27 अगस्त 2026
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गुडालूर में बाघ के हमले से दो मौतें: 48 घंटे का बंद, 100 से अधिक वन कर्मी तलाश में जुटे

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गुडालूर में बाघ के हमले से दो मौतें: 48 घंटे का बंद, 100 से अधिक वन कर्मी तलाश में जुटे

सारांश

गुडालूर में बाघ के हमलों में दो लोगों की मौत के बाद 48 घंटे का बंद, 10,000 दुकानें ठप। 100 से अधिक वन कर्मी, 3 थर्मल ड्रोन और 130 कैमरों के बावजूद बाघ अब तक फरार। सर्वदलीय बैठक में ₹50 लाख मुआवजे और सरकारी नौकरी की माँग।

मुख्य बातें

गुडालूर में बाघ के हमलों में बालकृष्णन और रविचंद्रन नामक दो लोगों की मौत के बाद 48 घंटे का बंद बुलाया गया।
गुरुवार को करीब 10,000 दुकानें बंद रहीं; बंद शुक्रवार को भी जारी रहने की घोषणा।
मुख्य वन्यजीव वार्डन राकेश कुमार डोगरा के निर्देश पर 100 से अधिक वन कर्मियों की टीम, 3 थर्मल ड्रोन , 130 कैमरे और 12 पिंजरे तैनात।
लगातार बारिश, कोहरे और कम दृश्यता के कारण बाघ अब तक तलाशी दल की नज़र से बचा हुआ है।
सर्वदलीय बैठक में मुआवजा ₹10 लाख से बढ़ाकर ₹50 लाख करने और पीड़ित परिवारों को सरकारी नौकरी देने की माँग पारित।

तमिलनाडु के गुडालूर में एक बाघ के हमलों में बालकृष्णन और रविचंद्रन नामक दो लोगों की जान जाने के बाद 27 अगस्त 2026 को स्थानीय व्यापारियों और सामाजिक संगठनों ने 48 घंटे का बंद बुलाया। गुरुवार को करीब 10,000 दुकानें बंद रहीं और यह बंद शुक्रवार को भी जारी रहने की घोषणा की गई है।

बंद का कारण और जन आक्रोश

गुडालूर में अलग-अलग हमलों में हुई मौतों ने स्थानीय समुदाय में भारी गुस्से और भय का माहौल बना दिया है। व्यापारी संगठन, राजनीतिक दल और स्थानीय निकाय एकजुट होकर इस कथित तौर पर आदमखोर बाघ को पकड़ने की माँग कर रहे हैं। यह ऐसे समय में आया है जब नीलगिरि क्षेत्र में मानव-वन्यजीव संघर्ष लगातार बढ़ता जा रहा है।

सर्वदलीय बैठक और मुआवजे की माँग

बंद से पहले कोटागिरी में व्यापारी और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में एक सर्वदलीय परामर्श बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के तालुक सचिव मणिकंदन ने की। बैठक में दो प्रमुख प्रस्ताव पारित किए गए — जंगली जानवरों के हमले में मृत्यु पर मुआवजे की राशि ₹10 लाख से बढ़ाकर ₹50 लाख करने और प्रत्येक पीड़ित परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की माँग।

वन विभाग का तलाशी अभियान

तमिलनाडु के मुख्य वन्यजीव वार्डन राकेश कुमार डोगरा के निर्देशों पर गुडालूर जिला वन अधिकारी देवराज की अगुवाई में 100 से अधिक वन कर्मियों की एक विशेष टीम गठित की गई है। इस ऑपरेशन में 3 थर्मल-इमेजिंग ड्रोन, 130 ऑटोमैटिक कैमरे और 12 पिंजरे तैनात किए गए हैं — जिनमें कोयंबटूर से लाया गया 12वाँ पिंजरा भी शामिल है। कोयंबटूर और अन्य वन प्रभागों से अतिरिक्त कर्मियों को भी बुलाया गया है।

तलाश में बाधाएँ

अधिकारियों ने सभी 130 कैमरों की फुटेज खँगाली, लेकिन किसी में भी बाघ की हरकत दर्ज नहीं हुई। लगातार बारिश, घना कोहरा और कम दृश्यता ने निगरानी को और कठिन बना दिया, जिससे यह चालाक बाघ तलाशी दल की नज़र से बचता रहा। टीमें चौबीसों घंटे गश्त कर रही हैं और वृक्षारोपण तथा वन क्षेत्रों की निगरानी के लिए थर्मल ड्रोन का उपयोग किया जा रहा है।

प्रतिबंध और आगे की स्थिति

वन विभाग ने बाघ की संभावित आवाजाही वाले चिह्नित क्षेत्रों में आम लोगों की आवाजाही पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। गौरतलब है कि नीलगिरि क्षेत्र में मानव-वन्यजीव टकराव की यह पहली घटना नहीं है — इस क्षेत्र में बाघ और हाथियों के हमलों का लंबा इतिहास रहा है। बाघ को पकड़ने तक अभियान जारी रहेगा और स्थानीय समुदाय में तनाव बना हुआ है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन जिसका कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला जा सका। 130 कैमरे और 3 थर्मल ड्रोन तकनीकी क्षमता का प्रदर्शन ज़रूर करते हैं, पर लगातार बारिश और कोहरे में उनकी सीमाएँ उजागर हो गईं। असली सवाल यह है कि क्या ₹50 लाख मुआवजे की माँग और सरकारी नौकरी की अपेक्षा उस मूल समस्या का हल है — या यह केवल तात्कालिक राजनीतिक दबाव की प्रतिक्रिया है जबकि वन-मानव सीमा रेखाएँ हर साल सिकुड़ती जा रही हैं।
RashtraPress
27 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गुडालूर में बाघ के हमले में किन लोगों की मौत हुई?
बाघ के कथित हमलों में बालकृष्णन और रविचंद्रन नामक दो लोगों की मौत हुई। दोनों हमले गुडालूर क्षेत्र में अलग-अलग घटनाओं में हुए।
गुडालूर बंद क्यों बुलाया गया और कितने समय के लिए है?
बाघ के हमलों में दो लोगों की मौत के बाद व्यापारियों और स्थानीय संगठनों ने आदमखोर बाघ को पकड़ने की माँग को लेकर 48 घंटे का बंद बुलाया। गुरुवार को करीब 10,000 दुकानें बंद रहीं और बंद शुक्रवार को भी जारी रहने की घोषणा की गई।
वन विभाग बाघ को पकड़ने के लिए क्या कदम उठा रहा है?
मुख्य वन्यजीव वार्डन राकेश कुमार डोगरा के निर्देश पर 100 से अधिक वन कर्मियों की टीम बनाई गई है। ऑपरेशन में 3 थर्मल-इमेजिंग ड्रोन, 130 ऑटोमैटिक कैमरे और 12 पिंजरे तैनात हैं; टीमें चौबीसों घंटे गश्त कर रही हैं।
सर्वदलीय बैठक में क्या माँगें पारित की गईं?
कोटागिरी में हुई सर्वदलीय बैठक में दो प्रमुख माँगें पारित हुईं — जंगली जानवरों के हमले में मृत्यु पर मुआवजा ₹10 लाख से बढ़ाकर ₹50 लाख करना और प्रत्येक पीड़ित परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देना।
बाघ की तलाश में क्या बाधाएँ आ रही हैं?
लगातार बारिश, घना कोहरा और कम दृश्यता के कारण निगरानी अभियान प्रभावित हो रहा है। सभी 130 कैमरों की फुटेज खँगालने के बावजूद बाघ की कोई हरकत दर्ज नहीं हुई और वह अब तक तलाशी दल की नज़र से बचा हुआ है।
राष्ट्र प्रेस
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