गौरव वल्लभ का विपक्ष पर चौतरफा हमला: संजय राउत को मनोचिकित्सक की सलाह, राहुल-खड़गे पर भी निशाना
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव वल्लभ ने शनिवार, 20 जून को नई दिल्ली में एक प्रेस वार्ता के दौरान विपक्ष पर एकसाथ कई मोर्चों पर हमला बोला। उन्होंने शिवसेना (उद्धव गुट) के नेता संजय राउत, कांग्रेस नेता राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इज़राइल नीति पर कांग्रेस की आलोचना को सिलसिलेवार जवाब दिया। वल्लभ ने भाजपा का पक्ष रखते हुए विपक्षी नेताओं की भाषा, आर्थिक समझ और विदेश नीति ज्ञान पर सवाल उठाए।
संजय राउत पर हमला: मनोचिकित्सक से मिलने की सलाह
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की शिवसेना संबंधी टिप्पणी पर उठे विवाद के बीच गौरव वल्लभ ने शिवसेना (उद्धव गुट) के वरिष्ठ नेता संजय राउत पर तीखा प्रहार किया। वल्लभ ने कहा कि राउत 'राजनीतिक भाषा की सभी मर्यादाएं तोड़ चुके हैं' और प्रतिदिन अपशब्दों का प्रयोग करते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राउत 'अपना मानसिक संतुलन खो चुके हैं' और उन्हें 'तुरंत किसी मनोरोग विशेषज्ञ से मिलना चाहिए।'
वल्लभ ने यह भी कहा कि देश में एकमात्र असली शिवसेना वह है जिसके नेता एकनाथ शिंदे हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जिस शिवसेना को कांग्रेस के साथ मिलाने की कोशिश हुई, उसे 'कोई भी शिवसैनिक स्वीकार करने को तैयार नहीं था, न है और न कभी होगा।' उन्होंने कहा कि यदि उद्धव ठाकरे राउत का 'इलाज' करवा सकते हैं तो अच्छा है, अन्यथा भाजपा भी इसके लिए तैयार है।
नीट विवाद: राहुल गांधी पर निशाना
नीट परीक्षा को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा उठाए गए सवालों पर वल्लभ ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि 'छात्रों के मुद्दों पर राजनीति नहीं होनी चाहिए' और परीक्षा प्रक्रिया 'पूरी पारदर्शिता के साथ आयोजित की जा रही है।' उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि 'जिस व्यक्ति ने भारत की एक भी प्रतियोगी परीक्षा का फॉर्म नहीं भरा, उसे छात्रों के बारे में बोलने से बचना चाहिए।'
वल्लभ ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक दल छात्रों के मुद्दों को 'राजनीतिक लाभ के लिए भुनाना' चाहते हैं। उन्होंने कहा कि 'जो लोग बच्चों के कंधों पर अपनी राजनीतिक रोटियां सेंकना चाहते हैं, वे सफल नहीं होंगे।' नीट परीक्षा के बाद सीटों का आवंटन मेरिट और अंकों के आधार पर होगा, यह उन्होंने स्पष्ट किया।
खड़गे के आरोपों पर आर्थिक आंकड़ों से जवाब
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा भाजपा और केंद्र सरकार पर लगाए गए आरोपों का जवाब देते हुए वल्लभ ने देश की आर्थिक स्थिति के आंकड़े पेश किए। उन्होंने कहा कि 'खड़गे के सलाहकारों को उन्हें सही जानकारी देनी चाहिए।' उन्होंने दावा किया कि इस वर्ष भारत की जीडीपी वृद्धि दर 6.5 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जो 'दुनिया की कई बहुपक्षीय एजेंसियां' कह रही हैं।
वल्लभ ने अन्य आर्थिक संकेतकों का भी हवाला दिया — देश का विदेशी मुद्रा भंडार 680 अरब डॉलर, उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) 4 प्रतिशत से नीचे और राजकोषीय घाटा 4.3 प्रतिशत के स्तर पर है। उन्होंने वैश्विक आर्थिक चुनौतियों के बावजूद भारत की अर्थव्यवस्था को 'मजबूत और लचीली' बताया और ईंधन कीमतों पर नियंत्रण को 'मोदीनॉमिक्स की ताकत' करार दिया।
इज़राइल नीति पर कांग्रेस को शशि थरूर से 'ट्यूशन' की सलाह
प्रधानमंत्री मोदी की इज़राइल नीति और विदेश नीति पर कांग्रेस की आलोचना के जवाब में वल्लभ ने पार्टी को ही उसके वरिष्ठ नेता शशि थरूर की बात सुनने की नसीहत दी। उन्होंने कहा, 'कांग्रेस के नेताओं को मेरी सलाह है कि वे रोज शाम चार बजे स्लेट और चॉक लेकर शशि थरूर से ट्यूशन लें।'
वल्लभ ने तर्क दिया कि थरूर 'वर्षों तक संयुक्त राष्ट्र में कार्य कर चुके हैं' और उन्होंने 'वैश्विक कूटनीति और विदेश नीति पर किताबें लिखी हैं।' उन्होंने कहा कि जब कांग्रेस के अपने वरिष्ठ नेता मोदी सरकार की विदेश नीति की प्रशंसा कर रहे हैं, तब 'बाकी लोग केवल राजनीतिक कारणों से सवाल उठा रहे हैं।' यह टिप्पणी कांग्रेस के भीतर विदेश नीति पर मतभेद को उजागर करती है।