22 सितंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

तमिलनाडु के नए सचिवालय के लिए तिरुविदान्ताई वैकल्पिक जगह के रूप में चर्चा में, सरकार ने अटकलें खारिज कीं

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
तमिलनाडु के नए सचिवालय के लिए तिरुविदान्ताई वैकल्पिक जगह के रूप में चर्चा में, सरकार ने अटकलें खारिज कीं

सारांश

फोरशोर एस्टेट पर विरोध के बीच तमिलनाडु के नए सचिवालय के लिए तिरुविदान्ताई एक बार फिर चर्चा में है। मछुआरा संगठन और विपक्ष 500 से 1,000 एकड़ में एकीकृत प्रशासनिक शहर चाहते हैं। सरकार ने औपचारिक पुनर्विचार की खबरें नकारी हैं, लेकिन बहस 2000 के दशक के पुराने प्रस्ताव को फिर जीवित कर गई है।

मुख्य बातें

तिरुविदान्ताई (ईस्ट कोस्ट रोड) तमिलनाडु के नए सचिवालय के लिए संभावित वैकल्पिक स्थल के रूप में पुनः चर्चा में आया है।
सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने फोरशोर एस्टेट प्रस्ताव पर पुनर्विचार या तिरुविदान्ताई की औपचारिक जाँच की खबरों को गलत बताया।
विपक्षी दल और मछुआरा संगठन 500 से 1,000 एकड़ में एकीकृत प्रशासनिक शहर की माँग कर रहे हैं।
2000 के दशक में थिरुविदानथाई-थैयायूर क्षेत्र में लगभग 2,000 एकड़ पर प्रशासनिक केंद्र बनाने का प्रस्ताव था, जिसमें 15 से 20 वर्ष लगने का अनुमान था।
अंतिम स्थल निर्धारण के लिए भूमि उपलब्धता, परिवहन, पर्यावरणीय प्रभाव और बुनियादी ढाँचे की लागत के व्यापक मूल्यांकन की ज़रूरत होगी।

फोरशोर एस्टेट में तमिलनाडु के प्रस्तावित विधानसभा-सह-सचिवालय परिसर के निर्माण का विरोध तेज होने के बीच, ईस्ट कोस्ट रोड पर स्थित तिरुविदान्ताई एक बार फिर संभावित वैकल्पिक स्थल के रूप में चर्चा में आ गया है। हालांकि, सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि फोरशोर एस्टेट प्रस्ताव पर पुनर्विचार या तिरुविदान्ताई को औपचारिक रूप से वैकल्पिक स्थल के रूप में जाँचने की खबरें तथ्यहीन हैं।

विरोध का स्वरूप और माँगें

फोरशोर एस्टेट परियोजना का विरोध कर रहे राजनीतिक दलों और मछुआरों के संगठनों ने राज्य सरकार से केवल एक नई विधानसभा या सचिवालय भवन तक सीमित न रहने की अपील की है। उनकी माँग है कि एक ऐसी विस्तृत भूमि पर एकीकृत प्रशासनिक शहर (इंटीग्रेटेड एडमिनिस्ट्रेटिव सिटी) का निर्माण हो, जो आने वाले कई दशकों तक राज्य की प्रशासनिक ज़रूरतों को पूरा कर सके।

ईस्ट कोस्ट रोड कॉरिडोर को इसलिए उपयुक्त माना जा रहा है, क्योंकि वहाँ पर्याप्त भूमि उपलब्ध है और भविष्य में विस्तार की भी संभावना है।

पुराने प्रस्ताव की वापसी

इस बहस ने थिरुविदानथाई-थैयायूर क्षेत्र में एकीकृत प्रशासनिक शहर बनाने की सरकार की उस पुरानी योजना को भी फिर से प्रासंगिक बना दिया है, जिस पर 2000 के दशक की शुरुआत में विचार किया गया था। उस समय मल्लापुरम के निकट लगभग 2,000 एकड़ भूमि शामिल करने का प्रारंभिक प्रस्ताव था, जो बाद में थिरुविदानथाई और सटे थैयायूर इलाके की ओर केंद्रित हो गया।

गौरतलब है कि वह योजना केवल एक नई सचिवालय इमारत तक सीमित नहीं थी — उसमें कई सरकारी कार्यालयों का स्थानांतरण और आवश्यक बुनियादी ढाँचे का निर्माण भी शामिल था। अधिकारियों का तब यह अनुमान था कि इतने बड़े पैमाने पर प्रशासनिक शहर बसाने में 15 से 20 वर्ष लग सकते हैं।

मछुआरा संगठनों और विपक्ष की राय

फोरशोर एस्टेट का विरोध करने वाले मछुआरा संगठनों ने तिरुविदान्ताई को एक उचित विकल्प बताया है, लेकिन साथ ही यह भी रेखांकित किया है कि मध्य चेन्नई से दूर होने के कारण वहाँ तक सड़क और सार्वजनिक परिवहन की बेहतर कनेक्टिविटी सुनिश्चित करना अनिवार्य होगा — विशेषकर दूसरे जिलों से आने वाले नागरिकों के लिए।

विपक्षी दलों का सुझाव है कि परियोजना को एक इमारत तक सीमित रखने के बजाय, चेन्नई के बाहर 500 से 1,000 एकड़ भूमि पर एक पूर्ण एकीकृत प्रशासनिक शहर स्थापित किया जाए।

अंतिम निर्णय के लिए मानदंड

किसी भी स्थान को अंतिम रूप देने से पहले भूमि की उपलब्धता, परिवहन संपर्क, पर्यावरणीय प्रभाव और बुनियादी ढाँचे की लागत का विस्तृत मूल्यांकन ज़रूरी होगा। इसके अलावा भविष्य में विस्तार की गुंजाइश, आपदा प्रबंधन क्षमता और आम नागरिकों की पहुँच भी निर्णायक कारक होंगे।

यह ऐसे समय में आया है जब प्रस्तावित प्रशासनिक मुख्यालय से अगली सदी तक तमिलनाडु की सेवा करने की उम्मीद की जा रही है — और इसीलिए स्थल चयन की यह बहस महज एक भवन-निर्माण विवाद नहीं, बल्कि राज्य के दीर्घकालिक भविष्य की रूपरेखा तय करने का प्रश्न बन गई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि राज्य-नियोजन की उस पुरानी विफलता का प्रतिबिंब है जिसमें दीर्घकालिक दृष्टि को तात्कालिक राजनीतिक सुविधा के आगे बार-बार पीछे ढकेला गया है। 2000 के दशक में 2,000 एकड़ की महत्वाकांक्षी योजना से शुरू होकर यह बहस दो दशक बाद भी उसी चौराहे पर खड़ी है। फोरशोर एस्टेट का विरोध वैध है — तटीय पारिस्थितिकी और मछुआरों की आजीविका से जुड़े सवाल गंभीर हैं — लेकिन विपक्ष का '500 से 1,000 एकड़' का सुझाव तब तक राजनीतिक नारेबाजी ही रहेगा जब तक भूमि अधिग्रहण, कनेक्टिविटी और वित्तीय खाके का ठोस प्रस्ताव सामने न आए। सरकार की चुप्पी और अटकलों की भरमार दोनों मिलकर यह संकेत देती हैं कि इस मुद्दे पर अभी भी कोई सुविचारित निर्णय-प्रक्रिया नहीं चल रही।
RashtraPress
22 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तमिलनाडु के नए सचिवालय के लिए तिरुविदान्ताई को क्यों देखा जा रहा है?
फोरशोर एस्टेट में प्रस्तावित विधानसभा-सह-सचिवालय परिसर का विरोध बढ़ने के बाद ईस्ट कोस्ट रोड पर स्थित तिरुविदान्ताई को संभावित वैकल्पिक स्थल के रूप में चर्चा में लाया गया है। वहाँ बड़ी भूमि की उपलब्धता और भविष्य में विस्तार की संभावना इसे उपयुक्त बताने वाले मुख्य कारण हैं।
क्या तमिलनाडु सरकार ने फोरशोर एस्टेट प्रस्ताव पर पुनर्विचार शुरू किया है?
नहीं। सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने इन खबरों को गलत बताया है कि फोरशोर एस्टेट प्रस्ताव पर पुनर्विचार हो रहा है या तिरुविदान्ताई को औपचारिक रूप से वैकल्पिक स्थल के रूप में जाँचा जा रहा है।
मछुआरा संगठन और विपक्ष क्या चाहते हैं?
मछुआरा संगठन और विपक्षी दल चाहते हैं कि परियोजना को केवल एक इमारत तक सीमित न रखा जाए, बल्कि चेन्नई के बाहर 500 से 1,000 एकड़ भूमि पर एक एकीकृत प्रशासनिक शहर बनाया जाए। साथ ही मछुआरा संगठनों ने बेहतर सड़क और सार्वजनिक परिवहन कनेक्टिविटी को अनिवार्य शर्त बताया है।
थिरुविदानथाई में प्रशासनिक शहर का पुराना प्रस्ताव क्या था?
2000 के दशक की शुरुआत में राज्य सरकार ने थिरुविदानथाई-थैयायूर क्षेत्र में एक बड़ा प्रशासनिक केंद्र बनाने पर विचार किया था, जिसमें मल्लापुरम के पास लगभग 2,000 एकड़ भूमि शामिल थी। अधिकारियों का अनुमान था कि इस पैमाने का प्रशासनिक शहर बसाने में 15 से 20 वर्ष लग सकते हैं, इसलिए इसे तत्काल लागू करने योग्य नहीं माना गया।
नए सचिवालय स्थल के अंतिम चयन के लिए किन मानदंडों पर विचार होगा?
अंतिम निर्णय के लिए भूमि की उपलब्धता, परिवहन संपर्क, पर्यावरणीय प्रभाव, बुनियादी ढाँचे की लागत, भविष्य में विस्तार की क्षमता, आपदा प्रबंधन और आम जनता की पहुँच जैसे कारकों का विस्तृत मूल्यांकन करना होगा। यह प्रस्तावित परिसर अगली सदी तक तमिलनाडु की प्रशासनिक ज़रूरतें पूरी करने के लिए बनाया जाना है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 सप्ताह पहले
  2. 2 सप्ताह पहले
  3. 3 सप्ताह पहले
  4. 4 सप्ताह पहले
  5. 4 सप्ताह पहले
  6. 1 महीना पहले
  7. 2 महीने पहले
  8. 6 महीने पहले