अकाली दल-BJP गठबंधन पर हरदीप पुरी का संकेत: 'बराबरी के आधार पर होगा', पुरानी 22 सीटों वाली शर्त नहीं मानेंगे
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने 19 सितंबर 2026 को अमृतसर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए संकेत दिया कि यदि शिरोमणि अकाली दल और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बीच भविष्य में गठबंधन होता है, तो वह बराबरी के आधार पर होगा — पुरानी व्यवस्था, जिसमें BJP केवल 22 सीटों पर चुनाव लड़ती थी, अब लागू नहीं होगी। मंत्री पुरी अमृतसर में आयोजित रोजगार मेले के 20वें संस्करण में भाग लेने पहुँचे थे, जहाँ उन्होंने सचखंड श्री हरमंदिर साहिब में माथा टेककर वाहेगुरु का शुक्राना किया।
गठबंधन पर पार्टी हाईकमान का फैसला
पत्रकारों के सवाल पर हरदीप सिंह पुरी ने स्पष्ट किया कि अकाली दल से संभावित गठजोड़ के बारे में अंतिम निर्णय पार्टी हाईकमान को लेना है। उन्होंने कहा कि पहले जैसी शर्तें अब लागू नहीं होंगी और अगर गठबंधन बनता है तो परिस्थितियाँ पूरी तरह बदली हुई होंगी। यह बयान ऐसे समय में आया है जब पंजाब में 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर राजनीतिक सरगर्मी बढ़ रही है।
गौरतलब है कि BJP और अकाली दल दशकों पुराने सहयोगी रहे हैं, लेकिन 2020 में तीन कृषि कानूनों के विरोध में अकाली दल ने राजग (NDA) से नाता तोड़ लिया था। तब से दोनों दल अलग-अलग चुनाव लड़ रहे हैं।
रोजगार मेला: 51 हजार अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र
पुरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग उपस्थिति में आयोजित रोजगार मेले में भाग लिया। इस आयोजन के तहत देशभर के 45 स्थानों पर 51 हजार अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए गए। मंत्री ने कहा कि 'विकसित भारत' की यात्रा में युवा केवल बदलाव के गवाह नहीं, बल्कि उसके वाहक भी हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डिजिटल प्लेटफॉर्म शासन को नया स्वरूप दे रहे हैं, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी का संदेश 'नागरिक देवो भव:' याद दिलाता है कि तकनीक ईमानदारी और संवेदनशीलता की जगह नहीं ले सकती।
अर्थव्यवस्था और ऊर्जा पर सरकार का पक्ष
अपनी एक्स (X) पोस्ट का हवाला देते हुए पुरी ने दावा किया कि भारत की अर्थव्यवस्था 4.1 ट्रिलियन डॉलर तक पहुँच गई है, जीडीपी वृद्धि दर 7.8 प्रतिशत है और निर्यात 860 अरब डॉलर हो गया है। उन्होंने बताया कि देश में 2.23 लाख से अधिक मान्यता प्राप्त स्टार्टअप हैं, जिनसे 23 लाख से ज्यादा प्रत्यक्ष रोजगार सृजित हुए हैं।
ऊर्जा क्षेत्र पर उन्होंने कहा कि देश में करीब 1 लाख 7 हजार फ्यूल रिटेल आउटलेट हैं और वैश्विक उथल-पुथल के बावजूद भारत में ईंधन आपूर्ति निर्बाध बनी हुई है। उन्होंने 2021, 2022 और इस वर्ष एक्साइज ड्यूटी में की गई कटौती का उल्लेख किया।
ई20 ईंधन पर विपक्ष के सवालों को खारिज करते हुए पुरी ने कहा कि यह पहल 2023 में ही शुरू हो चुकी थी और अब उस पर सवाल उठाना भ्रामक है। उन्होंने समुद्र मंथन मिशन और गोबरधन योजना के जरिए ऑफशोर ऊर्जा क्षमता और कचरे से स्वच्छ ऊर्जा बनाने की सरकारी कोशिशों का भी उल्लेख किया।
पंजाब में नशे की समस्या पर AAP पर निशाना
पुरी ने आम आदमी पार्टी (AAP) की पंजाब सरकार पर सीधा हमला बोला और सवाल उठाया कि नशा खत्म करने का वादा किया गया था, लेकिन क्या वास्तव में स्थिति बदली है? उन्होंने स्वीकार किया कि अकाली दल-BJP के गठबंधन की सरकार के दौरान भी पंजाब में नशे की समस्या थी। उन्होंने कहा कि यह मुद्दा केवल पंजाब तक सीमित नहीं है और गुजरात में भी इस दिशा में कार्रवाई हो रही है।
आगे क्या
पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनाव नज़दीक आने के साथ BJP का अकाली दल से संभावित गठबंधन एक महत्वपूर्ण राजनीतिक प्रश्न बना हुआ है। पुरी के बयान से स्पष्ट है कि BJP अब कनिष्ठ साझेदार की भूमिका में नहीं रहेगी। दोनों दलों के बीच बातचीत की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है और अंतिम निर्णय हाईकमान स्तर पर लिया जाएगा।