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हरियाणा में NDPS विशेष अदालतें बढ़कर 21 हुईं, 13 नई अदालतें स्थापित

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हरियाणा में NDPS विशेष अदालतें बढ़कर 21 हुईं, 13 नई अदालतें स्थापित

सारांश

हरियाणा सरकार ने 13 नई विशेष NDPS अदालतें स्थापित कर कुल संख्या 21 पहुँचाई — सिरसा में सात और फतेहाबाद में तीन। DGP अजय सिंघल ने 'जीरो टोलरेंस' नीति दोहराई। यह कदम राज्य में नशे के बढ़ते मामलों और लंबित मुकदमों के बोझ के बीच न्यायिक क्षमता बढ़ाने की कोशिश है।

मुख्य बातें

हरियाणा सरकार ने 13 नई विशेष एनडीपीएस अदालतें स्थापित कीं, राज्य में कुल संख्या 21 हुई।
सिरसा में सर्वाधिक 6 नई अदालतें जोड़ी गईं, कुल 7 ; फतेहाबाद में 2 नई , कुल 3 ।
फरीदाबाद, गुरुग्राम, पंचकुला, रोहतक और यमुनानगर में एक-एक नई अदालत स्थापित।
डीजीपी अजय सिंघल ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की ओर से तस्करों के प्रति 'जीरो टोलरेंस' नीति की पुष्टि की।
नशे की सूचना के लिए HSNCB हेल्पलाइन 90508-91508 और NCB मानस हेल्पलाइन 1933 राज्यभर में सक्रिय।

हरियाणा सरकार ने नशे के खिलाफ अपनी न्यायिक मुहिम को तेज करते हुए 13 नई विशेष एनडीपीएस अदालतें स्थापित की हैं, जिससे राज्य में ऐसी अदालतों की कुल संख्या 21 हो गई है। 19 जून 2026 को जारी सरकारी अधिसूचना के अनुसार यह विस्तार उन ज़िलों को प्राथमिकता देता है जहाँ मादक पदार्थों के मामले सबसे अधिक लंबित हैं।

कहाँ-कहाँ स्थापित हुईं नई अदालतें

सरकारी अधिसूचना के अनुसार फरीदाबाद, गुरुग्राम, पंचकुला, रोहतक और यमुनानगर में अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश स्तर की एक-एक विशेष एनडीपीएस अदालत स्थापित की गई है।

फतेहाबाद में दो नई विशेष अदालतें स्वीकृत की गई हैं, जिससे वहाँ कुल संख्या तीन हो गई है। सबसे बड़ा विस्तार सिरसा में हुआ है, जहाँ छह नई अदालतें जोड़ी गई हैं और अब वहाँ कुल सात विशेष एनडीपीएस अदालतें कार्यरत होंगी।

मुख्य घटनाक्रम: चरणबद्ध विस्तार

गौरतलब है कि इस विस्तार की शुरुआत सिरसा और फतेहाबाद में दो-दो अदालतों की स्थापना से हुई थी। इसके बाद अंबाला, हिसार, कैथल, करनाल, कुरुक्षेत्र और पानीपत में छह और अदालतें जोड़ी गईं। फिलहाल इन आठ ज़िलों में एक-एक एनडीपीएस विशेष न्यायालय कार्यरत है।

यह ऐसे समय में आया है जब हरियाणा में एनडीपीएस अधिनियम के तहत दर्ज मामलों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और मौजूदा अदालतों पर मुकदमों का बोझ बढ़ता जा रहा था।

सरकार की प्रतिक्रिया

पुलिस महानिदेशक अजय सिंघल ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी इस बात पर दृढ़ हैं कि राज्य के युवाओं का भविष्य बर्बाद करने वाले मादक पदार्थों के तस्करों के प्रति किसी भी प्रकार की नरमी नहीं बरती जाएगी।

डीजीपी सिंघल ने बताया कि पुलिस मादक पदार्थों के तस्करों के प्रति 'जीरो टोलरेंस' की नीति अपना रही है। उन्होंने कहा कि इस बहुआयामी रणनीति में पुलिस कार्रवाई, खुफिया जानकारी जुटाना, वित्तीय जाँच, संपत्ति कुर्क करना, जन जागरूकता अभियान और त्वरित न्यायिक प्रक्रिया को समान महत्व दिया गया है।

आम जनता पर असर और हेल्पलाइन

इन नई अदालतों के चरणबद्ध कार्यान्वयन से एनडीपीएस मामलों के निपटारे में तेज़ी आने और लंबित मुकदमों में कमी आने की उम्मीद है।

नशे से जुड़ी सूचनाएँ देने के लिए हरियाणा राज्य नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (HSNCB) हेल्पलाइन नंबर 90508-91508 पर चौबीसों घंटे उपलब्ध है। इसके अलावा भारत सरकार के नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) द्वारा संचालित मानस पोर्टल और हेल्पलाइन नंबर 1933 भी पूरे राज्य में सक्रिय कर दिया गया है।

निवासी इन हेल्पलाइनों के माध्यम से मादक पदार्थों की तस्करी या बिक्री से जुड़ी गोपनीय जानकारी संबंधित एजेंसियों के साथ साझा कर सकते हैं, जिस पर तत्काल कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है।

क्या होगा आगे

नई अदालतों में न्यायाधीशों की नियुक्ति और बुनियादी ढाँचे की तैयारी के बाद इनके क्रमशः कार्यशील होने की उम्मीद है। राज्य सरकार का लक्ष्य कानून प्रवर्तन, अभियोजन तंत्र और न्यायिक प्रणाली को एक साथ मज़बूत करके नशे के नेटवर्क को जड़ से समाप्त करना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा अदालतों की स्थापना नहीं, बल्कि उनमें योग्य न्यायाधीशों की समय पर नियुक्ति और बुनियादी ढाँचे की उपलब्धता होगी। देश के कई राज्यों में फास्ट-ट्रैक अदालतें काग़ज़ पर तो बनीं, लेकिन रिक्त पदों के कारण वर्षों तक निष्क्रिय रहीं। सिरसा और फतेहाबाद जैसे ज़िलों में नशे के मामलों की बहुलता को देखते हुए इन अदालतों की ज़रूरत निर्विवाद है — पर 'जीरो टोलरेंस' का नारा तब ही सार्थक होगा जब मुकदमों का निपटारा महीनों में हो, वर्षों में नहीं।
RashtraPress
4 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हरियाणा में अब कुल कितनी विशेष NDPS अदालतें हैं?
हरियाणा में अब कुल 21 विशेष एनडीपीएस अदालतें हैं। सरकार ने 13 नई अदालतें स्थापित की हैं, जो फरीदाबाद, गुरुग्राम, पंचकुला, रोहतक, यमुनानगर, फतेहाबाद और सिरसा में खोली गई हैं।
हरियाणा में NDPS अदालतों का विस्तार क्यों किया गया?
राज्य में नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (NDPS) अधिनियम के तहत दर्ज मामलों की बढ़ती संख्या और मौजूदा अदालतों पर लंबित मुकदमों के बोझ को कम करने के लिए यह विस्तार किया गया है। सरकार का लक्ष्य त्वरित न्यायिक प्रक्रिया के ज़रिये तस्करों को शीघ्र सज़ा दिलाना है।
नशे की सूचना देने के लिए हरियाणा में कौन-सी हेल्पलाइन उपलब्ध है?
हरियाणा राज्य नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (HSNCB) की एंटी-ड्रग हेल्पलाइन 90508-91508 पर चौबीसों घंटे सूचना दी जा सकती है। इसके अलावा भारत सरकार के NCB का मानस पोर्टल और हेल्पलाइन नंबर 1933 भी राज्यभर में सक्रिय है।
सिरसा और फतेहाबाद में कितनी NDPS अदालतें हो गई हैं?
सिरसा में 6 नई अदालतें जुड़ने के बाद कुल 7 विशेष एनडीपीएस अदालतें हो गई हैं, जो राज्य में सर्वाधिक हैं। फतेहाबाद में 2 नई अदालतें स्वीकृत होने से वहाँ कुल संख्या 3 हो गई है।
हरियाणा सरकार की नशा-विरोधी रणनीति में क्या शामिल है?
डीजीपी अजय सिंघल के अनुसार रणनीति बहुआयामी है — इसमें पुलिस कार्रवाई, खुफिया जानकारी जुटाना, वित्तीय जाँच, संपत्ति कुर्क करना, जन जागरूकता अभियान और त्वरित न्यायिक प्रक्रिया शामिल हैं। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने तस्करों के प्रति 'जीरो टोलरेंस' की नीति की पुष्टि की है।
राष्ट्र प्रेस
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