गढ़चिरौली पुलिस ने दो फर्जी माओवादियों को गिरफ्तार किया, बैनर-पर्चे लगाकर फैला रहे थे दहशत
सारांश
मुख्य बातें
गढ़चिरौली पुलिस ने 25 जुलाई 2026 को दो ऐसे आरोपियों को गिरफ्तार किया जो खुद को माओवादी बताकर जिले में भय और भ्रम का माहौल बना रहे थे। पिपली बुर्गी थाना क्षेत्र में 12 जुलाई को लगाए गए बैनर और पर्चों के इस मामले का खुलासा तकनीकी साक्ष्यों और गोपनीय सूचना के आधार पर हुआ। पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपियों का माओवादी संगठनों से कोई वास्तविक संबंध नहीं था।
मुख्य घटनाक्रम
12 जुलाई 2026 को पिपली बुर्गी थाना क्षेत्र में कुछ अज्ञात लोगों ने माओवादी संगठन से जुड़े होने का झूठा दावा करते हुए बैनर और पर्चे लगाए। पुलिस जांच में सामने आया कि जिजावंडी टोला जाने वाले मार्ग पर गांव के दिशासूचक बोर्ड के नीचे लोहे के एंगल पर लाल रंग का कपड़े का बैनर लगाया गया था। इसके अलावा पास में पत्थर के नीचे और आसपास सफेद रंग के दो पोस्टर भी मिले, जिन पर लिखे संदेशों के ज़रिए आम नागरिकों में डर पैदा करने की कोशिश की गई थी।
गिरफ्तार आरोपी कौन हैं
गिरफ्तार आरोपियों में शिवा अनिल मिस्त्री (48 वर्ष), निवासी तरुणनगर, तहसील पाखांजूर, जिला कांकेर (छत्तीसगढ़) और रोहित रंजीत मलिक (25 वर्ष), निवासी वटेली, तहसील एटापल्ली, जिला गढ़चिरौली शामिल हैं। पुलिस अधीक्षक एम. रमेश के निर्देश पर गठित विशेष जांच टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और गोपनीय सूचना के आधार पर दोनों की पहचान की।
पुलिस की कार्रवाई और कानूनी प्रावधान
इस मामले में पिपली बुर्गी थाने में अपराध क्रमांक 01/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं, गैरकानूनी गतिविधि (निवारण) अधिनियम (यूएपीए) और महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। यह ऐसे समय में आया है जब गढ़चिरौली पुलिस पहले से ही 'ऑपरेशन अंतिम प्रहार' के तहत माओवादी नेटवर्क के खिलाफ विशेष खोज अभियान चला रही है।
गढ़चिरौली में माओवाद की स्थिति
गढ़चिरौली पुलिस का कहना है कि जिले में माओवादी गतिविधियाँ अब पूरी तरह समाप्त हो चुकी हैं और पुलिस रिकॉर्ड में वर्तमान में कोई भी सक्रिय माओवादी मौजूद नहीं है। गौरतलब है कि पिछले कुछ वर्षों में पुलिस ने लगातार अभियान चलाकर माओवादी नेटवर्क को कमज़ोर किया है। इसी पृष्ठभूमि में इस तरह के फर्जी प्रचार को पुलिस ने विशेष रूप से गंभीर माना, क्योंकि इससे उस प्रगति को नुकसान पहुँच सकता था जो वर्षों की मेहनत से हासिल हुई है।
आगे क्या होगा
पुलिस ने बताया कि मामले में अन्य संभावित आरोपियों की तलाश अभी जारी है। पुलिस अधीक्षक एम. रमेश ने कार्रवाई में शामिल अधिकारियों और कर्मचारियों की सराहना करते हुए नागरिकों से अपील की है कि वे अफवाहों, झूठे प्रचार और भ्रामक गतिविधियों से सावधान रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें।