ड्रोन तकनीक में हर सैनिक को दक्ष होना ज़रूरी: सेना प्रमुख के बयान पर पूर्व DGP एसपी वैद की मुहर
सारांश
मुख्य बातें
जम्मू-कश्मीर के पूर्व पुलिस महानिदेशक (DGP) एसपी वैद ने 30 मई 2026 को सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी के उस बयान का पुरज़ोर समर्थन किया, जिसमें उन्होंने थल सेना और वायु सेना के प्रत्येक जवान व अधिकारी को ड्रोन और आधुनिक तकनीकों में प्रशिक्षित करने की आवश्यकता पर बल दिया था। वैद ने कहा कि जनरल द्विवेदी ने मौजूदा सुरक्षा चुनौतियों को बिल्कुल सटीक ढंग से रेखांकित किया है।
युद्ध का बदलता स्वरूप
एसपी वैद ने कहा कि परंपरागत युद्ध का दौर अब इतिहास बन चुका है। उनके अनुसार, ड्रोन, मिसाइल और अत्याधुनिक तकनीक आज के संघर्षों की धुरी बन गई हैं। उन्होंने कहा, 'जो सैनिक तकनीक से अपरिचित है, वह आधुनिक युद्धक्षेत्र में अधूरा है।' उन्होंने पिछले वर्ष हुए ऑपरेशन सिंदूर का उदाहरण देते हुए बताया कि उस अभियान के दौरान दुनिया ने तकनीकी युद्ध की वास्तविक झलक देखी थी।
ऑपरेशन सिंदूर और पाकिस्तान को संदेश
वैद ने स्पष्ट किया कि ऑपरेशन सिंदूर अभी जारी है और यह पाकिस्तान के लिए एक कड़ा संदेश है। उनके अनुसार, यदि पाकिस्तान ने दोबारा किसी प्रकार की शत्रुतापूर्ण हरकत करने का प्रयास किया, तो इस बार की कार्रवाई रुकने वाली नहीं होगी। उन्होंने पाकिस्तान की ओर से आने वाले उकसावे वाले बयानों पर भी गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इस तरह की बयानबाज़ी से क्षेत्रीय माहौल बिगड़ता है और पाकिस्तान को ऐसी भड़काऊ भाषा से बचना चाहिए।
ISI की साज़िशों पर गंभीर आरोप
पूर्व DGP ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि यह एजेंसी भारत में कई स्लीपर मॉड्यूल संचालित करने की कोशिश करती है। उनके अनुसार, ISI कुछ लोगों को गुमराह कर कट्टरपंथ की राह पर धकेलती है और एन्क्रिप्टेड संचार माध्यमों के ज़रिए विस्फोटक बनाने तथा हमलों की साज़िश रचने जैसी गतिविधियों को बढ़ावा देती है। वैद ने यह भी दावा किया कि ISI भगोड़े अपराधी दाऊद इब्राहिम के भारत में मौजूद पुराने नेटवर्क का आज भी उपयोग करने की कोशिश करती है।
भारतीय सुरक्षा एजेंसियों की सराहना
हालाँकि, एसपी वैद ने भारत की सुरक्षा एजेंसियों, खुफिया तंत्र और पुलिस बल की भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा कि ये संस्थाएँ समन्वित प्रयासों से ऐसी साज़िशों का समय रहते पर्दाफाश कर देती हैं। उन्होंने नई दिल्ली में हाल ही में उजागर हुए एक महत्त्वपूर्ण आतंकी मॉड्यूल का भी उल्लेख किया, जिसे सुरक्षा बलों ने सफलतापूर्वक नाकाम किया।
आगे की राह
सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी के बयान को मिले इस समर्थन से यह स्पष्ट है कि रक्षा और सुरक्षा विशेषज्ञों के बीच इस बात पर व्यापक सहमति बन रही है कि भारत को अपनी सैन्य तैयारी में तकनीकी प्रशिक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी होगी। ऑपरेशन सिंदूर के बाद उभरे नए सुरक्षा परिदृश्य में यह बदलाव और भी अपरिहार्य हो गया है।