पश्चिम बंगाल में बनेगी BJP सरकार: प्रवीण खंडेलवाल का ममता के इस्तीफे से इनकार पर तीखा हमला
सारांश
BJP सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने ममता बनर्जी के मुख्यमंत्री पद न छोड़ने को लोकतंत्र के साथ विश्वासघात बताया। उन्होंने DMK के स्टालिन और केरल के विजयन का उदाहरण देते हुए कहा कि जनादेश का सम्मान करना संवैधानिक दायित्व है — और पश्चिम बंगाल में अब BJP की सरकार बनना तय है।
मुख्य बातें
BJP सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने 6 मई 2026 को ममता बनर्जी के इस्तीफे से इनकार को 'फासीवादी रवैया' करार दिया।
खंडेलवाल ने कहा कि पश्चिम बंगाल में अब BJP की लोकप्रिय सरकार बनेगी।
स्टालिन और केरल के पिनाराई विजयन द्वारा तत्काल इस्तीफे का उदाहरण दिया गया।
केसवन ने ममता के रवैये को 'डॉ.
बाबासाहेब आंबेडकर का घोर अपमान' बताया।
केसवन ने ममता के 15 साल के शासन को 'अराजक कुशासन' करार दिया।
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के दिल्ली सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने 6 मई 2026 को तृणमूल कांग्रेस (TMC) प्रमुख ममता बनर्जी के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने से इनकार पर कड़ी आलोचना की। खंडेलवाल ने कहा कि पश्चिम बंगाल में अब BJP की लोकप्रिय सरकार बनेगी और ममता बनर्जी का तथाकथित फासीवादी रूप अब पूरे देश के सामने उजागर हो चुका है।
खंडेलवाल का सीधा हमला
राष्ट्र प्रेस से बात करते हुए प्रवीण खंडेलवाल ने कहा,
संपादकीय दृष्टिकोण
बल्कि पश्चिम बंगाल में अगले चुनावी चक्र की तैयारी का संकेत है। स्टालिन और विजयन के इस्तीफे का उदाहरण देना रणनीतिक है — यह ममता को संवैधानिक मानदंडों के विरुद्ध खड़ा करने की कोशिश है। हालाँकि, यह ध्यान देने योग्य है कि विभिन्न राज्यों की चुनावी परिस्थितियाँ और परिणाम अलग-अलग होते हैं, इसलिए सीधी तुलना भ्रामक हो सकती है। असली सवाल यह है कि क्या BJP पश्चिम बंगाल में ज़मीनी संगठन को इस राजनीतिक आक्रामकता में बदल पाएगी — या यह केवल दिल्ली से चलाया जा रहा मीडिया अभियान बनकर रह जाएगा।
RashtraPress
13 मई 2026
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रवीण खंडेलवाल ने ममता बनर्जी पर क्या आरोप लगाए?
BJP सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने ममता बनर्जी पर फासीवादी रवैये का आरोप लगाया और कहा कि इस्तीफा न देना संविधान और लोकतंत्र का अपमान है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत कोई 'बनाना रिपब्लिक' नहीं है जहाँ कोई मनमाने फैसले ले सके।
BJP ने DMK के स्टालिन और केरल के विजयन का उदाहरण क्यों दिया?
BJP सांसद खंडेलवाल ने तर्क दिया कि DMK के एम.के. स्टालिन और केरल के पिनाराई विजयन ने जनादेश के बाद तुरंत इस्तीफा दे दिया, जबकि ममता बनर्जी ने ऐसा नहीं किया। यह तुलना ममता के रवैये को असंवैधानिक ठहराने के लिए की गई।
BJP प्रवक्ता सी.आर. केसवन ने क्या कहा?
BJP प्रवक्ता सी.आर. केसवन ने ममता बनर्जी के इस्तीफे से इनकार को 'लोकतांत्रिक सिद्धांतों के साथ विश्वासघात' और 'डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर का घोर अपमान' बताया। उन्होंने ममता के 15 साल के शासन को 'अराजक कुशासन' करार देते हुए कहा कि इसी कारण जनता ने उन्हें सत्ता से बाहर किया।
पश्चिम बंगाल में BJP सरकार बनने का दावा किस आधार पर किया गया?
प्रवीण खंडेलवाल ने कहा कि पश्चिम बंगाल की जनता ने ममता बनर्जी को सत्ता से बाहर का रास्ता दिखा दिया है और अब BJP की लोकप्रिय सरकार बनेगी। हालाँकि, यह BJP नेताओं का राजनीतिक दावा है।
ममता बनर्जी ने इस्तीफे से क्यों इनकार किया?
स्रोत के अनुसार ममता बनर्जी ने चुनावी हार के बावजूद मुख्यमंत्री पद छोड़ने से इनकार कर दिया है, जिसे BJP ने असंवैधानिक और तानाशाही मानसिकता का प्रतीक बताया है। ममता बनर्जी की ओर से इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया स्रोत में उपलब्ध नहीं है।