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गोल्फ लिंक्स डकैती: ₹50,000 इनामी आरोपी सुशील कुमार बिहार से गिरफ्तार, 6 पहले ही पकड़े गए

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गोल्फ लिंक्स डकैती: ₹50,000 इनामी आरोपी सुशील कुमार बिहार से गिरफ्तार, 6 पहले ही पकड़े गए

सारांश

दिल्ली के पॉश गोल्फ लिंक्स इलाके में एक बुजुर्ग व्यवसायी के घर ₹30–35 लाख की सशस्त्र डकैती का फरार आरोपी सुशील कुमार — जो घरेलू नौकर बनकर घर में घुसा था — महीनों बाद बिहार से गिरफ्तार हुआ। ₹50,000 का इनाम घोषित होने के बाद क्राइम ब्रांच की विशेष टीम ने यह सफलता हासिल की।

मुख्य बातें

दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच (AEKC) ने गोल्फ लिंक्स डकैती के ₹50,000 इनामी आरोपी सुशील कुमार (22) को बिहार के मधुबनी जिले से गिरफ्तार किया।
डकैती 16 अप्रैल 2026 को 76 वर्षीय व्यवसायी अशोक चावला के गोल्फ लिंक्स स्थित आवास पर हुई थी; लूट में लगभग ₹30–35 लाख नकद व आभूषण शामिल थे।
कथित तौर पर सुशील कुमार उसी घर में घरेलू नौकर के रूप में नियुक्त था और उसने डकैती में मिलीभगत की।
6 सह-आरोपी पहले ही गिरफ्तार हो चुके थे; सुशील कुमार की गिरफ्तारी के बाद एफआईआर संख्या 29/2026 के सभी मुख्य आरोपी पकड़े जा चुके हैं।
22 अक्टूबर 2026 को ₹50,000 का इनाम घोषित; डीसीपी संजीव कुमार यादव के नेतृत्व में विशेष टीम ने ऑपरेशन को अंजाम दिया।

दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने गोल्फ लिंक्स सशस्त्र डकैती मामले में ₹50,000 के इनामी फरार आरोपी सुशील कुमार (22) को बिहार के मधुबनी जिले से गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। क्राइम ब्रांच की एंटी-एक्सटॉर्शन एंड किडनैपिंग सेल (AEKC) ने तकनीकी निगरानी और जमीनी खुफिया जानकारी के आधार पर यह कार्रवाई की।

मुख्य घटनाक्रम

मामला 16 अप्रैल 2026 का है, जब सात से आठ सशस्त्र हमलावरों ने नई दिल्ली के गोल्फ लिंक्स स्थित मकान नंबर 187 में रह रहे 76 वर्षीय व्यवसायी अशोक चावला के घर में जबरदस्ती प्रवेश किया। तलवारों और अन्य घातक हथियारों से लैस इन हमलावरों ने परिवार के सदस्यों पर हमला कर उन्हें धमकाया और लगभग ₹30–35 लाख नकद एवं आभूषण लूटकर फरार हो गए।

घटना के बाद तुगलक रोड पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 311/61(2) के तहत एफआईआर संख्या 29/2026 दर्ज की गई।

सुशील कुमार की संदिग्ध भूमिका

जाँच में सामने आया कि आरोपी सुशील कुमार को हाल ही में अशोक चावला के आवास पर घरेलू नौकर के रूप में नियुक्त किया गया था। पुलिस के अनुसार, डकैती कथित तौर पर उसी की मिलीभगत से अंजाम दी गई। इस मामले में छह अन्य सह-आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका था, लेकिन सुशील कुमार गिरफ्त से बाहर रहा।

फरारी के दौरान अदालत ने उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 84 के तहत कार्रवाई आरंभ की। 22 अक्टूबर 2026 को उसकी गिरफ्तारी में सहायक सूचना देने वाले के लिए ₹50,000 के नकद इनाम की घोषणा की गई।

विशेष टीम का गठन और ऑपरेशन

इनाम की घोषणा के बाद क्राइम ब्रांच ने अपनी टीमों को दिल्ली और अन्य राज्यों में सक्रिय फरार आरोपियों का पता लगाने का दायित्व सौंपा। तकनीकी निगरानी और निरंतर खुफिया प्रयासों से यह सूचना मिली कि सुशील कुमार बिहार में छिपा हुआ है।

इस आधार पर डीसीपी संजीव कुमार यादव के समग्र पर्यवेक्षण में और एसीपी पंकज अरोरा की देखरेख में इंस्पेक्टर वीर सिंह के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। इस टीम में सब-इंस्पेक्टर इमरान व अंकुर, एएसआई दीपचंद व उमेश कुमार, तथा हेड कांस्टेबल योगराज, मनोज, संदीप, मनीष, मुकेश चौधरी और अनूप शामिल थे।

आम जनता पर असर

यह घटना दिल्ली के सबसे सुरक्षित और पॉश माने जाने वाले गोल्फ लिंक्स इलाके में हुई, जिसने राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए। गौरतलब है कि घरेलू नौकर के रूप में घुसपैठ कर डकैती की यह पद्धति शहरी क्षेत्रों में बढ़ती सुरक्षा चिंताओं को रेखांकित करती है।

क्या होगा आगे

गिरफ्तार आरोपी सुशील कुमार को अब न्यायिक प्रक्रिया के तहत पेश किया जाएगा। सातवें आरोपी की गिरफ्तारी के साथ इस मामले में जाँच की एक महत्वपूर्ण कड़ी पूरी हुई है। पुलिस के अनुसार डकैती के दौरान लूटी गई संपत्ति की बरामदगी और शेष जाँच जारी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

000 के इनाम की घोषणा और राज्य-पार ऑपरेशन पुलिस की सक्रियता दर्शाते हैं, लेकिन असली सवाल यह है कि आरोपी महीनों तक फरार कैसे रहा।
RashtraPress
2 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गोल्फ लिंक्स डकैती मामला क्या है?
16 अप्रैल 2026 को नई दिल्ली के गोल्फ लिंक्स इलाके में स्थित 76 वर्षीय व्यवसायी अशोक चावला के घर पर सात से आठ सशस्त्र हमलावरों ने डकैती की और लगभग ₹30–35 लाख नकद व आभूषण लूट लिए। तुगलक रोड पुलिस स्टेशन में BNS की धारा 311/61(2) के तहत एफआईआर संख्या 29/2026 दर्ज की गई।
आरोपी सुशील कुमार को कहाँ से और कैसे गिरफ्तार किया गया?
सुशील कुमार को बिहार के मधुबनी जिले से गिरफ्तार किया गया। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की AEKC ने तकनीकी निगरानी और खुफिया जानकारी के आधार पर उसके ठिकाने का पता लगाया और डीसीपी संजीव कुमार यादव के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने यह गिरफ्तारी की।
सुशील कुमार की मामले में क्या भूमिका बताई जा रही है?
पुलिस के अनुसार, सुशील कुमार को घटना से कुछ समय पहले अशोक चावला के आवास पर घरेलू नौकर के रूप में नियुक्त किया गया था। कथित तौर पर उसने घर की आंतरिक जानकारी देकर डकैती में मिलीभगत की। हालाँकि यह आरोप अभी न्यायिक प्रक्रिया के अधीन हैं।
इस मामले में अब तक कितने आरोपी गिरफ्तार हुए हैं?
सुशील कुमार की गिरफ्तारी से पहले इस मामले में छह सह-आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका था। सुशील कुमार की गिरफ्तारी के साथ अब सातों मुख्य आरोपी पुलिस की गिरफ्त में हैं।
₹50,000 का इनाम कब और क्यों घोषित किया गया था?
अदालत द्वारा गैर-जमानती वारंट जारी होने और BNSS की धारा 84 के तहत कार्रवाई के बाद 22 अक्टूबर 2026 को सुशील कुमार की गिरफ्तारी में सहायक सूचना देने वाले के लिए ₹50,000 का नकद इनाम घोषित किया गया। इनाम घोषणा के बाद क्राइम ब्रांच को आरोपी के बिहार में छिपे होने की विशिष्ट सूचना मिली।
राष्ट्र प्रेस
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