क्या एच.डी. देवगौड़ा फिर से बने जद (एस) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और कुमारस्वामी राज्य प्रमुख?
सारांश
Key Takeaways
- जद (एस) ने एच.डी. देवगौड़ा और कुमारस्वामी को नेतृत्व में बनाए रखा है।
- बैठक में कई राज्यों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
- पार्टी की मजबूती और संगठन विस्तार पर चर्चा की गई।
- किसानों के समर्थन से संबंधित प्रस्ताव पारित किए गए।
बेंगलुरु, 21 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। जनता दल (सेक्युलर) की राष्ट्रीय परिषद की बैठक शुक्रवार को जेपी भवन, बेंगलुरु में आयोजित की गई, जिसमें पूर्व प्रधानमंत्री और राज्यसभा सांसद एच.डी. देवगौड़ा को सर्वसम्मति से पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी को एक बार फिर कर्नाटक इकाई का अध्यक्ष चुना गया।
बैठक में देशभर से आए प्रतिनिधियों ने दोनों नेताओं के नेतृत्व पर सहमति व्यक्त की। पार्टी द्वारा जारी एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि “राष्ट्रीय स्तर पर संगठन को मजबूत करने और कर्नाटक में पार्टी की स्थिति को सुदृढ़ बनाने के लिए देवगौड़ा और कुमारस्वामी के नेतृत्व को जारी रखने का निर्णय लिया गया है।”
बैठक में हरियाणा, दिल्ली, महाराष्ट्र, ओडिशा, तमिलनाडु, बिहार, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल सहित कई राज्यों से प्रतिनिधि उपस्थित थे। इसके अलावा, जद (एस) के सभी विधायक, विधान परिषद सदस्य, जिलाध्यक्ष और वरिष्ठ नेता भी बैठक में शामिल हुए।
जद (एस) विधायक दल के नेता सी.बी. सुरेश बाबू ने कहा कि पार्टी ने 25 वर्ष पूरे कर लिए हैं। उन्होंने कहा, “यह राज्य की एकमात्र क्षेत्रीय पार्टी है, और आज जिस मजबूती से यह खड़ी है उसका श्रेय देवगौड़ा और कुमारस्वामी की अथक मेहनत को जाता है।” उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी की मजबूती और भविष्य को देखते हुए नेतृत्व में निरंतरता आवश्यक थी।
बैठक में किसानों के समर्थन और संगठन विस्तार से संबंधित कई प्रस्ताव पारित किए गए, जिन्हें शनिवार को होने वाली राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक में अंतिम मंजूरी दी जाएगी।
देवगौड़ा ने अपने संबोधन में कहा कि पार्टी ने अतीत में कई कठिन दौर देखे हैं और आगे भी चुनौतियां रहेंगी, लेकिन संगठन मजबूत बनकर उभरेगा। उन्होंने कहा, “कई नेता पार्टी छोड़ चुके हैं, जिनमें वर्तमान मुख्यमंत्री सिद्धारमैया भी शामिल हैं, लेकिन इसके बावजूद हमने संगठन को बनाए रखा है।”
उन्होंने आगे कहा कि जद (एस) की मजबूत पकड़ केवल कर्नाटक में ही नहीं, बल्कि अन्य राज्यों में भी है और पार्टी भविष्य में एक प्रभावी राजनीतिक शक्ति बन सकती है।