गोवा हॉलिडे पैकेज ठगी: अंजुना पुलिस ने गौरेश शिरोडकर को गिरफ्तार किया, ₹99,430 की धोखाधड़ी
सारांश
मुख्य बातें
गोवा के अंजुना पुलिस स्टेशन ने 6 नवंबर 2026 को गौरेश शिरोडकर को गिरफ्तार किया है, जिस पर हॉलिडे पैकेज के नाम पर ₹99,430 की ठगी का आरोप है। यह मामला 29 अक्टूबर 2026 को कर्नाटक के रामनगरम निवासी 26 वर्षीय इंजीनियर निदा कनीस फातिमा की शिकायत पर दर्ज किया गया था।
मामले का विवरण
पुलिस के अनुसार, आरोपी गौरेश शिरोडकर, निवासी डोंगरीम, मंडूर (उत्तर गोवा), जीओआईआई वेकेशन प्राइवेट लिमिटेड नामक कंपनी का संचालन कर रहा था। इस कंपनी के फील्ड स्टाफ संभावित पीड़ितों को स्क्रैच कार्ड बाँटने और अन्य प्रलोभनों के ज़रिये आकर्षित करते थे।
इसके बाद लक्षित ग्राहकों को अर्पोरा स्थित होटल लेमन ट्री ले जाया जाता था, जहाँ उन्हें हॉलिडे पैकेजों की प्रस्तुति दी जाती थी और भुगतान के लिए प्रेरित किया जाता था। शिकायतकर्ता निदा कनीस फातिमा के साथ भी इसी तरीके से धोखाधड़ी की गई, जिसमें कथित तौर पर ₹99,430 वसूले गए।
आरोपी का आपराधिक इतिहास
जाँच में सामने आया कि गौरेश शिरोडकर के खिलाफ गोवा के कई पुलिस थानों में पहले से शिकायतें दर्ज हैं। पुलिस के अनुसार, पणजी पुलिस स्टेशन में चार मामले, कलंगुट पुलिस स्टेशन में एक मामला, आर्थिक अपराध शाखा (EOC) पणजी में एक मामला और अंजुना पुलिस स्टेशन में तीन मामले पहले से दर्ज हैं।
यह ऐसे समय में आया है जब गोवा में पर्यटन सीज़न अपने चरम पर होता है और हर वर्ष लाखों देशी-विदेशी पर्यटक यहाँ आते हैं। इस तरह की संगठित ठगी न केवल पर्यटकों को आर्थिक नुकसान पहुँचाती है, बल्कि राज्य की पर्यटन छवि को भी नुकसान पहुँचाती है।
गिरफ्तारी और न्यायिक कार्रवाई
पुलिस ने बताया कि मामले की गंभीरता, आरोपी के खिलाफ दर्ज अनेक शिकायतों और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य संदिग्धों की पहचान की आवश्यकता को देखते हुए कानूनी प्रक्रिया पूर्ण करने के बाद शिरोडकर को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी के दौरान सर्वोच्च न्यायालय के सभी दिशा-निर्देशों का पालन किया गया।
शुक्रवार को आरोपी को मापुसा स्थित न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी (JMFC) अदालत में पेश किया गया, जहाँ अदालत ने आगे की जाँच के लिए उसे तीन दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया।
पर्यटन छवि पर असर
गोवा की अर्थव्यवस्था में पर्यटन की केंद्रीय भूमिका को देखते हुए इस तरह की ठगी की घटनाएँ राज्य प्रशासन के लिए चिंता का विषय हैं। आलोचकों का कहना है कि स्क्रैच कार्ड और मुफ्त उपहार का लालच देकर पर्यटकों को ठगने वाले नेटवर्क लंबे समय से सक्रिय हैं, परन्तु ठोस कार्रवाई अपर्याप्त रही है।
पुलिस ने पुष्टि की है कि मामले की जाँच जारी है और इस ठगी नेटवर्क से जुड़े अन्य संदिग्धों की भूमिका का भी पता लगाया जा रहा है।