5 नवंबर 2026
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हरदीप सिंह पुरी मध्य प्रदेश से राज्यसभा के लिए निर्विरोध निर्वाचित, BJP की 11 में से 9 सीटें

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हरदीप सिंह पुरी मध्य प्रदेश से राज्यसभा के लिए निर्विरोध निर्वाचित, BJP की 11 में से 9 सीटें

सारांश

मध्य प्रदेश में राज्यसभा उपचुनाव में केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी निर्विरोध जीते — कांग्रेस समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार का नामांकन निरस्त होने के बाद। BJP अब राज्य की 11 में से 9 राज्यसभा सीटों पर काबिज।

मुख्य बातें

केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी 5 नवंबर 2026 को मध्य प्रदेश से राज्यसभा उपचुनाव में निर्विरोध निर्वाचित घोषित।
सीट रिक्त हुई थी डॉ.
मुरुगन के मंत्री पद और राज्यसभा सदस्यता से इस्तीफे के बाद।
कांग्रेस समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार का नामांकन निरस्त होने से पुरी के लिए मैदान साफ हुआ।
BJP प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने भोपाल के निर्वाचन कार्यालय से प्रमाण पत्र प्राप्त किया।
मध्य प्रदेश की 11 राज्यसभा सीटों में से BJP के पास अब 9 , कांग्रेस के पास 2 सीटें।
निर्वाचन कार्यालय ने पुरी के नामांकन के खिलाफ कांग्रेस की सभी आपत्तियाँ खारिज कर दीं।

केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी 5 नवंबर 2026 को मध्य प्रदेश से राज्यसभा उपचुनाव में निर्विरोध निर्वाचित हो गए, जिससे भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने राज्य की 11 में से 9 राज्यसभा सीटों पर अपना कब्जा मजबूत कर लिया। भोपाल स्थित निर्वाचन कार्यालय ने उन्हें आधिकारिक रूप से विजेता घोषित किया।

उपचुनाव की पृष्ठभूमि

यह सीट तब रिक्त हुई जब तत्कालीन केंद्रीय मंत्री डॉ. एल. मुरुगन ने मंत्री पद एवं राज्यसभा सदस्यता दोनों से इस्तीफा दे दिया। उनके जाने के बाद रिक्त हुई इस सीट को भरने के लिए उपचुनाव आवश्यक हो गया। BJP ने इस सीट के लिए अपने वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री पुरी का नाम आगे किया।

निर्विरोध निर्वाचन कैसे हुआ

नामांकन प्रक्रिया के दौरान भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस / INC) ने एक निर्दलीय उम्मीदवार का समर्थन किया। हालाँकि, उस उम्मीदवार का नामांकन पत्र निरस्त कर दिया गया, जिससे चुनाव मैदान में केवल हरदीप सिंह पुरी ही शेष रहे। निर्वाचन कार्यालय ने इसके बाद उन्हें निर्विरोध विजेता घोषित किया।

प्रमाण पत्र और BJP की प्रतिक्रिया

गुरुवार को BJP प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ विधानसभा परिसर स्थित निर्वाचन कार्यालय पहुँचे और निर्वाचन अधिकारी से पुरी के नाम का आधिकारिक प्रमाण पत्र प्राप्त किया। इस जीत के साथ राज्य में BJP की राज्यसभा में स्थिति और मजबूत हुई है — 11 में से 9 सीटें अब उसके पास हैं, जबकि कांग्रेस के पास केवल 2 सीटें बची हैं।

कांग्रेस की आपत्तियाँ और उनका हश्र

BJP द्वारा पुरी के नाम की घोषणा के बाद कांग्रेस उन पर हमलावर रही। पार्टी ने उनके खिलाफ कई गंभीर आरोप लगाए और नामांकन पत्र में जानकारी छुपाने का भी आरोप लगाया। गौरतलब है कि निर्वाचन कार्यालय ने कांग्रेस की सभी आपत्तियों को निरस्त कर दिया, जिससे पुरी का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया।

आगे क्या

निर्विरोध निर्वाचन के साथ हरदीप सिंह पुरी अब राज्यसभा के सदस्य के रूप में शपथ लेंगे, जिससे वे केंद्रीय मंत्री के रूप में अपने दायित्वों के साथ-साथ उच्च सदन में भी सक्रिय भूमिका निभाएँगे। यह परिणाम मध्य प्रदेश में BJP के संगठनात्मक वर्चस्व को एक बार फिर रेखांकित करता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जहाँ विपक्ष अपना उम्मीदवार तक खड़ा नहीं रख सका। कांग्रेस ने नामांकन में अनियमितताओं के गंभीर आरोप लगाए, लेकिन निर्वाचन कार्यालय द्वारा सभी आपत्तियाँ खारिज होने के बाद उसके पास कोई ठोस विकल्प नहीं बचा। यह भी उल्लेखनीय है कि डॉ. मुरुगन के इस्तीफे की परिस्थितियाँ — एक साथ मंत्री पद और सदस्यता छोड़ना — सार्वजनिक रूप से पूरी तरह स्पष्ट नहीं हैं, जो कि जवाबदेही की दृष्टि से एक खुला प्रश्न है।
RashtraPress
5 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हरदीप सिंह पुरी मध्य प्रदेश से राज्यसभा में कैसे निर्विरोध निर्वाचित हुए?
BJP द्वारा नामांकित एकमात्र उम्मीदवार हरदीप सिंह पुरी निर्विरोध जीते क्योंकि कांग्रेस समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार का नामांकन पत्र निरस्त हो गया। चुनाव मैदान में एकमात्र उम्मीदवार बचने पर निर्वाचन कार्यालय ने उन्हें विजेता घोषित किया।
मध्य प्रदेश में यह राज्यसभा उपचुनाव क्यों हुआ?
तत्कालीन केंद्रीय मंत्री डॉ. एल. मुरुगन ने मंत्री पद और राज्यसभा सदस्यता दोनों से इस्तीफा दे दिया था, जिससे यह सीट रिक्त हो गई और उपचुनाव आवश्यक हो गया।
मध्य प्रदेश में अब राज्यसभा की सीटों का बंटवारा कैसा है?
राज्य में राज्यसभा की कुल 11 सीटें हैं। पुरी की जीत के बाद BJP के पास 9 सीटें हो गई हैं, जबकि कांग्रेस के पास 2 सीटें हैं।
कांग्रेस ने हरदीप पुरी के नामांकन पर क्या आपत्तियाँ उठाई थीं?
कांग्रेस ने पुरी पर गंभीर आरोप लगाए और नामांकन पत्र में जानकारी छुपाने का आरोप भी लगाया। हालाँकि, निर्वाचन कार्यालय ने पार्टी की सभी आपत्तियाँ निरस्त कर दीं।
निर्वाचन का प्रमाण पत्र किसने प्राप्त किया?
BJP के मध्य प्रदेश प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने गुरुवार को भोपाल के विधानसभा परिसर स्थित निर्वाचन कार्यालय में जाकर पार्टी नेताओं के साथ हरदीप सिंह पुरी के निर्वाचन का प्रमाण पत्र प्राप्त किया।
राष्ट्र प्रेस
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