24 जुलाई 2026
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केरल में वन्यजीव हमले: 9 साल में 1,128 मौतें, राजीव चंद्रशेखर का LDF-UDF पर 'आपराधिक लापरवाही' का आरोप

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केरल में वन्यजीव हमले: 9 साल में 1,128 मौतें, राजीव चंद्रशेखर का LDF-UDF पर 'आपराधिक लापरवाही' का आरोप

सारांश

केरल में दो हफ्तों में पाँच मौतें और नौ साल में 1,128 — भाजपा प्रदेश अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने LDF और UDF दोनों को एक साथ कटघरे में खड़ा किया। सूर्यानेल्ली में मारियम्मल की हाथी हमले में मौत ने इस संकट को फिर उजागर किया है।

मुख्य बातें

पिछले दो सप्ताह में केरल में वन्यजीव हमलों में 5 लोगों की मौत हुई।
सरकारी आँकड़ों के अनुसार 2016 से 2025 के बीच 1,128 मौतें और 8,480 लोग घायल ।
सूर्यानेल्ली में मारियम्मल की जंगली हाथी के हमले में मौत; घायल बच्चा अभी उपचाराधीन।
2020-2025 के बीच हाथी हमलों में 102 मौतें ; 2021-2025 में कुल 344 मौतें ।
भाजपा नेता ने केंद्र के फंड और प्रावधानों का उपयोग न करने पर केरल सरकार को जिम्मेदार ठहराया।
ड्रोन, AI निगरानी और रियल-टाइम चेतावनी तंत्र तत्काल लागू करने की माँग।

केरल भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक राजीव चंद्रशेखर ने सोमवार, 8 जून 2026 को तिरुवनंतपुरम में राज्य के बढ़ते मानव-वन्यजीव संघर्ष पर वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (LDF) और संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (UDF) दोनों सरकारों को कठघरे में खड़ा किया। उनका आरोप है कि पहाड़ी और वन क्षेत्रों से सटे गाँवों में रहने वाले लोगों की जान बचाने में दोनों राजनीतिक मोर्चे पूरी तरह विफल रहे हैं।

ताज़ा हमले और सूर्यानेल्ली की दुखद घटना

चंद्रशेखर ने बताया कि पिछले दो सप्ताह के भीतर केरल में वन्यजीव हमलों में पाँच लोगों की जान जा चुकी है। उन्होंने सूर्यानेल्ली में हुई मारियम्मल की मौत का विशेष उल्लेख किया, जो अपने बेटे को स्कूल छोड़ने जा रही थीं और तभी एक जंगली हाथी के हमले में उनकी मृत्यु हो गई। इस हमले में घायल हुआ बच्चा अभी भी उपचाराधीन है।

चंद्रशेखर ने कहा, 'स्थिति ऐसी हो गई है कि लोग अब अपने ही गाँवों में बिना डर के नहीं रह पा रहे हैं।' यह ऐसे समय में आया है जब केरल के वन-सीमांत ज़िलों में वन्यजीव-मानव टकराव की घटनाएँ लगातार बढ़ रही हैं।

सरकारी आँकड़े: नौ साल में 1,128 मौतें

भाजपा नेता ने सरकारी आँकड़ों के हवाले से दावा किया कि 2016 से 2025 के बीच केरल में वन्यजीव हमलों में 1,128 लोगों की मौत हुई और 8,480 लोग घायल हुए। उनके अनुसार इसी अवधि में हाथी, बाघ और जंगली सूअरों के हमलों में अकेले 260 लोगों की जान गई।

आँकड़े और भी चिंताजनक हैं: 2020 से 2025 के बीच हाथियों के हमलों में 102 लोगों की मौत हुई, जबकि 2021 से 2025 के दौरान विभिन्न वन्यजीव हमलों में कुल 344 लोगों की जान गई। गौरतलब है कि ये आँकड़े चंद्रशेखर के दावे पर आधारित हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि अपेक्षित है।

केंद्र के प्रावधानों का उपयोग न करने का आरोप

चंद्रशेखर ने कहा कि केंद्र सरकार ने मानव-वन्यजीव संघर्ष से निपटने के लिए राज्यों को पर्याप्त वित्तीय सहायता और व्यापक कानूनी अधिकार दिए हैं। इनमें सोलर फेंसिंग, सुरक्षा अवरोधक, त्वरित प्रतिक्रिया दल, संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी और हाथियों के आवागमन गलियारों के प्रबंधन जैसे उपाय शामिल हैं। उनका आरोप है कि केरल सरकार इन उपलब्ध संसाधनों और कानूनी प्रावधानों का प्रभावी ढंग से उपयोग करने में नाकाम रही है।

उन्होंने पीड़ितों और उनके परिजनों को मुआवज़ा देने में हो रही देरी की भी कड़ी आलोचना की और इसे 'आपराधिक लापरवाही' करार दिया।

LDF और UDF दोनों पर एक साथ निशाना

चंद्रशेखर ने कहा कि विपक्ष में रहते हुए UDF इस मुद्दे को उठाती रही, परंतु सत्ता में आने पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया। वहीं, LDF के लगभग एक दशक के शासनकाल में भी इस समस्या का स्थायी समाधान नहीं निकल सका। यह पहली बार नहीं है जब किसी विपक्षी नेता ने दोनों मुख्यधारा मोर्चों को एक साथ इस मुद्दे पर कटघरे में खड़ा किया हो।

आधुनिक तकनीक अपनाने की माँग

भाजपा नेता ने सरकार से ड्रोन, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित निगरानी प्रणाली और रियल-टाइम चेतावनी तंत्र जैसी आधुनिक तकनीकों का तत्काल उपयोग करने की माँग की, ताकि वन्यजीवों को मानव बस्तियों में प्रवेश करने से रोका जा सके। उन्होंने कहा, 'नागरिकों के जीवन और संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।' अब देखना यह होगा कि LDF सरकार इन माँगों पर क्या प्रतिक्रिया देती है और क्या विधानसभा में यह मुद्दा और तेज़ होता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

128 मौतें — चौंकाने वाले हैं, लेकिन इनकी स्वतंत्र पुष्टि ज़रूरी है क्योंकि ये एक राजनीतिक प्रेस वार्ता से आए हैं। असली सवाल यह है कि केंद्र द्वारा आवंटित वन्यजीव प्रबंधन निधि का केरल में वास्तविक उपयोग कितना हुआ — यह सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध होना चाहिए, पर शायद ही कभी चर्चा में आता है। LDF और UDF दोनों पर एक साथ निशाना साधना भाजपा की केरल रणनीति का हिस्सा है, लेकिन मारियम्मल जैसी घटनाएँ यह भी बताती हैं कि यह मुद्दा महज़ राजनीति से बड़ा है — यह वन-सीमांत समुदायों के अस्तित्व का सवाल है जिसे दशकों से टाला जाता रहा है।
RashtraPress
24 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

केरल में वन्यजीव हमलों की स्थिति कितनी गंभीर है?
भाजपा नेता राजीव चंद्रशेखर के दावे के अनुसार, 2016 से 2025 के बीच केरल में वन्यजीव हमलों में 1,128 लोगों की मौत और 8,480 लोग घायल हुए हैं। पिछले दो सप्ताह में ही पाँच मौतें दर्ज की गई हैं।
सूर्यानेल्ली में मारियम्मल की मौत कैसे हुई?
मारियम्मल अपने बेटे को स्कूल ले जा रही थीं जब सूर्यानेल्ली में एक जंगली हाथी ने उन पर हमला कर दिया, जिससे उनकी मौत हो गई। इस हमले में घायल उनका बच्चा अभी भी अस्पताल में उपचाराधीन है।
राजीव चंद्रशेखर ने LDF और UDF पर क्या आरोप लगाए?
चंद्रशेखर ने आरोप लगाया कि LDF के लगभग एक दशक के शासन में इस समस्या का स्थायी समाधान नहीं निकला, जबकि UDF सत्ता में आने के बाद अपने ही वादों से पीछे हट गई। उन्होंने केंद्र की निधि और प्रावधानों का प्रभावी उपयोग न करने को 'आपराधिक लापरवाही' बताया।
केंद्र सरकार ने वन्यजीव संघर्ष रोकने के लिए क्या प्रावधान दिए हैं?
केंद्र सरकार ने राज्यों को सोलर फेंसिंग, सुरक्षा अवरोधक, त्वरित प्रतिक्रिया दल, निगरानी तंत्र और हाथी गलियारा प्रबंधन के लिए वित्तीय सहायता और कानूनी अधिकार दिए हैं। भाजपा का आरोप है कि केरल इन संसाधनों का पूरा उपयोग नहीं कर रही।
भाजपा ने केरल सरकार से क्या माँगें रखी हैं?
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने सरकार से ड्रोन, AI आधारित निगरानी प्रणाली और रियल-टाइम चेतावनी तंत्र तत्काल लागू करने की माँग की है। साथ ही पीड़ित परिवारों को बिना देरी मुआवज़ा देने की भी माँग की गई है।
राष्ट्र प्रेस
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