केरल विधानसभा चुनाव: भाजपा की सीटों की संख्या सीमित, हन्नान मोल्लाह का दावा
सारांश
Key Takeaways
- भाजपा का जनाधार केरल में बढ़ा है।
- चुनाव का मुकाबला त्रिकोणीय हो सकता है।
- ईद का त्योहार शांति का संदेश देता है।
- भारत और ईरान के बीच पुराने रिश्ते हैं।
- सरकार को छोटे रेस्टोरेंट्स के लिए ध्यान देना चाहिए।
नई दिल्ली, 22 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। केरल विधानसभा चुनावों के संदर्भ में सीपीआई (एम) नेता हन्नान मोल्लाह ने कहा कि इस बार चुनाव का मुकाबला त्रिकोणीय हो सकता है। इसका मुख्य कारण भाजपा है, क्योंकि उनका जनाधार वहाँ बढ़ रहा है।
राष्ट्र प्रेस से की गई बातचीत में हन्नान मोल्लाह ने कहा कि केरल में भाजपा की जीत की कोई संभावना नहीं है। उन्हें केवल कुछ सीटें मिलेंगी। वे चुनाव को त्रिकोणीय बनाने की कोशिश करेंगे। पहले चुनाव में मुख्य मुकाबला कांग्रेस और हमारे (वामपंथियों) बीच होता था। इस बार भाजपा का वोट समर्थन कुछ बढ़ा है, लेकिन इतना नहीं कि वे किसी को चुनौती दे सकें। सत्ता में आने की संभावनाएँ नहीं हैं।
सीपीआई (एम) नेता हन्नान मोल्लाह ने शिया धर्मगुरु मौलाना कल्बे जवाद के ईद पर दिए गए बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मिडिल ईस्ट युद्ध में हज़ारों लोग मारे जा रहे हैं, कई लोगों के घर बर्बाद हो रहे हैं, और शांति का कोई माहौल नहीं है। ऐसी स्थिति में, ईद खुशी का उत्सव बनना चाहिए।
उन्होंने कहा कि रमजान के एक महीने के रोज़े के बाद, दुनिया भर के मुसलमान ईद की खुशी मनाते हैं। सभी लोग एकत्र होते हैं, दोस्तों के साथ मिलते हैं, और यहां तक कि गैर-मुसलमान भी इस खुशी में शामिल होते हैं। लेकिन जब इतनी हिंसा हो रही है, कब बम गिर जाए, कब कोई मरे, ऐसी परिस्थिति में त्योहार नहीं मनाया जा सकता। अमेरिका-इजरायल ने ईरान पर जबरन हमला किया।
हन्नान मोल्लाह ने कहा कि ईरान के साथ हमारे रिश्ते कई वर्षों से हैं, और ईरान हमें सहयोग देता है। ईरान पर हमले के समय भारत को एक स्पष्ट موقف लेना चाहिए था। लेकिन हमारी सरकार ने कोई चिंता नहीं जताई। युद्ध के 10 दिन बाद जब भारत में गैस की समस्या उत्पन्न हुई, तब ईरान से बात की गई। ईरान ने भारत को गैस दी, लेकिन यह भारत की नीतियों के कारण नहीं, बल्कि इसके लोगों की वजह से है।
ट्रंप के एक बयान पर उन्होंने कहा कि उनकी आदत ही धमकी देना है, वह दिन की शुरुआत धमकियों से करते हैं।
केंद्र सरकार द्वारा कमर्शियल एलपीजी के उपभोक्ताओं को 20 फीसदी अतिरिक्त आवंटन की मंजूरी पर हन्नान मोल्लाह ने कहा कि यह आवश्यक है, क्योंकि हमारे देश के कई शहरों में छोटे रेस्टोरेंट बंद हो गए थे। अगर चूल्हा नहीं जलेगा, तो रेस्टोरेंट कैसे चलेगा। इसलिए, सरकार को इस पर ध्यान देना चाहिए।