नीट प्रदर्शनकारियों को राहत: फडणवीस ने महाराष्ट्र में 12-13 FIR वापस लेने का आदेश दिया
सारांश
मुख्य बातें
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मंगलवार, 28 जुलाई को गृह विभाग को औपचारिक निर्देश जारी किए कि नीट परीक्षा की कथित अनियमितताओं के विरोध में उतरे छात्र प्रदर्शनकारियों के खिलाफ महाराष्ट्र भर में दर्ज सभी पुलिस मामले वापस लिए जाएं। इस फैसले से 900 से अधिक उन छात्रों और प्रदर्शनकारियों को सीधी राहत मिलेगी, जिनके नाम विभिन्न थानों में दर्ज एफआईआर में शामिल थे।
मुख्य घटनाक्रम
मुंबई पुलिस ने वर्ली, दादर, सायन, माहिम और शिवाजी पार्क सहित अनेक पुलिस थानों में 12 से 13 एफआईआर दर्ज की थीं। इन मामलों में अवैध जमावड़े और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) के तहत निषेधाज्ञा उल्लंघन जैसी जमानती धाराएं लगाई गई थीं। सैकड़ों आरोपियों को व्हाट्सऐप के ज़रिए नोटिस भेजकर जाँच अधिकारियों के सामने पेश होने का निर्देश दिया गया था।
सरकार की प्रतिक्रिया
मुख्यमंत्री फडणवीस के निर्देश के बाद राज्यभर में मामले वापस लेने की आधिकारिक प्रक्रिया शुरू की जाएगी। सरकार का यह कदम अन्य राज्यों — विशेष रूप से बिहार — में जारी किए गए समान निर्देशों की तर्ज पर है, जहाँ नीट आंदोलन से जुड़े मामले पहले ही वापस लिए जा चुके हैं। यह निर्देश इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इन आपराधिक रिकॉर्ड का असर छात्रों के शैक्षणिक और पेशेवर भविष्य पर पड़ सकता था।
विपक्ष और न्यायपालिका की भूमिका
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) के नेता जयंत पाटिल और महाराष्ट्र कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने मुख्यमंत्री से इन मामलों को तत्काल वापस लेने की औपचारिक माँग की थी। इससे पहले सर्वोच्च न्यायालय भी यह निर्देश दे चुका था कि नीट प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई न की जाए और हिरासत में लिए गए नाबालिगों को तुरंत रिहा किया जाए। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब नीट परीक्षा की विश्वसनीयता को लेकर देशभर में छात्रों में असंतोष व्याप्त है।
आम जनता पर असर
कथित तौर पर 900 से अधिक छात्रों और प्रदर्शनकारियों के नाम इन मामलों में दर्ज थे। मामले वापस होने से इन युवाओं को सरकारी नौकरी, उच्च शिक्षा प्रवेश और पासपोर्ट जैसी प्रक्रियाओं में आपराधिक रिकॉर्ड की बाधा से मुक्ति मिलेगी। यह कदम लोकतांत्रिक विरोध के अधिकार को संरक्षित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण संकेत भी माना जा रहा है।
क्या होगा आगे
गृह विभाग द्वारा आधिकारिक वापसी प्रक्रिया शुरू होने के बाद संबंधित थानों में दर्ज एफआईआर औपचारिक रूप से बंद की जाएंगी। इस बीच, एक राजनीतिक दल ने चेतावनी दी है कि यदि विभिन्न राज्यों में छात्र प्रदर्शनकारियों के सभी लंबित मामले तुरंत वापस नहीं लिए गए, तो राष्ट्रव्यापी आंदोलन फिर से शुरू किया जाएगा। नीट परीक्षा सुधार की माँग अभी भी केंद्र सरकार के समक्ष लंबित है।