राम जन्मभूमि ट्रस्ट पर आरोप: हिमाचल भाजपा ने कांग्रेस को घेरा, 'आस्था से खिलवाड़' का लगाया आरोप
सारांश
मुख्य बातें
हिमाचल प्रदेश भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने शनिवार, 11 जुलाई को श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट पर लगाए गए आरोपों को लेकर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। पार्टी ने इन आरोपों को राजनीतिक मकसद से प्रेरित करार देते हुए कहा कि यह करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था को चुनावी हथियार बनाने की कोशिश है।
भाजपा का पलटवार
भाजपा के मुख्य प्रवक्ता राकेश जमवाल ने शिमला में कहा कि कांग्रेस ने दशकों तक राम जन्मभूमि आंदोलन का विरोध किया और राम मंदिर निर्माण में बाधाएँ खड़ी कीं। उनके अनुसार, अब वही पार्टी इस मुद्दे पर अनावश्यक विवाद उत्पन्न कर रही है, जो देश की आस्था से गहराई से जुड़ा है।
जमवाल ने कहा, 'अगर कोई ऐसी राजनीतिक पार्टी है जिसे भ्रष्टाचार पर बात करने से पहले खुद आत्म-मंथन करना चाहिए, तो वह कांग्रेस ही है।' उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस के शासनकाल में भारत के इतिहास के कुछ सबसे बड़े भ्रष्टाचार घोटाले सामने आए, जिनसे सरकारी खजाने को भारी नुकसान हुआ।
कांग्रेस पर घोटालों के आरोप
भाजपा प्रवक्ता ने कांग्रेस के कार्यकाल में हुए कथित घोटालों की लंबी सूची गिनाई। उन्होंने 2जी स्पेक्ट्रम घोटाला, कोयला आवंटन (कोलगेट) घोटाला, कॉमनवेल्थ गेम्स घोटाला, अगस्ता वेस्टलैंड हेलीकॉप्टर डील, आदर्श हाउसिंग सोसाइटी घोटाला, नेशनल हेराल्ड मामला, बोफोर्स घोटाला और एयरसेल-मैक्सिस मामले का उल्लेख किया। जमवाल ने कहा कि ये घोटाले कांग्रेस के शासन में भ्रष्टाचार और कुशासन के प्रतीक बन चुके हैं।
आस्था को राजनीति से जोड़ने पर आपत्ति
जमवाल ने स्पष्ट किया कि भगवान राम करोड़ों भारतीयों की आस्था के प्रतीक हैं और राम मंदिर पूरे देश की धरोहर है, न कि किसी एक राजनीतिक दल की। उन्होंने कहा कि यदि किसी मुद्दे की जाँच आवश्यक है, तो उसे कानून और स्थापित कानूनी प्रक्रियाओं के अनुसार निपटाया जाना चाहिए — न कि मीडिया में आरोप-प्रत्यारोप के ज़रिए।
गौरतलब है कि यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब राम मंदिर और उससे जुड़ी संस्थाएँ राष्ट्रीय राजनीति में एक संवेदनशील विषय बनी हुई हैं। भाजपा प्रवक्ता ने कांग्रेस पर 'तुष्टिकरण की राजनीति' और 'चुनावी फायदे के लिए पवित्र संस्थाओं को विवाद में घसीटने' का आरोप लगाया।
भाजपा का रुख
भाजपा ने दोहराया कि वह पारदर्शिता, जवाबदेही और सुशासन के प्रति प्रतिबद्ध है। पार्टी ने कांग्रेस नेताओं से अपील की कि राम मंदिर से जुड़ी संस्थाओं पर आरोप लगाने से पहले वे अपनी पार्टी के शासनकाल का रिकॉर्ड जनता के सामने रखें। आने वाले दिनों में यह राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप और तेज़ होने की संभावना है।