गणेश उत्सव में ₹50,000 करोड़ का कारोबार, 'वंदे मातरम' भारत की आत्मा: BJP सांसद प्रवीण खंडेलवाल
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने 14 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में कई अहम मुद्दों पर पार्टी का पक्ष रखा — जिनमें समान नागरिक संहिता (UCC), 'वंदे मातरम' का गायन, गणेश उत्सव से अनुमानित ₹50,000 करोड़ का कारोबार और पश्चिम बंगाल के मदरसों से जुड़े विवाद शामिल हैं। खंडेलवाल ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के उस बयान को BJP की दृढ़ प्रतिबद्धता बताया, जिसमें उन्होंने 2029 से पहले NDA शासित सभी 21 राज्यों में UCC लागू करने की बात कही थी।
यूसीसी पर BJP की प्रतिबद्धता
खंडेलवाल ने कहा कि समान नागरिक संहिता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और BJP के एजेंडे का अभिन्न हिस्सा है। उनके अनुसार, गृह मंत्री अमित शाह ने इस प्रतिबद्धता को स्पष्ट रूप से दोहराया है और उनके वादे पर पूरा भरोसा किया जा सकता है। खंडेलवाल ने कहा, 'यदि अमित शाह ने 2029 से पहले NDA के सभी 21 राज्यों में UCC लागू करने की बात कही है, तो निश्चित रूप से यह होकर रहेगा।' उन्होंने पार्टी को इस दिशा में पूरी तरह तैयार बताया।
'वंदे मातरम' और राष्ट्रीय भावना
भारत और अफगानिस्तान के बीच T20 मैच से पूर्व राष्ट्रगान से पहले 'वंदे मातरम' के गायन के मुद्दे पर खंडेलवाल ने कहा कि यह गीत भारत की आत्मा और प्राण है। उन्होंने याद दिलाया कि स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान हजारों देशभक्तों ने 'वंदे मातरम' गाते हुए देश की आज़ादी के लिए प्राणों की आहुति दी थी। उनके अनुसार, यह गीत क्रिकेट मैदान से लेकर संसद और विधानसभाओं तक — हर जगह लोगों में शौर्य, अस्मिता और स्वाभिमान की भावना जागृत करता है। यह बयान ऐसे समय आया है जब 'वंदे मातरम' के गायन को लेकर देशभर में बहस छिड़ी हुई है।
गणेश उत्सव का आर्थिक आयाम
गणेश चतुर्थी के अवसर पर खंडेलवाल ने त्योहार के आर्थिक पहलू को रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि देशभर में 10 दिनों तक चलने वाले गणेश उत्सव में करोड़ों श्रद्धालु घरों में भगवान गणेश की मूर्तियाँ स्थापित करते हैं और बड़ी संख्या में पंडाल सजाए जाते हैं। खंडेलवाल के अनुसार, इस दौरान देशभर में करीब ₹50,000 करोड़ का कारोबार होने का अनुमान है। उन्होंने यह भी कहा कि इस कारोबार में भारत में निर्मित उत्पादों की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी और छोटे कारीगरों, शिल्पकारों तथा मूर्ति निर्माताओं को भी इससे आर्थिक लाभ मिलने की उम्मीद है। गौरतलब है कि गणेश उत्सव भारत के सबसे बड़े धार्मिक-सांस्कृतिक उत्सवों में से एक है और इसका आर्थिक प्रभाव हर साल बढ़ता जा रहा है।
पश्चिम बंगाल के मदरसों पर सवाल
पश्चिम बंगाल के मंत्री दिलीप घोष के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए खंडेलवाल ने कहा कि कथित तौर पर कुछ मदरसों में शिक्षा के अतिरिक्त अन्य गतिविधियाँ होने की बात सामने आई है और कुछ मामलों में मदरसा संचालकों के ऐसी गतिविधियों में शामिल पाए जाने का दावा किया गया है। उन्होंने दिलीप घोष के बयान को 'गंभीर' बताते हुए पश्चिम बंगाल सरकार से इस पूरे मामले की जाँच कराने और तथ्य सार्वजनिक करने की माँग की। आलोचकों का कहना है कि इस तरह के बयानों से सामाजिक ध्रुवीकरण का खतरा बढ़ता है और बिना सत्यापित जाँच के ऐसे दावे किए जाने चाहिए।
आगे क्या होगा
UCC के मामले में अब सभी की निगाहें NDA शासित राज्यों द्वारा इसे क्रियान्वित करने की समयसीमा और प्रक्रिया पर टिकी हैं। वहीं, गणेश उत्सव के दौरान आर्थिक गतिविधियों का ब्यौरा आने वाले दिनों में और स्पष्ट होगा। पश्चिम बंगाल के मदरसा विवाद पर राज्य सरकार की प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है।