गुजरात में 1 अगस्त से ट्रैफिक शिकायतों के लिए सिर्फ 112 डायल करें, पुराना टोल फ्री नंबर बंद
सारांश
मुख्य बातें
गुजरात पुलिस ने 1 अगस्त 2026 से राज्य में सभी टेलीफोनिक यातायात शिकायतों को राष्ट्रीय आपातकालीन हेल्पलाइन 112 के माध्यम से दर्ज करने की व्यवस्था लागू की है। केंद्र सरकार की इमरजेंसी रिस्पॉन्स सपोर्ट सिस्टम (ईआरएसएस) योजना के अंतर्गत यह कदम उठाया गया है, जिसके तहत अब तक चल रहा अलग टोल फ्री ट्रैफिक हेल्पलाइन नंबर 1800 233 1122 बंद कर दिया गया है।
मुख्य बदलाव क्या है
राज्य यातायात शाखा के अनुसार, पुराने टोल फ्री नंबर पर अपेक्षाकृत कम शिकायतें दर्ज होती थीं, इसलिए उसे ईआरएसएस के साथ एकीकृत करने का निर्णय लिया गया। अब 1 अगस्त से यातायात संबंधी सभी टेलीफोनिक शिकायतें और अभ्यावेदन केवल 112 डायल करके ही दर्ज कराए जा सकेंगे।
गुजरात पुलिस ने स्पष्ट किया है कि यह बदलाव केवल टेलीफोन हेल्पलाइन तक सीमित है। यातायात शिकायतों के लिए उपलब्ध सभी ऑनलाइन और ऐप आधारित चैनल पूर्ववत बिना किसी बदलाव के काम करते रहेंगे।
सरकार का उद्देश्य
राज्य यातायात शाखा ने शुक्रवार को जारी एक बयान में कहा, “नागरिकों की सुविधा और त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने के लिए गुजरात पुलिस ने यातायात संबंधी शिकायतों के लिए अलग नंबर को राष्ट्रव्यापी 112 (आपातकालीन प्रतिक्रिया सहायता प्रणाली - ईआरएसएस) हेल्पलाइन के साथ मिला दिया है।” इस एकीकरण का मुख्य उद्देश्य यातायात सेवाओं को एक एकल राष्ट्रव्यापी आपातकालीन मंच के अंतर्गत लाना है, ताकि नागरिकों को अलग-अलग नंबर याद न रखने पड़ें।
बारिश के मौसम में विशेष उपयोगिता
यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब भारतीय मौसम विभाग ने गुजरात के कई हिस्सों में भारी बारिश का पूर्वानुमान जताया है। राज्य यातायात शाखा ने कहा कि जलभराव, पेड़ गिरने या बारिश से जुड़ी किसी भी बाधा के कारण यातायात जाम होने की स्थिति में वाहन चालक 112 पर कॉल कर तत्काल सहायता प्राप्त कर सकेंगे।
पुलिस ने यह भी कहा, “बारिश से संबंधित आपात स्थितियों में वाहन चालकों को किसी भी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े और यातायात सुचारू रूप से चलता रहे — यह सुनिश्चित करने के लिए पुलिस पूरी तरह से तैयार है।”
आम जनता पर असर
गुजरात में अब वाहन चालकों को यातायात से जुड़ी किसी भी समस्या — जैसे दुर्घटना, जाम, या सड़क बाधा — के लिए केवल 112 पर संपर्क करना होगा। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे भविष्य में सभी यातायात शिकायतों, सुझावों और अभ्यावेदनों के लिए इसी एकल नंबर का उपयोग करें।
आगे की राह
यह कदम केंद्र सरकार की उस व्यापक रणनीति का हिस्सा है जिसके तहत देशभर में आपातकालीन सेवाओं को ईआरएसएस के एकीकृत मंच पर लाया जा रहा है। गुजरात में यह बदलाव लागू होने के बाद अन्य राज्यों में भी इसी तर्ज पर यातायात हेल्पलाइनों को 112 से जोड़े जाने की संभावना है।