कोलकाता बाजारों में महंगाई पर छापेमारी: चीनी ₹65/किलो पार, ईबी की 10 टीमें सक्रिय
सारांश
मुख्य बातें
कोलकाता पुलिस की एनफोर्समेंट ब्रांच (ईबी) ने मंगलवार, 25 अगस्त की सुबह शहर के कई प्रमुख बाजारों में औचक छापेमारी की, जब जरूरी खाद्य वस्तुओं — विशेषकर चीनी, चावल, खाद्य तेल, प्याज और लहसुन — के दाम तेजी से बढ़ने की शिकायतें सामने आईं। यह कार्रवाई मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के सीधे निर्देश पर की गई, जिन्होंने सोमवार को राज्य सचिवालय नबान्न में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जमाखोरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी थी।
मुख्य घटनाक्रम
मुख्यमंत्री की चेतावनी के बाद सोमवार रात ही ईबी की 10 विशेष टीमें गठित की गईं। इन टीमों ने मंगलवार सुबह से श्यामबाजार, मानिकतला मार्केट, कोले मार्केट (सियालदह), गरिया बाजार और जादू बाबू बाजार (भवानीपुर) में जाकर दुकानों का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने जरूरी सामानों की उपलब्धता, मूल्य सूची और संभावित जमाखोरी की जाँच की।
चीनी की कीमत और सरकार की चिंता
बताया जा रहा है कि पिछले 20 दिनों में चीनी के दाम में करीब ₹20 प्रति किलो का इजाफा हुआ है और यह ₹65 प्रति किलो के पार चली गई है। कुछ व्यापारियों ने इस बढ़ोतरी के लिए एथेनॉल की स्थिति को जिम्मेदार ठहराया है, हालाँकि केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस मूल्य वृद्धि में एथेनॉल की कोई भूमिका नहीं है। इसके अलावा चावल, खाद्य तेल, लहसुन और प्याज के दाम भी पिछले कुछ हफ्तों में बढ़े हैं।
मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने नबान्न में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा, 'हमें पता चल गया है कि लीकेज कहाँ है। हम इसे ठीक करेंगे। यहाँ एक मजबूत सरकार है। यहाँ अन्याय की कोई गुंजाइश नहीं होगी।' उन्होंने चावल और चीनी की अवैध जमाखोरी करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी भी दी और भरोसा दिलाया कि चीनी की कीमत को नियंत्रित करने के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।
व्यापारियों का पक्ष
व्यापारियों और विक्रेताओं ने कहा कि जुलाई और अगस्त में लगातार बारिश के कारण आपूर्ति श्रृंखला बाधित हुई है, जिससे सब्जियों और अन्य जरूरी वस्तुओं के दाम बढ़े हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जमाखोरी रोकने के लिए उनकी ओर से भी प्रयास किए जा रहे हैं। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब पूरे देश में खाद्य महंगाई का दबाव बना हुआ है।
आगे क्या होगा
ईबी टीमों की यह छापेमारी अभियान जारी रहने की संभावना है। प्रशासन ने संकेत दिया है कि जमाखोरी या अधिक मूल्य वसूली के दोषी पाए जाने वाले व्यापारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। बाजारों में कीमतों की निगरानी बनाए रखने के लिए आने वाले दिनों में और दौरे किए जा सकते हैं।