आईजीआरएस पर गलत रिपोर्ट लगाने वालों पर सख्त कार्रवाई करें: सीएम योगी का गोरखपुर जनता दर्शन में निर्देश
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 2 नवंबर 2026, सोमवार को गोरखपुर प्रवास के दौरान गोरखनाथ मंदिर में जनता दर्शन आयोजित किया और आईजीआरएस (समन्वित शिकायत निवारण प्रणाली) पोर्टल पर गलत रिपोर्ट दर्ज करने वालों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई के निर्देश अधिकारियों को दिए। यह लगातार दूसरा दिन था जब सीएम योगी ने गोरखपुर में जनसामान्य से सीधा संवाद किया।
जनता दर्शन में क्या हुआ
गोरखनाथ मंदिर परिसर के महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के बाहर आयोजित इस जनता दर्शन में मुख्यमंत्री ने करीब 200 लोगों की समस्याएं सुनीं। फरियादियों के प्रार्थना पत्र स्वीकार कर उन्होंने अधिकारियों को सौंपे और स्पष्ट निर्देश दिया कि हर समस्या का निस्तारण त्वरित, गुणवत्तापूर्ण और संतुष्टिप्रद होना चाहिए।
जनता दर्शन में कुछ लोगों ने आईजीआरएस पोर्टल पर गलत रिपोर्ट दर्ज किए जाने की शिकायत की। इस पर मुख्यमंत्री ने कड़ी नाराज़गी जताते हुए अधिकारियों को आदेश दिया कि ऐसे लोगों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई अमल में लाई जाए।
जवाबदेही और पारदर्शिता पर जोर
सीएम योगी ने कहा कि हर पीड़ित व्यक्ति की समस्या पर संवेदनशीलता के साथ ध्यान दिया जाए और समयबद्ध व पारदर्शी तरीके से उसका निस्तारण सुनिश्चित हो। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि यदि किसी प्रकरण में पीड़ित को लगातार परेशानी का सामना करना पड़ा है, तो उसकी जाँच कर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए।
जबरन जमीन कब्जाने की शिकायत पर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को कठोर कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी को भी घबराने की आवश्यकता नहीं है — सभी की समस्याओं का समाधान सुनिश्चित कराया जाएगा।
इलाज के लिए आर्थिक मदद का आश्वासन
जनता दर्शन में कुछ फरियादी चिकित्सा उपचार के लिए आर्थिक सहायता की गुहार लेकर पहुंचे। सीएम योगी ने उन्हें आश्वस्त किया कि इलाज में धन की कमी बाधक नहीं होगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि अस्पताल के अनुमान (एस्टीमेट) की प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण कर शासन को भेजी जाए, ताकि मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से पर्याप्त राशि उपलब्ध कराई जा सके।
दिव्यांग युवती का रोजगार अनुरोध
जनता दर्शन में एक दिव्यांग युवती ने परिवार की आर्थिक कठिनाई का उल्लेख करते हुए अपने इंटरमीडिएट उत्तीर्ण भाई के लिए रोजगार की व्यवस्था का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इस प्रार्थना पत्र के संबंध में उचित सहयोग सुनिश्चित किया जाए।
यह ऐसे समय में आया है जब राज्य सरकार डिजिटल शिकायत निवारण तंत्र को और अधिक विश्वसनीय बनाने पर जोर दे रही है। आईजीआरएस पोर्टल की प्रामाणिकता सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्री का यह निर्देश उस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।