमों ने 25 अगस्त, मंगलवार को शहर के पाँच प्रमुख बाजारों में छापेमारी की।
यह कार्रवाई मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के सीधे निर्देश पर की गई, जिन्होंने जमाखोरों को कड़ी चेतावनी दी।
पिछले 20 दिनों में चीनी के दाम करीब ₹20 प्रति किलो बढ़कर ₹65 प्रति किलो से ऊपर पहुँच गए हैं।
चावल, खाद्य तेल, लहसुन और प्याज के दाम भी पिछले कुछ हफ्तों में बढ़े हैं।
केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि चीनी मूल्य वृद्धि में एथेनॉल की कोई भूमिका नहीं है।
व्यापारियों ने जुलाई-अगस्त में लगातार बारिश से आपूर्ति बाधित होने को दाम बढ़ने की वजह बताया।

कोलकाता पुलिस की एनफोर्समेंट ब्रांच (ईबी) ने मंगलवार, 25 अगस्त की सुबह शहर के कई प्रमुख बाजारों में औचक छापेमारी की, जब जरूरी खाद्य वस्तुओं — विशेषकर चीनी, चावल, खाद्य तेल, प्याज और लहसुन — के दाम तेजी से बढ़ने की शिकायतें सामने आईं। यह कार्रवाई मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के सीधे निर्देश पर की गई, जिन्होंने सोमवार को राज्य सचिवालय नबान्न में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जमाखोरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी थी।

मुख्य घटनाक्रम

मुख्यमंत्री की चेतावनी के बाद सोमवार रात ही ईबी की 10 विशेष टीमें गठित की गईं। इन टीमों ने मंगलवार सुबह से श्यामबाजार, मानिकतला मार्केट, कोले मार्केट (सियालदह), गरिया बाजार और जादू बाबू बाजार (भवानीपुर) में जाकर दुकानों का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने जरूरी सामानों की उपलब्धता, मूल्य सूची और संभावित जमाखोरी की जाँच की।

चीनी की कीमत और सरकार की चिंता

बताया जा रहा है कि पिछले 20 दिनों में चीनी के दाम में करीब ₹20 प्रति किलो का इजाफा हुआ है और यह ₹65 प्रति किलो के पार चली गई है। कुछ व्यापारियों ने इस बढ़ोतरी के लिए एथेनॉल की स्थिति को जिम्मेदार ठहराया है, हालाँकि केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस मूल्य वृद्धि में एथेनॉल की कोई भूमिका नहीं है। इसके अलावा चावल, खाद्य तेल, लहसुन और प्याज के दाम भी पिछले कुछ हफ्तों में बढ़े हैं।

मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया

मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने नबान्न में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा, 'हमें पता चल गया है कि लीकेज कहाँ है। हम इसे ठीक करेंगे। यहाँ एक मजबूत सरकार है। यहाँ अन्याय की कोई गुंजाइश नहीं होगी।' उन्होंने चावल और चीनी की अवैध जमाखोरी करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी भी दी और भरोसा दिलाया कि चीनी की कीमत को नियंत्रित करने के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।

व्यापारियों का पक्ष

व्यापारियों और विक्रेताओं ने कहा कि जुलाई और अगस्त में लगातार बारिश के कारण आपूर्ति श्रृंखला बाधित हुई है, जिससे सब्जियों और अन्य जरूरी वस्तुओं के दाम बढ़े हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जमाखोरी रोकने के लिए उनकी ओर से भी प्रयास किए जा रहे हैं। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब पूरे देश में खाद्य महंगाई का दबाव बना हुआ है।

आगे क्या होगा

ईबी टीमों की यह छापेमारी अभियान जारी रहने की संभावना है। प्रशासन ने संकेत दिया है कि जमाखोरी या अधिक मूल्य वसूली के दोषी पाए जाने वाले व्यापारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। बाजारों में कीमतों की निगरानी बनाए रखने के लिए आने वाले दिनों में और दौरे किए जा सकते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

छापेमारी अभियान अल्पकालिक राहत दे सकते हैं, लेकिन दीर्घकालिक मूल्य स्थिरता के लिए पर्याप्त नहीं होंगे।
RashtraPress
25 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कोलकाता के बाजारों में छापेमारी क्यों की गई?
जरूरी खाद्य वस्तुओं — विशेषकर चीनी, चावल, खाद्य तेल, प्याज और लहसुन — के दाम तेजी से बढ़ने की शिकायतों के बाद मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के निर्देश पर ईबी की 10 टीमों ने 25 अगस्त को यह कार्रवाई की। टीमों ने जमाखोरी और अधिक मूल्य वसूली की जाँच की।
कोलकाता में चीनी का दाम कितना बढ़ा है?
बताया जा रहा है कि पिछले 20 दिनों में चीनी के दाम करीब ₹20 प्रति किलो बढ़े हैं और यह ₹65 प्रति किलो से ऊपर पहुँच गई है। केंद्र सरकार ने कहा है कि इस वृद्धि में एथेनॉल की कोई भूमिका नहीं है, जबकि कुछ व्यापारी एथेनॉल स्थिति को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं।
किन-किन बाजारों में छापेमारी की गई?
ईबी टीमों ने श्यामबाजार, मानिकतला मार्केट, सियालदह के कोले मार्केट, गरिया बाजार और भवानीपुर के जादू बाबू बाजार में निरीक्षण किया। इन बाजारों में दुकानों पर सामान की उपलब्धता और कीमतों की जाँच की गई।
व्यापारियों ने दाम बढ़ने की क्या वजह बताई?
व्यापारियों और विक्रेताओं ने कहा कि जुलाई और अगस्त में लगातार बारिश के कारण आपूर्ति श्रृंखला बाधित हुई, जिससे सब्जियों और अन्य जरूरी वस्तुओं के दाम बढ़े। उन्होंने जमाखोरी रोकने के लिए अपनी ओर से प्रयासों का भी उल्लेख किया।
आगे क्या कार्रवाई होने की संभावना है?
प्रशासन ने संकेत दिया है कि जमाखोरी या अधिक मूल्य वसूली के दोषी पाए जाने वाले व्यापारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री अधिकारी ने कहा है कि 'लीकेज' की पहचान हो चुकी है और आने वाले दिनों में बाजारों की निगरानी जारी रहेगी।
राष्ट्र प्रेस
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