गाजियाबाद जासूसी कांड से जुड़ी सुरक्षा में चिंताएं, महाराष्ट्र में ‘मेड इन चाइना’ सीसीटीवी हटाने की तैयारी

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गाजियाबाद जासूसी कांड से जुड़ी सुरक्षा में चिंताएं, महाराष्ट्र में ‘मेड इन चाइना’ सीसीटीवी हटाने की तैयारी

सारांश

गाजियाबाद में आईएसआई जासूसी मॉड्यूल के खुलासे के बाद, महाराष्ट्र सरकार ने सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए मेड इन चाइना सीसीटीवी कैमरों को हटाने का निर्णय लिया है। इस कदम से राज्य की सुरक्षा को और अधिक प्रभावी बनाने की कोशिश की जा रही है।

Key Takeaways

  • गाजियाबाद आईएसआई जासूसी कांड से महाराष्ट्र की सुरक्षा पर खतरा उत्पन्न हुआ।
  • सरकार ने मेड इन चाइना सीसीटीवी हटाने की योजना बनाई है।
  • नवीनतम नीति के तहत, सुरक्षा कैमरों की जांच पुलिस द्वारा की जाएगी।
  • हाउसिंग सोसायटियों को लाइव फीड साझा करने की आवश्यकता हो सकती है।

मुंबई, 2 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। यूपी के गाजियाबाद में उजागर हुए आईएसआई जासूसी मॉड्यूल के महाराष्ट्र से संबंध स्थापित होने के बाद, राज्य की सुरक्षा को लेकर सरकार ने तुरंत कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। महाराष्ट्र सरकार ने शहर में लगे मेड इन चाइना सीसीटीवी कैमरों को हटाने की योजना बनाई है। हाल ही में एक उच्चस्तरीय बैठक में बताया गया कि महाराष्ट्र के कम से कम पांच अत्यधिक संवेदनशील स्थलों की सुरक्षा में सेंधमारी की कोशिश की गई थी।

सुरक्षा अधिकारियों ने कहा कि सुरक्षा एजेंसियों ने समय पर इन स्थानों की पहचान कर उन्हें ‘सैनेटाइज’ कर दिया, लेकिन इस घटना ने प्रशासन में हड़कंप मचाया है। इस गंभीर चूक के मद्देनजर, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राज्य में लगे सीसीटीवी कैमरों की व्यापक समीक्षा का आदेश दिया है।

सरकार ने स्पष्ट संकेत दिया है कि अब चीनी कंपनियों से जुड़े सीसीटीवी सिस्टम पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाएगा। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि संवेदनशील क्षेत्रों में लगे कैमरों की विशेष जांच की जाए और जहाँ भी सुरक्षा खतरा हो, वहाँ तुरंत चीनी उपकरणों को हटा कर सुरक्षित और विश्वसनीय प्रणाली स्थापित की जाए।

जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि यह जासूसी मॉड्यूल दिहाड़ी मजदूरों के रूप में काम कर रहा था। साथ ही, मॉड्यूल के सदस्यों द्वारा मुंबई में नौसेना के ठिकानों और हवाई अड्डों जैसे महत्वपूर्ण स्थानों की रेकी किए जाने की भी आशंका है। यह गिरोह सौर ऊर्जा और सिम कार्ड द्वारा संचालित स्टैंडअलोन कैमरों का उपयोग कर रहा था, जिनके जरिए पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स को लाइव वीडियो और जीपीएस लोकेशन भेजी जा रही थी।

इस खतरे से निपटने के लिए राज्य का गृह विभाग नई सीसीटीवी नीति तैयार कर रहा है। प्रस्तावित नीति के अनुसार, अब बीएमसी, एमएमआरडीए जैसी किसी भी सरकारी एजेंसी को सीसीटीवी लगाने से पहले पुलिस से अनिवार्य रूप से एनओसी प्राप्त करनी होगी। इससे यह सुनिश्चित होगा कि इस्तेमाल हो रहा हार्डवेयर पूरी तरह सुरक्षित है।

नई नीति के अंतर्गत, हाउसिंग सोसायटियों को अपने बाहरी कैमरों की लाइव फीड पुलिस के साथ साझा करनी पड़ सकती है। इस पहल का उद्देश्य राज्य की निगरानी प्रणाली को और मजबूत करना और भविष्य में किसी भी प्रकार की विदेशी जासूसी या डेटा लीक के प्रयासों को समय पर विफल करना है।

Point of View

NationPress
02/04/2026

Frequently Asked Questions

गाजियाबाद जासूसी कांड क्या है?
गाजियाबाद जासूसी कांड में एक आईएसआई जासूसी मॉड्यूल का खुलासा हुआ है जो सुरक्षा स्थलों की रेकी कर रहा था।
महाराष्ट्र सरकार ने क्या कदम उठाए हैं?
महाराष्ट्र सरकार ने मेड इन चाइना सीसीटीवी कैमरों को हटाने और नई सुरक्षा नीति लाने का निर्णय लिया है।
क्या इससे राज्य की सुरक्षा में सुधार होगा?
हाँ, यह कदम सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने में मदद करेगा और विदेशी जासूसी के प्रयासों को रोकने में सहायक होगा।
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