ओडिशा डिप्टी स्पीकर के जाली हस्ताक्षर मामले में इंजीनियर गिरफ्तार, तबादले के लिए रची साजिश
सारांश
मुख्य बातें
भुवनेश्वर की कमिश्नरेट पुलिस ने बुधवार, 17 जून को क्योंझर जिले के हरिचंदनपुर ब्लॉक के सहायक कार्यकारी अभियंता (एईई) लक्ष्मण हेमब्रम को गिरफ्तार किया। हेमब्रम पर आरोप है कि उन्होंने ओडिशा विधानसभा के डिप्टी स्पीकर भवानी शंकर भोई के जाली हस्ताक्षर तैयार कर उनका इस्तेमाल सुंदरगढ़ जिले में अपना तबादला कराने के लिए किया।
मामले का घटनाक्रम
यह गिरफ्तारी कैपिटल पुलिस स्टेशन में 13 जून को दर्ज प्राथमिकी (एफआईआर) के आधार पर की गई। शिकायत डिप्टी स्पीकर के निजी सचिव निरंजन कुमार शाह ने दर्ज कराई थी। शाह ने अपनी शिकायत में हरिचंदनपुर ब्लॉक के एईई हेमब्रम के साथ-साथ बंसपाल ब्लॉक की एईई मोनालिसा बेहरा का नाम भी शामिल किया है।
आरोपों का विवरण
निजी सचिव शाह ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया कि दोनों अधिकारियों ने कथित तौर पर डिप्टी स्पीकर के जाली हस्ताक्षर बनाए, फर्जी दस्तावेज तैयार किए और डिप्टी स्पीकर के आधिकारिक कार्य आदेश पैड का अनाधिकृत उपयोग किया। इन जाली दस्तावेजों को पंचायती राज एवं पेयजल विभाग के समक्ष प्रस्तुत किया गया, ताकि सुंदरगढ़ जिले के बरगांव ब्लॉक और सदर ब्लॉक में तबादला सुनिश्चित किया जा सके। शाह ने स्पष्ट किया कि ये दस्तावेज डिप्टी स्पीकर कार्यालय द्वारा न तो जारी किए गए थे और न ही अधिकृत थे।
कानूनी धाराएँ और गंभीरता
शाह ने अपनी शिकायत में कहा कि इन कृत्यों में जालसाजी, सरकारी अभिलेखों में हेराफेरी, जाली दस्तावेजों को असली के रूप में इस्तेमाल करना, धोखाधड़ी, प्रतिरूपण, आपराधिक साजिश और सरकारी पद का दुरुपयोग शामिल हैं। यह मामला भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम और अन्य लागू कानूनों के प्रावधानों के तहत दंडनीय बताया गया है। आरोप है कि दोनों अधिकारियों ने सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के प्रावधानों का भी उल्लंघन किया और सरकारी सेवा नियमों का दुरुपयोग किया।
दूसरी आरोपी अभी भी बाहर
फिलहाल केवल लक्ष्मण हेमब्रम को गिरफ्तार किया गया है, जबकि बंसपाल ब्लॉक की एईई मोनालिसा बेहरा की गिरफ्तारी को लेकर पुलिस की कार्रवाई जारी है। मामले की जाँच कमिश्नरेट पुलिस कर रही है।
आगे की कार्रवाई
पुलिस सूत्रों के अनुसार, जाँच के दायरे में यह भी देखा जाएगा कि क्या इस साजिश में कोई और लोग शामिल थे। डिप्टी स्पीकर भवानी शंकर भोई के कार्यालय ने इस पूरे मामले को गंभीर संज्ञान में लेते हुए सख्त कानूनी कार्रवाई की माँग की है।