24 जुलाई 2026
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फिरहाद हकीम की ऋतब्रत बनर्जी से बंगाल विधानसभा में मुलाकात, TMC में बगावत की आहट तेज

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फिरहाद हकीम की ऋतब्रत बनर्जी से बंगाल विधानसभा में मुलाकात, TMC में बगावत की आहट तेज

सारांश

TMC में बगावत का नया अध्याय: फिरहाद हकीम का बंगाल विधानसभा में विपक्षी नेता से मिलना, दिल्ली में 20 बागी सांसदों की BJP मंत्री से मुलाकात, और सुखेंदु शेखर रॉय का राज्यसभा से इस्तीफा — सब एक ही दिन। अभिषेक बनर्जी की पार्टी में बढ़ती पकड़ के खिलाफ असंतोष खुलकर सामने आ रहा है।

मुख्य बातें

फिरहाद हकीम ने 8 जून 2026 को बंगाल विधानसभा परिसर में विपक्ष के नेता ऋतब्रत बनर्जी से मुलाकात की; बागी विधायक संदीपन साहा भी मौजूद थे।
हकीम ने ठीक एक हफ्ते पहले कोलकाता म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के मेयर पद से इस्तीफा दिया था।
नई दिल्ली में 20 TMC सांसदों ने केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के आवास पर बैठक की; डॉ.
काकोली घोष दस्तीदार और शताब्दी रॉय भी शामिल।
सुखेंदु शेखर रॉय ने 8 जून को राज्यसभा और TMC की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दिया।
बागियों की मुख्य माँग: अभिषेक बनर्जी को पार्टी महासचिव के रूप में स्वीकार नहीं करना।

पश्चिम बंगाल के पूर्व मंत्री और कोलकाता के पूर्व मेयर फिरहाद हकीम ने सोमवार, 8 जून 2026 को बंगाल विधानसभा परिसर में विपक्ष के नेता ऋतब्रत बनर्जी के कक्ष में जाकर उनसे मुलाकात की, जिससे तृणमूल कांग्रेस (TMC) की आंतरिक राजनीति में नई हलचल मच गई। 2011 से लगातार चार बार TMC विधायक रहे हकीम के साथ पार्टी के ही बागी गुट के विधायक संदीपन साहा भी इस मुलाकात में मौजूद थे।

मुलाकात का घटनाक्रम

हकीम को विधानसभा परिसर में बनर्जी के लिए आवंटित कमरे में संदीपन साहा के साथ जाते देखा गया। उल्लेखनीय है कि ऋतब्रत बनर्जी TMC विधायक दल से अलग हुए गुट के नेता हैं। मीटिंग के एजेंडे के बारे में मीडिया के सवालों पर हकीम ने कोई जवाब देने से इनकार कर दिया।

गौरतलब है कि हकीम ने ठीक पिछले हफ्ते कोलकाता म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के मेयर पद से इस्तीफा दिया था। इस्तीफे के बाद उनकी यह पहली बड़ी सार्वजनिक गतिविधि है, जो राजनीतिक संकेतों से भरपूर मानी जा रही है।

दिल्ली में TMC बागियों की BJP नेता से मुलाकात

इसी दिन नई दिल्ली में TMC के बागी सांसदों का एक समूह केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव के सरकारी आवास पर पहुँचा। इस समूह में पार्टी की चार बार लोकसभा सदस्य रहीं डॉ. काकोली घोष दस्तीदार और अभिनेत्री से नेता बनीं शताब्दी रॉय शामिल थीं। संसद के दोनों सदनों के कुल 20 TMC सांसद इस बैठक में उपस्थित थे।

जब ये सांसद यादव के आवास पर पहुँचे, तो वहाँ पश्चिम बंगाल के विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी भी मौजूद थे। अधिकारी वहाँ आयुष्मान भारत योजना को पश्चिम बंगाल में लागू करने के लिए राज्य और केंद्र सरकार के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर के सिलसिले में आए हुए थे।

सुखेंदु शेखर रॉय का इस्तीफा बना नया मोड़

इस बैठक में सुखेंदु शेखर रॉय भी शामिल थे, जिन्होंने उसी दिन — सोमवार, 8 जून को — राज्यसभा और TMC की प्राथमिक सदस्यता दोनों से इस्तीफा दे दिया। उनका यह कदम TMC के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है, क्योंकि वे पार्टी के वरिष्ठ और अनुभवी सांसद रहे हैं।

बगावत की जड़: अभिषेक बनर्जी का विरोध

बागी सांसदों की मुख्य आपत्ति यह है कि वे अभिषेक बनर्जी को पार्टी का महासचिव स्वीकार करने को तैयार नहीं हैं। यह विरोध उस समय और तीखा हो गया जब TMC प्रमुख ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी नई दिल्ली में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा बुलाई गई इंडिया ब्लॉक की बैठक में शामिल होने गए हुए थे।

आगे क्या

यह ऐसे समय में आया है जब TMC पहले से ही कई मोर्चों पर दबाव में है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, बागी विधायकों और सांसदों की BJP नेताओं से मुलाकात पार्टी में दरार को और गहरा कर सकती है। आने वाले दिनों में TMC नेतृत्व की प्रतिक्रिया और इन बागियों के अगले कदम पर सभी की नज़रें टिकी रहेंगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

उसी दिन उनके 20 सांसद BJP मंत्री के घर पर थे — यह समय-चयन बताता है कि बगावत अनायास नहीं, बल्कि समन्वित है। असली सवाल यह है कि क्या यह अभिषेक बनर्जी की बढ़ती पकड़ के खिलाफ एक दबाव-रणनीति है, या TMC के एक बड़े टूट की शुरुआत। सुखेंदु शेखर रॉय के इस्तीफे ने इस संकट को 'अफवाह' से 'हकीकत' में बदल दिया है।
RashtraPress
24 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

फिरहाद हकीम और ऋतब्रत बनर्जी की मुलाकात क्यों चर्चा में है?
फिरहाद हकीम एक वरिष्ठ TMC नेता हैं, जबकि ऋतब्रत बनर्जी TMC विधायक दल से अलग हुए बागी गुट के नेता और विपक्ष के नेता हैं। दोनों के बीच विधानसभा परिसर में खुलेआम मुलाकात को TMC की आंतरिक बगावत का संकेत माना जा रहा है।
सुखेंदु शेखर रॉय ने TMC और राज्यसभा से इस्तीफा क्यों दिया?
सुखेंदु शेखर रॉय ने 8 जून 2026 को राज्यसभा और TMC की प्राथमिक सदस्यता दोनों से इस्तीफा दे दिया। बागी गुट की मुख्य आपत्ति अभिषेक बनर्जी को पार्टी का महासचिव स्वीकार न करने को लेकर है।
दिल्ली में TMC के 20 सांसद भूपेंद्र यादव से क्यों मिले?
TMC के 20 बागी सांसद केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव के आवास पर पहुँचे। इस बैठक का एजेंडा सार्वजनिक नहीं किया गया, लेकिन यह मुलाकात उसी दिन हुई जब ममता बनर्जी दिल्ली में इंडिया ब्लॉक की बैठक में थीं।
TMC में बगावत की मुख्य वजह क्या है?
बागी सांसदों और विधायकों की मुख्य आपत्ति अभिषेक बनर्जी को TMC का महासचिव मानने से इनकार है। उनका मानना है कि पार्टी में अभिषेक की बढ़ती भूमिका पुराने नेताओं को हाशिये पर धकेल रही है।
फिरहाद हकीम ने मेयर पद से इस्तीफा कब दिया था?
फिरहाद हकीम ने 8 जून 2026 से ठीक एक हफ्ते पहले कोलकाता म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के मेयर पद से इस्तीफा दिया था। इस्तीफे के बाद ऋतब्रत बनर्जी से उनकी यह मुलाकात उनकी पहली बड़ी राजनीतिक गतिविधि है।
राष्ट्र प्रेस
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