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पेपर लीक विवाद: गहलोत ने CM भजन लाल शर्मा के 'शून्य लीक' दावे को चुनौती दी, गिनाए 4 मामले

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पेपर लीक विवाद: गहलोत ने CM भजन लाल शर्मा के 'शून्य लीक' दावे को चुनौती दी, गिनाए 4 मामले

सारांश

राजस्थान में पेपर लीक पर सियासी जंग तेज हो गई है। पूर्व CM अशोक गहलोत ने CM भजन लाल शर्मा के 'शून्य लीक' दावे को चुनौती देते हुए नीट-यूजी, आरएएस और ओएमआर हेराफेरी समेत चार कथित मामले गिनाए। BJP ने तत्काल कोई जवाब नहीं दिया।

मुख्य बातें

पूर्व CM अशोक गहलोत ने 24 जुलाई को CM भजन लाल शर्मा के 'ढाई साल में शून्य पेपर लीक' के दावे को चुनौती दी।
गहलोत ने नवलगढ़ में बिना सील आरएएस पेपर, लेक्चरर परीक्षा में टूटी सील, जैसलमेर में नकल और RSB ओएमआर हेराफेरी — कुल चार कथित मामले गिनाए।
नीट-यूजी शिकायतें शुरू में राज्य सरकार और पुलिस ने दबाईं, मामला तब सामने आया जब छात्रों ने NTA से संपर्क किया — गहलोत का आरोप।
कांग्रेस कार्यकाल में पेपर लीक माफिया के खिलाफ 400 से अधिक गिरफ्तारियाँ , ₹10 करोड़ तक जुर्माने और आजीवन कारावास का कानून लागू किया गया था।
BJP सरकार ने SI भर्ती परीक्षा रद्द करने से पहले राजस्थान उच्च न्यायालय में उसका विरोध किया था।
BJP की ओर से गहलोत के आरोपों पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई।

राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शुक्रवार, 24 जुलाई को मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा के उस दावे को सीधे चुनौती दी, जिसमें उन्होंने कहा था कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार के पिछले ढाई वर्षों के कार्यकाल में राजस्थान में कोई पेपर लीक नहीं हुआ। गहलोत ने एक विस्तृत बयान जारी कर कई कथित अनियमितताओं का हवाला दिया और आरोप लगाया कि सरकार जवाबदेही सुनिश्चित करने के बजाय तथ्यों को दबाने में लगी है।

गहलोत ने गिनाए कथित पेपर लीक के मामले

पूर्व मुख्यमंत्री ने कई घटनाओं का उल्लेख करते हुए मौजूदा सरकार के दावे को खोखला बताया। उनके अनुसार, नवलगढ़ (झुंझुनू) में एक बिना सील वाले लिफाफे में आरएएस परीक्षा का पेपर बरामद हुआ। इसके अलावा, एक लेक्चरर भर्ती परीक्षा का पेपर कथित तौर पर टूटी हुई सील के साथ पहुँचा।

जैसलमेर के स्वामी विवेकानंद मॉडल स्कूल में एलडीसी भर्ती परीक्षा के दौरान नकल के आरोप भी गहलोत ने उठाए। साथ ही, राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड (RSB) के एक तकनीकी प्रमुख से जुड़े ओएमआर शीट में हेराफेरी के मामले का भी उन्होंने जिक्र किया।

नीट-यूजी विवाद और राज्य सरकार की भूमिका पर सवाल

नीट-यूजी परीक्षा का संदर्भ देते हुए गहलोत ने आरोप लगाया कि लीक से जुड़ी शिकायतों को शुरू में राज्य सरकार और पुलिस ने दबा दिया था। उनके अनुसार, यह मामला तभी सार्वजनिक हुआ जब छात्रों ने राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) से सीधे संपर्क किया। उन्होंने यह भी कहा कि भर्ती परीक्षाओं के विरोध में प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों पर पुलिस कार्रवाई की गई।

एसआई भर्ती परीक्षा रद्द करने पर BJP का रुख

गहलोत ने यह भी रेखांकित किया कि BJP सरकार ने सब-इंस्पेक्टर (SI) भर्ती परीक्षा को बाद में रद्द तो किया, लेकिन इससे पहले उसने राजस्थान उच्च न्यायालय में इसे रद्द करने का विरोध किया था। आलोचकों का कहना है कि यह विरोधाभासी रवैया सरकार की मंशा पर सवाल खड़े करता है।

कांग्रेस बनाम BJP: पेपर लीक पर तुलनात्मक दावे

पिछली कांग्रेस सरकार और वर्तमान BJP प्रशासन की तुलना करते हुए गहलोत ने दावा किया कि कांग्रेस के कार्यकाल में कथित पेपर लीक माफिया के खिलाफ 400 से अधिक गिरफ्तारियाँ की गईं, आरोपियों की संपत्तियाँ ध्वस्त की गईं और वरिष्ठ अधिकारियों को हटाया गया। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस सरकार ने एक सख्त पेपर लीक विरोधी कानून लागू किया, जिसमें आजीवन कारावास, ₹10 करोड़ तक का जुर्माना और संपत्ति जब्त करने का प्रावधान था। गहलोत ने यह भी आरोप लगाया कि BJP सरकार 2013 से 2018 के अपने पिछले कार्यकाल में भी पेपर लीक रोकने में विफल रही थी।

BJP का रुख और आगे की स्थिति

गहलोत के आरोपों पर BJP सरकार की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई। मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा पहले भी यह स्पष्ट कर चुके हैं कि उनके कार्यकाल में कोई दस्तावेज़ लीक नहीं हुआ है। यह राजनीतिक विवाद ऐसे समय में उभरा है जब राजस्थान में सरकारी भर्ती परीक्षाओं की विश्वसनीयता पर पहले से ही सवाल उठते रहे हैं। आने वाले दिनों में BJP का जवाब और विपक्ष की रणनीति इस मुद्दे की दिशा तय करेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो किसी एक सरकार तक सीमित नहीं। गहलोत खुद उस दौर के मुख्यमंत्री रहे हैं जब पेपर लीक की घटनाएँ हुईं, इसलिए उनका 'कांग्रेस ने कड़ी कार्रवाई की' वाला दावा भी बिना स्वतंत्र सत्यापन के स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए। असली सवाल यह है कि दोनों सरकारों के कार्यकाल में परीक्षा प्रणाली की निगरानी तंत्र क्यों चरमराती रही — और BJP का चुप्पी साधना इस जवाबदेही की माँग को और तेज़ करता है।
RashtraPress
24 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अशोक गहलोत ने CM भजन लाल शर्मा के किस दावे को चुनौती दी?
गहलोत ने CM शर्मा के उस दावे को चुनौती दी जिसमें कहा गया था कि BJP सरकार के पिछले ढाई वर्षों में राजस्थान में कोई पेपर लीक नहीं हुआ। गहलोत ने नीट-यूजी, आरएएस, लेक्चरर भर्ती और ओएमआर हेराफेरी समेत कई कथित मामले गिनाए।
राजस्थान में नीट-यूजी पेपर लीक विवाद क्या है?
गहलोत के अनुसार, नीट-यूजी से जुड़ी शिकायतों को शुरू में राज्य सरकार और पुलिस ने दबा दिया था। मामला तब सामने आया जब छात्रों ने राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) से सीधे संपर्क किया।
कांग्रेस सरकार ने पेपर लीक के खिलाफ क्या कदम उठाए थे?
गहलोत के दावे के अनुसार, कांग्रेस कार्यकाल में 400 से अधिक गिरफ्तारियाँ हुईं, आरोपियों की संपत्तियाँ ध्वस्त की गईं और एक सख्त पेपर लीक विरोधी कानून लागू किया गया जिसमें आजीवन कारावास और ₹10 करोड़ तक के जुर्माने का प्रावधान था।
SI भर्ती परीक्षा विवाद में BJP सरकार का रुख क्या रहा?
गहलोत के अनुसार, BJP सरकार ने पहले राजस्थान उच्च न्यायालय में SI भर्ती परीक्षा रद्द करने का विरोध किया, लेकिन बाद में उसे रद्द कर दिया। BJP ने इस दावे पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी।
राजस्थान में पेपर लीक के इस राजनीतिक विवाद का आगे क्या होगा?
BJP सरकार ने गहलोत के आरोपों पर अब तक कोई विस्तृत जवाब नहीं दिया है। CM भजन लाल शर्मा पहले भी अपने कार्यकाल में 'शून्य लीक' का दावा कर चुके हैं। आने वाले दिनों में BJP की प्रतिक्रिया और विधानसभा में इस मुद्दे की गूँज इस विवाद की दिशा तय करेगी।
राष्ट्र प्रेस
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