18 सितंबर 2026
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फर्रुखाबाद में गणेश महोत्सव 2026: शोभायात्रा और पांचाल घाट पर प्रतिमाओं का भू-विसर्जन

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फर्रुखाबाद में गणेश महोत्सव 2026: शोभायात्रा और पांचाल घाट पर प्रतिमाओं का भू-विसर्जन

सारांश

फर्रुखाबाद में गणेश महोत्सव उत्साह और आस्था के संगम के साथ संपन्न हुआ। मोहल्ला नितगंजा से लेकर बजरिया तक शोभायात्राएं निकलीं, काली अखाड़े के करतब और मटकी फोड़ कार्यक्रम ने रंग भरा — और पांचाल घाट पर प्रशासनिक व्यवस्था के बीच 8 प्रतिमाओं का शांतिपूर्ण भू-विसर्जन हुआ।

मुख्य बातें

फर्रुखाबाद में 18 सितंबर 2026 को गणेश महोत्सव के अंतर्गत शोभायात्राएं और प्रतिमा विसर्जन संपन्न हुए।
200 से अधिक श्रद्धालु शोभायात्राओं में शामिल हुए; यात्राएं शाम करीब 5 बजे पांचाल घाट पहुंचीं।
प्रशासन के अनुसार दोपहर 3:30 बजे तक 8 प्रतिमाएं भू-विसर्जित की जा चुकी थीं।
जेसीबी की मदद से पांचाल घाट पर गड्ढे खुदवाकर भू-विसर्जन की व्यवस्था की गई।
काली अखाड़े के करतब, डीजे, बैंड-बाजा और मटकी फोड़ कार्यक्रम ने उत्सव में रंग भरा।

फर्रुखाबाद (उत्तर प्रदेश) में शुक्रवार, 18 सितंबर 2026 को गणेश महोत्सव पूरे हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। शहर के विभिन्न मोहल्लों और ग्रामीण क्षेत्रों से श्रद्धालु भगवान गणेश की प्रतिमाएं लेकर पांचाल घाट पहुंचे, जहाँ विधि-विधान से पूजा-अर्चना के बाद प्रतिमाओं का भू-विसर्जन किया गया। प्रशासन के अनुसार, दोपहर 3:30 बजे तक कुल 8 प्रतिमाएं विसर्जित की जा चुकी थीं।

शोभायात्राओं का मुख्य घटनाक्रम

मोहल्ला नितगंजा में स्थापित गणेश प्रतिमा को ट्रैक्टर-ट्रॉली पर सजाए गए रथ पर विराजमान कर भव्य शोभायात्रा निकाली गई। इसके बाद मोहल्ला कटरा में स्थापित प्रतिमा की भी शोभायात्रा निकाली गई। बजरिया और तलैया फजल में स्थापित प्रतिमाओं को क्रमशः ई-रिक्शा और ढोल-नगाड़ों के साथ घाट तक पहुंचाया गया। रेलवे स्टेशन के निकट और मोहल्ला छत्ता दलपत राय में स्थापित प्रतिमाओं का भी इसी दिन विसर्जन हुआ।

उत्सव के रंग — डीजे, करतब और मटकी फोड़

शोभायात्राओं में सबसे आगे डीजे की धुन पर युवा नृत्य करते दिखे, उसके पीछे काली अखाड़े के कलाकार करतब दिखाते चले। बैंड-बाजा की स्वर-लहरी से माहौल भक्तिमय हो उठा। यात्रा के दौरान करीब 10 फीट की ऊंचाई पर मटकी लटकाई गई, जिसे युवाओं की टोली ने फोड़ा। रास्ते में श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया और जगह-जगह पुष्प वर्षा से शोभायात्रा का स्वागत किया गया। 200 से अधिक श्रद्धालु इन यात्राओं में शामिल हुए।

पांचाल घाट पर विसर्जन व्यवस्था

पांचाल घाट स्थित गंगा तट पर प्रशासन ने प्रतिमाओं के भू-विसर्जन के लिए जेसीबी की सहायता से गड्ढे खुदवाए। शाम करीब पाँच बजे यात्राएं घाट पहुंचीं, जहाँ पूजा-अर्चना के पश्चात् भू-विसर्जन संपन्न हुआ। श्रद्धालुओं ने भगवान गणेश के जयकारे लगाए और अबीर-गुलाल उड़ाकर उत्सव की समाप्ति की।

सुरक्षा एवं प्रशासनिक प्रबंध

पांचाल घाट पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की तैनाती रही, जिससे विसर्जन प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। गौरतलब है कि भू-विसर्जन की व्यवस्था नदी-प्रदूषण को नियंत्रित रखने के उद्देश्य से की गई थी। यह आयोजन उत्तर प्रदेश में प्रशासन-समन्वित सामुदायिक उत्सव प्रबंधन का एक उदाहरण बनकर सामने आया।

संपादकीय दृष्टिकोण

इस बदलाव की सफलता तब ही मापी जा सकती है जब सभी प्रतिमाएं वास्तव में नदी में प्रवाहित होने से रोकी जाएं। सामुदायिक स्तर पर सुरक्षित विसर्जन को सांस्कृतिक उत्सव के साथ जोड़ना एक संतुलित मॉडल है, जिसे राज्य के अन्य जिलों में भी दोहराया जाना चाहिए।
RashtraPress
18 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

फर्रुखाबाद में गणेश महोत्सव 2026 कब और कहाँ संपन्न हुआ?
फर्रुखाबाद में गणेश महोत्सव 18 सितंबर 2026 (शुक्रवार) को मनाया गया। शोभायात्राएं शहर के विभिन्न मोहल्लों से निकलकर पांचाल घाट पर समाप्त हुईं, जहाँ प्रतिमाओं का भू-विसर्जन किया गया।
पांचाल घाट पर भू-विसर्जन क्यों किया गया, नदी में प्रवाह क्यों नहीं?
प्रशासन ने पर्यावरण संरक्षण के मद्देनज़र जेसीबी की मदद से गड्ढे खुदवाकर भू-विसर्जन की व्यवस्था की। यह नदी-प्रदूषण को नियंत्रित करने का प्रयास था और एनजीटी के दिशानिर्देशों के अनुरूप है।
शोभायात्राओं में कितने लोग शामिल हुए और किन इलाकों से निकलीं?
शोभायात्राओं में 200 से अधिक श्रद्धालु शामिल हुए। ये यात्राएं मोहल्ला नितगंजा, कटरा, बजरिया, तलैया फजल, रेलवे स्टेशन के पास और मोहल्ला छत्ता दलपत राय सहित कई इलाकों से निकाली गईं।
गणेश महोत्सव के दौरान सुरक्षा व्यवस्था कैसी रही?
पांचाल घाट पर पुलिस और प्रशासन के अधिकारी एवं कर्मचारी तैनात रहे। प्रशासन के अनुसार, दोपहर 3:30 बजे तक 8 प्रतिमाएं सुरक्षित और शांतिपूर्ण ढंग से विसर्जित की जा चुकी थीं।
शोभायात्राओं में कौन-कौन से सांस्कृतिक कार्यक्रम हुए?
शोभायात्राओं में काली अखाड़े के कलाकारों ने करतब दिखाए, डीजे की धुन पर युवाओं ने नृत्य किया और करीब 10 फीट ऊंचाई पर लटकाई गई मटकी फोड़ी गई। यात्रा मार्ग पर पुष्प वर्षा और प्रसाद वितरण भी हुआ।
राष्ट्र प्रेस
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