गीतिका जाखड़: 9 बार 'भारत केसरी' का खिताब जीतने वाली पहली महिला पहलवान और अर्जुन पुरस्कार विजेता
सारांश
Key Takeaways
- गीतिका जाखड़ ने 9 बार 'भारत केसरी' का खिताब जीता।
- उन्हें 2006 में अर्जुन पुरस्कार मिला।
- कुश्ती के प्रति उनका प्रेम उनकी पारिवारिक विरासत से जुड़ा है।
नई दिल्ली, 14 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। गीतिका जाखड़ भारतीय महिला कुश्ती के क्षेत्र में एक प्रमुख नाम हैं। उनकी ताकत का अंदाजा इस तथ्य से लगाया जा सकता है कि उन्होंने लगातार 9 बार भारत केसरी का खिताब जीता है।
खिलाड़ियों के परिवार से जुड़ी होने के कारण, गीतिका का जन्म 18 अगस्त 1985 को हिसार, हरियाणा में हुआ। स्कूल के दिनों में वह खेलों में सक्रिय रहीं, उनकी प्राथमिकता एथलेटिक्स थी। बेहतर शिक्षा की तलाश में जब वह अपने परिवार के साथ शहर आईं, तो उनके पिता उन्हें हिसार के महाबीर स्टेडियम ले गए, लेकिन कोई कोच न मिलने के कारण उन्हें निराश होना पड़ा।
इस बीच, वह नजदीकी कुश्ती हॉल में गईं, जहाँ कोचों की तेज आवाजें सुनाई दे रही थीं। उनकी उत्सुकता ने उन्हें कुश्ती का अभ्यास कर रही दूसरी लड़कियों की तरफ खींच लिया। उन्हें इस खेल से गहरा लगाव हो गया, और अक्टूबर 1998 से उन्होंने एथलेटिक्स छोड़कर कुश्ती को अपनाया। इस प्रकार एक पहलवान के रूप में उनका सफर शुरू हुआ।
कुश्ती उनके परिवार की परंपरा थी। गीतिका ने अपने दादा चौधरी अमरचंद जाखड़ से कुश्ती की कला सीखी, जो अपने समय के प्रसिद्ध पहलवान रहे। उन्होंने मात्र 13 साल1999 में मणिपुर में आयोजित नेशनल गेम्स में हरियाणा का प्रतिनिधित्व करते हुए वह चौथे स्थान पर रहीं। केवल 15 साल2000 में नई दिल्ली में आयोजित दंगल में उन्होंने प्रसिद्ध पहलवान चंदगी रामसोनिका कालीरमन9 साल
वह 20012010
गीतिका जाखड़ का करियर उपलब्धियों से भरा रहा। मुख्य रूप से 63 किलोग्राम201420062014
एशियन कुश्ती चैंपियनशिप में उन्होंने 200320052013200320052007
भारत सरकार ने उन्हें 2006अर्जुन अवॉर्ड2008