19 सितंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

अकाली दल-BJP गठबंधन पर हरदीप पुरी का संकेत: 'बराबरी के आधार पर होगा', पुरानी 22 सीटों वाली शर्त नहीं मानेंगे

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
अकाली दल-BJP गठबंधन पर हरदीप पुरी का संकेत: 'बराबरी के आधार पर होगा', पुरानी 22 सीटों वाली शर्त नहीं मानेंगे

सारांश

BJP के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने अमृतसर में साफ संकेत दिया कि अकाली दल के साथ दोबारा गठबंधन हुआ तो BJP पुरानी 22 सीटों वाली कनिष्ठ भूमिका में नहीं रहेगी — 2027 के पंजाब चुनाव से पहले यह बयान राजनीतिक समीकरणों को नया मोड़ दे सकता है।

मुख्य बातें

हरदीप सिंह पुरी ने 19 सितंबर 2026 को अमृतसर में कहा कि अकाली दल-BJP गठबंधन होने पर वह बराबरी के आधार पर होगा।
पुरानी व्यवस्था जिसमें BJP केवल 22 सीटों पर चुनाव लड़ती थी, अब लागू नहीं होगी; अंतिम फैसला पार्टी हाईकमान करेगी।
रोजगार मेले के 20वें संस्करण में देशभर के 45 स्थानों पर 51 हजार अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए गए।
पुरी ने दावा किया कि भारत की अर्थव्यवस्था 4.1 ट्रिलियन डॉलर , GDP वृद्धि 7.8% , निर्यात 860 अरब डॉलर तक पहुँचा।
देश में 2.23 लाख से अधिक मान्यता प्राप्त स्टार्टअप से 23 लाख से ज्यादा प्रत्यक्ष रोजगार सृजित।
पुरी ने AAP सरकार पर पंजाब में नशे की समस्या न सुलझाने का आरोप लगाया; साथ ही स्वीकार किया कि अकाली-BJP शासन में भी यह समस्या थी।

केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने 19 सितंबर 2026 को अमृतसर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए संकेत दिया कि यदि शिरोमणि अकाली दल और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बीच भविष्य में गठबंधन होता है, तो वह बराबरी के आधार पर होगा — पुरानी व्यवस्था, जिसमें BJP केवल 22 सीटों पर चुनाव लड़ती थी, अब लागू नहीं होगी। मंत्री पुरी अमृतसर में आयोजित रोजगार मेले के 20वें संस्करण में भाग लेने पहुँचे थे, जहाँ उन्होंने सचखंड श्री हरमंदिर साहिब में माथा टेककर वाहेगुरु का शुक्राना किया।

गठबंधन पर पार्टी हाईकमान का फैसला

पत्रकारों के सवाल पर हरदीप सिंह पुरी ने स्पष्ट किया कि अकाली दल से संभावित गठजोड़ के बारे में अंतिम निर्णय पार्टी हाईकमान को लेना है। उन्होंने कहा कि पहले जैसी शर्तें अब लागू नहीं होंगी और अगर गठबंधन बनता है तो परिस्थितियाँ पूरी तरह बदली हुई होंगी। यह बयान ऐसे समय में आया है जब पंजाब में 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर राजनीतिक सरगर्मी बढ़ रही है।

गौरतलब है कि BJP और अकाली दल दशकों पुराने सहयोगी रहे हैं, लेकिन 2020 में तीन कृषि कानूनों के विरोध में अकाली दल ने राजग (NDA) से नाता तोड़ लिया था। तब से दोनों दल अलग-अलग चुनाव लड़ रहे हैं।

रोजगार मेला: 51 हजार अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र

पुरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग उपस्थिति में आयोजित रोजगार मेले में भाग लिया। इस आयोजन के तहत देशभर के 45 स्थानों पर 51 हजार अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए गए। मंत्री ने कहा कि 'विकसित भारत' की यात्रा में युवा केवल बदलाव के गवाह नहीं, बल्कि उसके वाहक भी हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डिजिटल प्लेटफॉर्म शासन को नया स्वरूप दे रहे हैं, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी का संदेश 'नागरिक देवो भव:' याद दिलाता है कि तकनीक ईमानदारी और संवेदनशीलता की जगह नहीं ले सकती।

अर्थव्यवस्था और ऊर्जा पर सरकार का पक्ष

अपनी एक्स (X) पोस्ट का हवाला देते हुए पुरी ने दावा किया कि भारत की अर्थव्यवस्था 4.1 ट्रिलियन डॉलर तक पहुँच गई है, जीडीपी वृद्धि दर 7.8 प्रतिशत है और निर्यात 860 अरब डॉलर हो गया है। उन्होंने बताया कि देश में 2.23 लाख से अधिक मान्यता प्राप्त स्टार्टअप हैं, जिनसे 23 लाख से ज्यादा प्रत्यक्ष रोजगार सृजित हुए हैं।

ऊर्जा क्षेत्र पर उन्होंने कहा कि देश में करीब 1 लाख 7 हजार फ्यूल रिटेल आउटलेट हैं और वैश्विक उथल-पुथल के बावजूद भारत में ईंधन आपूर्ति निर्बाध बनी हुई है। उन्होंने 2021, 2022 और इस वर्ष एक्साइज ड्यूटी में की गई कटौती का उल्लेख किया।

ई20 ईंधन पर विपक्ष के सवालों को खारिज करते हुए पुरी ने कहा कि यह पहल 2023 में ही शुरू हो चुकी थी और अब उस पर सवाल उठाना भ्रामक है। उन्होंने समुद्र मंथन मिशन और गोबरधन योजना के जरिए ऑफशोर ऊर्जा क्षमता और कचरे से स्वच्छ ऊर्जा बनाने की सरकारी कोशिशों का भी उल्लेख किया।

पंजाब में नशे की समस्या पर AAP पर निशाना

पुरी ने आम आदमी पार्टी (AAP) की पंजाब सरकार पर सीधा हमला बोला और सवाल उठाया कि नशा खत्म करने का वादा किया गया था, लेकिन क्या वास्तव में स्थिति बदली है? उन्होंने स्वीकार किया कि अकाली दल-BJP के गठबंधन की सरकार के दौरान भी पंजाब में नशे की समस्या थी। उन्होंने कहा कि यह मुद्दा केवल पंजाब तक सीमित नहीं है और गुजरात में भी इस दिशा में कार्रवाई हो रही है।

आगे क्या

पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनाव नज़दीक आने के साथ BJP का अकाली दल से संभावित गठबंधन एक महत्वपूर्ण राजनीतिक प्रश्न बना हुआ है। पुरी के बयान से स्पष्ट है कि BJP अब कनिष्ठ साझेदार की भूमिका में नहीं रहेगी। दोनों दलों के बीच बातचीत की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है और अंतिम निर्णय हाईकमान स्तर पर लिया जाएगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसकी असली अहमियत यह है कि BJP पंजाब में अब कनिष्ठ भागीदार नहीं रहना चाहती — यह 2020 के बाद का एक बड़ा सत्ता-समीकरण बदलाव है। सवाल यह है कि जब अकाली दल खुद संकट में है और BJP पंजाब में अपनी जड़ें मजबूत करना चाहती है, तो 'बराबरी' की शर्त असल में किसके लिए फायदेमंद होगी? नशे की समस्या पर AAP पर निशाना साधते हुए पुरी का यह स्वीकार करना कि उनके अपने गठबंधन के दौर में भी यह समस्या थी — यह जवाबदेही की बजाय सियासी बचाव अधिक लगता है।
RashtraPress
19 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हरदीप पुरी ने अकाली दल-BJP गठबंधन पर क्या कहा?
केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने 19 सितंबर 2026 को अमृतसर में कहा कि यदि अकाली दल और BJP के बीच गठबंधन होता है तो वह बराबरी के आधार पर होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुरानी व्यवस्था, जिसमें BJP केवल 22 सीटों पर चुनाव लड़ती थी, अब नहीं होगी और अंतिम निर्णय पार्टी हाईकमान लेगी।
रोजगार मेले के 20वें संस्करण में क्या हुआ?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग उपस्थिति में आयोजित रोजगार मेले में देशभर के 45 स्थानों पर 51 हजार अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए गए। हरदीप सिंह पुरी अमृतसर में इस आयोजन में भाग लेने के लिए पहुँचे थे।
BJP और अकाली दल के बीच गठबंधन क्यों टूटा था?
2020 में तीन कृषि कानूनों के विरोध में शिरोमणि अकाली दल ने NDA से नाता तोड़ लिया था और तब से दोनों दल अलग-अलग चुनाव लड़ रहे हैं। पंजाब में 2027 विधानसभा चुनाव करीब आने के साथ अब गठबंधन की संभावना फिर से चर्चा में है।
पुरी ने पंजाब में नशे की समस्या पर क्या कहा?
हरदीप सिंह पुरी ने AAP सरकार पर नशा खत्म करने का वादा पूरा न करने का आरोप लगाया। साथ ही उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि अकाली दल-BJP गठबंधन की सरकार के दौरान भी पंजाब में नशे की समस्या मौजूद थी।
पुरी ने भारत की अर्थव्यवस्था को लेकर क्या दावे किए?
पुरी ने अपनी एक्स पोस्ट का हवाला देते हुए दावा किया कि भारत की अर्थव्यवस्था 4.1 ट्रिलियन डॉलर की हो गई है, GDP वृद्धि दर 7.8 प्रतिशत है और निर्यात 860 अरब डॉलर तक पहुँच गया है। उन्होंने यह भी कहा कि देश में 2.23 लाख से अधिक मान्यता प्राप्त स्टार्टअप से 23 लाख से ज्यादा प्रत्यक्ष रोजगार सृजित हुए हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 सप्ताह पहले
  2. 3 सप्ताह पहले
  3. 4 सप्ताह पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 1 महीना पहले
  7. 2 महीने पहले
  8. 3 महीने पहले