गुजरात CM भूपेंद्र पटेल ने आणंद के अंबाली गांव में काफिला रोककर स्कूली बच्चों से की बातचीत
सारांश
मुख्य बातें
गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने शुक्रवार, 17 जुलाई को आणंद जिले के अंकलाव तालुका स्थित अंबाली गांव में अपना सरकारी काफिला अचानक रुकवाया और सड़क किनारे वर्दी में खड़े स्कूली बच्चों तथा ग्रामीणों से सीधे मुलाकात की। मुख्यमंत्री वडोदरा में एक आधिकारिक कार्यक्रम में शामिल होने के बाद गांधीनगर लौट रहे थे, तभी यह सहज मुलाकात हुई।
मुख्यमंत्री का बच्चों से संवाद
गांव से गुजरते समय भूपेंद्र पटेल की नज़र सड़क किनारे स्वागत के लिए खड़े स्कूली बच्चों पर पड़ी। प्रोटोकॉल को एक तरफ रखते हुए वे गाड़ी से उतरे और बच्चों के बीच पहुँच गए। उन्होंने छात्रों से उनकी पढ़ाई के बारे में जानकारी ली, कड़ी मेहनत करने और शिक्षा के प्रति समर्पित रहने का संदेश दिया। मौके पर उपस्थित अभिभावकों से भी उन्होंने अपील की कि वे किसी भी परिस्थिति में अपने बच्चों की शिक्षा में बाधा न आने दें।
ग्रामीणों से हालचाल, बायोगैस संयंत्र का निरीक्षण
बच्चों से मिलने के बाद मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों से भी संवाद किया और पूछा कि गांव को किसी समस्या का सामना तो नहीं करना पड़ रहा। इस दौरान उन्होंने उत्तरदायी लोक प्रशासन के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। गांव में ही उनकी नज़र एक घर में लगे बायोगैस संयंत्र पर पड़ी। वे किसान विट्ठलभाई परमार के घर गए और संयंत्र की कार्यप्रणाली, उससे मिलने वाले लाभों और उसके संचालन की अवधि के बारे में विस्तार से जानकारी ली।
इस अप्रत्याशित भेंट पर किसान विट्ठलभाई परमार ने कहा, 'हमने कभी सोचा भी नहीं था कि मुख्यमंत्री अपना काफिला रोककर हमारा हालचाल पूछने आएंगे। यह हमारे और पूरे अंबाली गांव के लिए अपार खुशी और गर्व का क्षण है।'
वडोदरा में अमृत भारत स्टेशन योजना का कार्यक्रम
मुख्यमंत्री पटेल इससे पहले वडोदरा के प्रताप नगर रेलवे स्टेशन पर आयोजित एक आधिकारिक समारोह में शामिल हुए थे, जहाँ ₹71.58 करोड़ की लागत से पुनर्निर्मित इस स्टेशन को जनता को समर्पित किया गया। यह उद्घाटन 'अमृत भारत स्टेशन योजना' के अंतर्गत हुआ।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जालंधर से वर्चुअल माध्यम से गुजरात के चार पुनर्निर्मित रेलवे स्टेशनों — वडोदरा प्रताप नगर, गोधरा, पोरबंदर और भक्तिनगर — का एक साथ उद्घाटन किया। नवीनीकृत प्रताप नगर स्टेशन में बेहतर यात्री सुविधाएँ, सुगम आवागमन, नया प्लेटफॉर्म, लिफ्ट, आधुनिक प्रतीक्षा क्षेत्र और विरासत से प्रेरित वास्तुकला शामिल हैं।
आम जनता पर असर
यह घटना उस समय सामने आई जब राज्य सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा और बुनियादी ढाँचे के विकास पर जोर दे रही है। मुख्यमंत्री की इस सहज और बिना पूर्व सूचना के की गई मुलाकात ने अंबाली गांव के निवासियों के बीच उत्साह का माहौल पैदा किया। यह मुलाकात इस बात का भी संकेत है कि राज्य प्रशासन जमीनी स्तर पर नागरिकों से सीधे जुड़ाव को प्राथमिकता दे रहा है।