संजय राउत का भाजपा पर हमला: मंच शुद्धिकरण पर दर्ज हो अत्याचार का मामला
सारांश
मुख्य बातें
शिवसेना (यूबीटी) के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने 30 अगस्त को भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर तीखा हमला बोला और कहा कि यदि भाजपा कार्यकर्ताओं ने उस मंच का शुद्धिकरण किया जहाँ से कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भाषण दिया था, तो ऐसे लोगों के विरुद्ध अत्याचार का मामला दर्ज होना चाहिए। यह विवाद उत्तराखंड के हल्द्वानी में आयोजित कांग्रेस रैली के बाद मंच पर हवन-पूजन किए जाने की घटना से उपजा है।
मंच शुद्धिकरण विवाद: क्या है पूरा मामला
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने हल्द्वानी में खरगे की रैली के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा मंच पर हवन-पूजन कर शुद्धिकरण करने की घटना को गंभीर अपराध और छुआछूत की संज्ञा दी है। राहुल गांधी ने दोषियों के विरुद्ध SC/ST एक्ट के तहत तत्काल FIR दर्ज करने की माँग की है।
राउत ने इस माँग को पुरज़ोर समर्थन देते हुए कहा, "भाजपा कभी ऐसा केस दर्ज नहीं करेगी। आज भी इस देश में दलितों पर अत्याचार हो रहे हैं। जातिगत भेदभाव अभी भी मौजूद है। मल्लिकार्जुन खरगे कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष हैं और एक वरिष्ठ नेता हैं। अगर भाजपा के लोग उस मंच का शुद्धिकरण करते हैं जहाँ से उन्होंने भाषण दिया था, तो ऐसे लोगों के खिलाफ अत्याचार का मामला दर्ज होना चाहिए।"
भागवत के न्यूयॉर्क बयान पर राउत की प्रतिक्रिया
राउत ने इसी क्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत के न्यूयॉर्क में दिए गए बयान पर भी अपनी राय रखी। भागवत ने 'वन वर्ल्ड, वन ह्यूमैनिटी' कार्यक्रम में 30 देशों के 180 से अधिक प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा था कि जो व्यक्ति मुसलमानों से नफरत करता है या उन्हें भारत से निकालना चाहता है, वह हिंदू नहीं है।
राउत ने इस बयान को महत्वपूर्ण तो माना, लेकिन साथ ही चुनौती भी दी। उन्होंने कहा, "मोहन भागवत को यही बयान यहाँ भारत में भी देना चाहिए। उन्हें यह संदेश अपने संगठन के उन लोगों तक पहुँचाना चाहिए जो दिल्ली और उत्तर प्रदेश में सत्ता में हैं। मोहन भागवत उन्हें शिक्षित करना चाहिए और उनके लिए वैचारिक और चिंतन सत्र आयोजित करने चाहिए।"
भागवत का मूल बयान: संदर्भ और पृष्ठभूमि
भागवत ने न्यूयॉर्क में 2018 में दिल्ली में मुस्लिम प्रतिभागियों के साथ हुई बातचीत को याद करते हुए कहा था, "अगर कोई हिंदू सोचता है कि भारत में कोई मुसलमान नहीं होना चाहिए, तो वह हिंदू नहीं रहेगा। अगर आप खुद को हिंदू कहना चाहते हैं, तो आपको यह मानना होगा कि सभी रास्ते एक ही ओर ले जाते हैं। और हर इंसान की एक गरिमा है। इंसानों में कोई भेद नहीं है।"
यह ऐसे समय में आया है जब देश में जातिगत और सांप्रदायिक तनाव को लेकर राजनीतिक बहस तेज़ है। गौरतलब है कि हल्द्वानी की घटना ने दलित अधिकारों और छुआछूत के मुद्दे को एक बार फिर राष्ट्रीय विमर्श के केंद्र में ला दिया है।
आगे क्या होगा
राहुल गांधी की SC/ST एक्ट के तहत FIR की माँग और राउत के अत्याचार केस के आह्वान के बाद यह देखना होगा कि उत्तराखंड पुलिस इस मामले में कोई कार्रवाई करती है या नहीं। विपक्षी दलों ने इस मुद्दे को संसद के अगले सत्र में भी उठाने के संकेत दिए हैं।