लखनऊ के चौक में फ्रेगरेंस पार्क का उद्घाटन, राजनाथ सिंह ने किया ₹43 करोड़ की परियोजनाओं का शिलान्यास
सारांश
मुख्य बातें
रक्षा मंत्री और लखनऊ के सांसद राजनाथ सिंह ने 29 अगस्त 2026 को राजधानी के चौक क्षेत्र में लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) और राष्ट्रीय वनस्पति अनुसंधान संस्थान (NBRI) द्वारा संयुक्त रूप से विकसित फ्रेगरेंस पार्क का लोकार्पण किया। इस अवसर पर करीब ₹43 करोड़ की विभिन्न विकास परियोजनाओं का शिलान्यास भी किया गया।
पार्क की विशेषताएँ और सामाजिक महत्त्व
राजनाथ सिंह ने कहा कि फ्रेगरेंस पार्क केवल शहर की सुंदरता बढ़ाने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह एक महत्त्वपूर्ण सामाजिक अवसंरचना के रूप में भी काम करेगा। उनके शब्दों में, 'विकास ऐसा होना चाहिए जो केवल कागजों पर दिखाई न दे, बल्कि लोगों के जीवन में महसूस हो।' NBRI ने पार्क में विभिन्न सुगंधित एवं औषधीय पौधे लगाए हैं, जो इसे एक अनूठा हरित स्थल बनाते हैं।
रक्षा मंत्री ने यह भी कहा कि आधुनिक शहर वही है जहाँ सुविधाओं के साथ-साथ नागरिकों को विश्राम, मनोरंजन और प्रकृति से जुड़ाव के अवसर भी मिलते हों। ऐसे सार्वजनिक स्थल व्यस्त जीवनशैली में सामाजिक संबंधों को मज़बूत करने में सहायक होते हैं।
स्वतंत्रता सेनानियों की प्रतिमाओं का अनावरण
पार्क परिसर में पंजाब केसरी लाला लाजपत राय और शहीद-ए-आज़म भगत सिंह की आदमकद प्रतिमाओं का अनावरण किया गया। राजनाथ सिंह ने बताया कि पार्क का नाम लाला लाजपत राय के नाम पर रखा गया है। उन्होंने कहा कि ये दोनों महान स्वतंत्रता सेनानी अलग-अलग पीढ़ियों से थे, किंतु राष्ट्र के प्रति समर्पण और स्वतंत्रता के साझा लक्ष्य ने दोनों को एकसूत्र में बाँधा। उनकी प्रतिमाएँ अनुभव और युवा ऊर्जा के प्रतीकात्मक संवाद को दर्शाती हैं तथा नई पीढ़ी को उनके संघर्ष, साहस और बलिदान से परिचित कराने का माध्यम बनेंगी।
सामाजिक एकता और 'बौद्धिक नक्सलवाद' पर चेतावनी
राजनाथ सिंह ने राष्ट्र निर्माण में अनुभव और युवा ऊर्जा दोनों की अनिवार्यता पर ज़ोर दिया। उन्होंने सामाजिक विभाजन और संकीर्ण हितों का फायदा उठाकर देश को कमज़ोर करने वाली प्रवृत्तियों के प्रति सावधान करते हुए 'बौद्धिक नक्सलवाद' का उल्लेख किया। उनके अनुसार ऐसी प्रवृत्तियाँ दीमक की तरह चुपचाप काम करती हैं और समाज को इनके प्रति सतर्क रहना चाहिए।
कार्यक्रम के दौरान रक्षा मंत्री ने 'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान के तहत चंदन का पौधा रोपा। समारोह में भारत विभाजन की 80 वर्ष पूर्व हुई मानवीय त्रासदी पर केंद्रित एक लघु फिल्म तथा लखनऊ में चल रहे विकास कार्यों पर LDA की लघु फिल्म भी प्रदर्शित की गई।
श्रीराम सीनियर सिटिज़न होम का उद्घाटन
इसी क्रम में गोमतीनगर के विशाल खंड में राजनाथ सिंह ने श्रीराम सीनियर सिटिज़न होम का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ नागरिक समाज की अमूल्य धरोहर हैं और उनके सम्मान, सुरक्षा तथा गरिमापूर्ण जीवन के लिए बेहतर सुविधाएँ उपलब्ध कराना सभी की जिम्मेदारी है। इस गृह में सुसज्जित कमरे, डाइनिंग एरिया, कॉमन रूम, गार्डन और प्रशिक्षित स्टाफ की व्यवस्था की गई है, ताकि बुजुर्ग अकेलेपन से दूर रहकर स्वस्थ और सम्मानजनक सामाजिक जीवन जी सकें।
यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में शहरी हरित अवसंरचना और वृद्धजन देखभाल को लेकर नीतिगत चर्चाएँ तेज़ हो रही हैं। लखनऊ में एक ही दिन में इन दोनों क्षेत्रों में ठोस पहल, शहरी विकास की नई दिशा तय कर सकती है।