30 अगस्त 2026
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संजय राउत का भाजपा पर हमला: मंच शुद्धिकरण पर दर्ज हो अत्याचार का मामला

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संजय राउत का भाजपा पर हमला: मंच शुद्धिकरण पर दर्ज हो अत्याचार का मामला

सारांश

हल्द्वानी में खरगे की रैली के बाद मंच पर हवन-पूजन की घटना ने राजनीतिक तूफान खड़ा कर दिया है। राउत ने भाजपा पर सीधा हमला बोलते हुए SC/ST एक्ट के तहत केस की माँग की, तो साथ ही भागवत के न्यूयॉर्क बयान को भारत में भी दोहराने की चुनौती दे डाली।

मुख्य बातें

शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने माँग की कि हल्द्वानी में मल्लिकार्जुन खरगे की रैली के मंच का शुद्धिकरण करने वालों पर अत्याचार का मामला दर्ज हो।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने घटना को छुआछूत बताते हुए SC/ST एक्ट के तहत तत्काल FIR की माँग की है।
RSS प्रमुख मोहन भागवत ने न्यूयॉर्क में 'वन वर्ल्ड, वन ह्यूमैनिटी' कार्यक्रम में 30 देशों के 180 से अधिक प्रतिभागियों के सामने कहा कि मुसलमानों से नफरत करने वाला हिंदू नहीं है।
राउत ने भागवत से माँग की कि वे यही बयान भारत में भी दें और अपने संगठन के नेताओं के लिए वैचारिक सत्र आयोजित करें।
राउत ने आरोप लगाया कि भाजपा दलितों पर अत्याचार के मामलों में कभी कार्रवाई नहीं करती।

शिवसेना (यूबीटी) के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने 30 अगस्त को भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर तीखा हमला बोला और कहा कि यदि भाजपा कार्यकर्ताओं ने उस मंच का शुद्धिकरण किया जहाँ से कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भाषण दिया था, तो ऐसे लोगों के विरुद्ध अत्याचार का मामला दर्ज होना चाहिए। यह विवाद उत्तराखंड के हल्द्वानी में आयोजित कांग्रेस रैली के बाद मंच पर हवन-पूजन किए जाने की घटना से उपजा है।

मंच शुद्धिकरण विवाद: क्या है पूरा मामला

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने हल्द्वानी में खरगे की रैली के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा मंच पर हवन-पूजन कर शुद्धिकरण करने की घटना को गंभीर अपराध और छुआछूत की संज्ञा दी है। राहुल गांधी ने दोषियों के विरुद्ध SC/ST एक्ट के तहत तत्काल FIR दर्ज करने की माँग की है।

राउत ने इस माँग को पुरज़ोर समर्थन देते हुए कहा, "भाजपा कभी ऐसा केस दर्ज नहीं करेगी। आज भी इस देश में दलितों पर अत्याचार हो रहे हैं। जातिगत भेदभाव अभी भी मौजूद है। मल्लिकार्जुन खरगे कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष हैं और एक वरिष्ठ नेता हैं। अगर भाजपा के लोग उस मंच का शुद्धिकरण करते हैं जहाँ से उन्होंने भाषण दिया था, तो ऐसे लोगों के खिलाफ अत्याचार का मामला दर्ज होना चाहिए।"

भागवत के न्यूयॉर्क बयान पर राउत की प्रतिक्रिया

राउत ने इसी क्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत के न्यूयॉर्क में दिए गए बयान पर भी अपनी राय रखी। भागवत ने 'वन वर्ल्ड, वन ह्यूमैनिटी' कार्यक्रम में 30 देशों के 180 से अधिक प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा था कि जो व्यक्ति मुसलमानों से नफरत करता है या उन्हें भारत से निकालना चाहता है, वह हिंदू नहीं है।

राउत ने इस बयान को महत्वपूर्ण तो माना, लेकिन साथ ही चुनौती भी दी। उन्होंने कहा, "मोहन भागवत को यही बयान यहाँ भारत में भी देना चाहिए। उन्हें यह संदेश अपने संगठन के उन लोगों तक पहुँचाना चाहिए जो दिल्ली और उत्तर प्रदेश में सत्ता में हैं। मोहन भागवत उन्हें शिक्षित करना चाहिए और उनके लिए वैचारिक और चिंतन सत्र आयोजित करने चाहिए।"

भागवत का मूल बयान: संदर्भ और पृष्ठभूमि

भागवत ने न्यूयॉर्क में 2018 में दिल्ली में मुस्लिम प्रतिभागियों के साथ हुई बातचीत को याद करते हुए कहा था, "अगर कोई हिंदू सोचता है कि भारत में कोई मुसलमान नहीं होना चाहिए, तो वह हिंदू नहीं रहेगा। अगर आप खुद को हिंदू कहना चाहते हैं, तो आपको यह मानना होगा कि सभी रास्ते एक ही ओर ले जाते हैं। और हर इंसान की एक गरिमा है। इंसानों में कोई भेद नहीं है।"

यह ऐसे समय में आया है जब देश में जातिगत और सांप्रदायिक तनाव को लेकर राजनीतिक बहस तेज़ है। गौरतलब है कि हल्द्वानी की घटना ने दलित अधिकारों और छुआछूत के मुद्दे को एक बार फिर राष्ट्रीय विमर्श के केंद्र में ला दिया है।

आगे क्या होगा

राहुल गांधी की SC/ST एक्ट के तहत FIR की माँग और राउत के अत्याचार केस के आह्वान के बाद यह देखना होगा कि उत्तराखंड पुलिस इस मामले में कोई कार्रवाई करती है या नहीं। विपक्षी दलों ने इस मुद्दे को संसद के अगले सत्र में भी उठाने के संकेत दिए हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो बताती हैं कि संवैधानिक प्रतिबंध के बावजूद छुआछूत की मानसिकता कहीं न कहीं बनी हुई है। भागवत का न्यूयॉर्क बयान उदार और समावेशी लगता है, लेकिन राउत का सवाल वाजिब है — क्या यह संदेश संगठन के भीतर भी उतनी ही दृढ़ता से कहा जाता है? SC/ST एक्ट के तहत FIR की माँग राजनीतिक दबाव की रणनीति भी है, लेकिन अगर घटना सत्यापित होती है तो कानूनी दायित्व भी स्पष्ट है। असली कसौटी यह होगी कि उत्तराखंड पुलिस राजनीतिक दबाव से परे होकर इस मामले में निष्पक्ष जाँच करती है या नहीं।
RashtraPress
30 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हल्द्वानी मंच शुद्धिकरण विवाद क्या है?
उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की रैली के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं ने कथित तौर पर मंच पर हवन-पूजन कर शुद्धिकरण किया। राहुल गांधी ने इसे छुआछूत बताते हुए SC/ST एक्ट के तहत FIR की माँग की है।
संजय राउत ने भाजपा से क्या माँग की है?
राउत ने माँग की है कि मंच शुद्धिकरण करने वाले भाजपा कार्यकर्ताओं के विरुद्ध अत्याचार का मामला दर्ज किया जाए। उनका कहना है कि भाजपा स्वयं ऐसा केस दर्ज नहीं करेगी क्योंकि देश में दलितों पर अत्याचार और जातिगत भेदभाव अभी भी जारी है।
मोहन भागवत ने न्यूयॉर्क में क्या कहा था?
RSS प्रमुख मोहन भागवत ने न्यूयॉर्क में 'वन वर्ल्ड, वन ह्यूमैनिटी' कार्यक्रम में कहा कि जो व्यक्ति मुसलमानों से नफरत करता है या उन्हें भारत से निकालना चाहता है, वह हिंदू नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि हर इंसान की गरिमा है और इंसानों में कोई भेद नहीं।
राउत ने भागवत के बयान पर क्या आपत्ति जताई?
राउत ने भागवत के बयान को महत्वपूर्ण माना, लेकिन माँग की कि वे यही बात भारत में भी कहें और दिल्ली, उत्तर प्रदेश व महाराष्ट्र में सत्ता में बैठे अपने संगठन के नेताओं के लिए वैचारिक सत्र आयोजित करें।
SC/ST एक्ट के तहत FIR की माँग कितनी कानूनी रूप से ठोस है?
अनुसूचित जाति एवं अनुजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत किसी दलित व्यक्ति के उपयोग किए स्थान को अपमानजनक तरीके से 'शुद्ध' करना दंडनीय हो सकता है। हालाँकि FIR दर्ज होने के लिए घटना का सत्यापन और पुलिस की इच्छाशक्ति दोनों आवश्यक हैं।
राष्ट्र प्रेस
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