हुबली: हेसकॉम इंजीनियर दंपति पर लोकायुक्त का शिकंजा, 4 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक के हुबली में लोकायुक्त ने आय से अधिक संपत्ति के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए हुबली इलेक्ट्रिसिटी सप्लाई कंपनी (हेसकॉम) के सहायक कार्यपालन अभियंता (एईई) किरण कुमार बिंदुरु और उनकी पत्नी के कुल 4 ठिकानों पर 22 सितंबर 2026 को एक साथ छापेमारी की। लोकायुक्त की टीम ने यह कार्रवाई न्यायालय की अनुमति प्राप्त करने के बाद की, और अधिकारियों के अनुसार दंपति के खिलाफ लंबे समय से शिकायतें दर्ज थीं।
छापेमारी का विस्तार और ठिकाने
लोकायुक्त डिप्टी एसपी बसवराज बुदनी ने पुष्टि की कि चारों ठिकानों पर एक साथ कार्रवाई की गई। इनमें हुबली के अक्षय पार्क स्थित दंपति का आवास, तबीब लैंड स्थित हेसकॉम कार्यालय, गोपनाकोप्पा स्थित हेसकॉम कार्यालय — जहाँ किरण कुमार की पत्नी प्रीति किरण कुमार (उर्फ श्रुति) तैनात हैं — और धारवाड़ में किरण कुमार के भाई का घर शामिल हैं।
उल्लेखनीय है कि यह दंपति एक ही विभाग में कार्यरत है — किरण कुमार और उनकी पत्नी प्रीति दोनों हेसकॉम में एईई के पद पर सेवारत हैं।
जाँच में क्या मिला
लोकायुक्त अधिकारियों ने घरों और कार्यालयों में दस्तावेज़, संपत्ति के कागजात, बैंक खाते और अन्य परिसंपत्तियों की जाँच शुरू कर दी है। प्रारंभिक सूचनाओं के अनुसार, कथित तौर पर आय से काफी अधिक संपत्ति मिलने की आशंका जताई जा रही है। हालाँकि बुदनी ने स्पष्ट किया कि संपत्ति का आधिकारिक आँकड़ा जाँच पूरी होने के बाद ही सार्वजनिक किया जाएगा।
शिकायतों की पृष्ठभूमि
अधिकारियों के अनुसार, इस दंपति के विरुद्ध काफी समय से शिकायतें प्राप्त हो रही थीं। इसी आधार पर लोकायुक्त ने आवश्यक न्यायिक अनुमति लेकर यह छापेमारी अभियान चलाया। यह ऐसे समय में आया है जब कर्नाटक में सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार के विरुद्ध लोकायुक्त की कार्रवाइयाँ तेज हुई हैं।
विभाग और अधिकारियों पर असर
गौरतलब है कि हेसकॉम जैसे सरकारी विद्युत वितरण विभाग में अभियंता पद पर रहते हुए आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का यह मामला चर्चा का विषय बन गया है। लोकायुक्त की इस कार्रवाई से विभाग के अन्य अधिकारियों में भी हलचल मच गई है। जाँच पूरी होने के बाद यह स्पष्ट होगा कि दंपति के खिलाफ आगे क्या कानूनी कदम उठाए जाते हैं।